September 24, 2021
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भालू ने पति को मार डाला फिर 3 घंटे बैठकर खाया मांस, घायल पत्नी जान बचाकर भागी

भालू ने पति को मार डाला फिर 3 घंटे बैठकर खाया मांस, घायल पत्नी जान बचाकर भागी
हरित छत्तीसगढ़ न्यूज़
रघुनाथनगर वन परिक्षेत्र के ग्राम पंचायत गिरवानी के मनबासा जंगल की घटना, बकरी चराने गए थे पति-पत्नी*
वाड्रफनगर. वन परिक्षेत्र रघुनाथनगर के ग्राम पंचायत गिरवानी के मनबासा ग्राम के जंगल में गुरुवार की दोपहर पत्नी के साथ बकरी चराने गए ग्रामीण पर भालू ने हमला कर दिया। भालू उसे बुरी तरह नोंचने लगा। इस पर उसे बचाने पहुंची पत्नी पर भी भालू ने हमला कर उसे जख्मी कर दिया।
वह तो किसी तरह जान बचाने में कामयाब हो गई, लेकिन पति को भालू ने मार डाला और उसके दोनों पैर का मांस भी खाया। भालू करीब 3 घंटे तक मृतक के शव के पास बैठा रहा। वन अमले, पुलिस व ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद भालू को खदेड़कर शव को बरामद किया।
इस घटना से ग्रामीण दहशत में हैं। दो दिन पूर्व ही इस भालू ने ग्राम गिरवानी में ही एक घर में घुसकर 8 बकरियों को मारने के साथ ही पति-पत्नी को जख्मी कर दिया था। ग्रामीण अब इस भालू को मारने की मांग कर रहे हैं।

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के रघुनाथनगर वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम मनबासा निवासी 42 वर्षीय लक्ष्मण पोया पिता श्यामलाल गुरुवार की दोपहर लगभग 2 बजे पत्नी सुबासो के साथ जंगल में बकरी चरा रहा था। इसी बीच झाडिय़ों से निकलकर आए भालू ने लक्ष्मण के ऊपर हमला कर उसे नोंचने लगा।
लक्ष्मण की आवाज सुनकर कुछ ही दूरी पर मौजूद सुबासो मौके पर पहुंची और हिम्मत दिखाते हुए भालू को भगाने की कोशिश की। लेकिन भालू ने उस पर हमला कर दाहिने पैर को जख्मी कर दिया। इस पर वह किसी तरह भालू से संघर्ष कर उसके चंगुल से मुक्त हो गई।
इसके बाद भालू ने दोबारा घायल लक्ष्मण पर हमला कर उसे बुरी तरह नोंच डाला। इससे उसकी मौत हो गई। इधर शोरगुल की आवाज सुनकर बड़ी संख्या में ग्रामीण लाठी-डंडे के साथ मौके पर पहुंचे और सबसे पहले जख्मी महिला को संजीवनी 108 से उपचार के लिए वाड्रफनगर अस्पताल भेजा।

शव के पास बैठा रहा भालू
ग्रामीण को मौत के घाट उतारने के बाद भालू उसके शव के पास ही बैठा रहा। इस दौरान भालू ने उसके दोनों पैर के मांस का सेवन किया। वहां मौजूद लोगों ने लाठी-डंडे व पत्थर से भालू को खदेडऩे की कोशिश की लेकिन वो नहीं भागा। इस बीच घटना की जानकारी मिलने पर वन विभाग तथा रघुनाथनगर व बलंगी की पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
वन विभाग व पुलिस की संयुक्त टीम ने करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद भालू को वहां से खदेड़ा, फिर शव को बरामद कर गांव में लाया। वहीं मृतक की पत्नी का वाड्रफनगर अस्पताल में उपचार जारी है।

ग्रामीणों ने काफी देर तक नहीं उठाने दिया शव
वन विभाग द्वारा मृतक के परिजन को 25 हजार रुपए की तात्कालिक सहायता राशि प्रदान की। वन विभाग व पुलिस की टीम जब जंगल से शव लेकर गांंव में पहुंची तो आक्रोशित ग्रामीण पीएम के लिए शव ले जाने का विरोध करने लगे। उन्होंने कहा कि ये भालू पिछले कई दिनों से क्षेत्र में आतंक मचा रहा है,
दो दिन पूर्व ही ग्राम गिरवानी में इसी भालू ने घर में घुसकर 8 बकरियों को मारने के साथ ही पति-पत्नी को घायल कर दिया था। ग्रामीण भालू को आदमखोर बताकर उसे मारने की मांग करने लगे। इस पर वन विभाग के अधिकारियों ने उन्हें बड़ी मुश्किल से समझाइश दी और शव को पीएम के लिए वाड्रफनगर अस्पताल भेजा।

6 बेटियों के सिर से उठा पिता का साया
इस घटना से मृतक के परिजन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक घर का इकलौता कमाऊ सदस्य था। उसकी ६ बेटियां हैं। इसमें से एक की ही शादी हो सकी है। घर के मुखिया की मौत से बेटियों व पत्नी के भरण-पोषण की समस्या खड़ी हो गई है।

सोनहत के जंगल में डटे हैं 15 हाथी
रघुनाथनगर वन परिक्षेत्र इन दिनों हाथियों व भालू के आतंक से थर्राया हुआ है। वन परिक्षेत्र के ग्राम सोनहत के जंगल में पिछले कुछ दिनों से 15 से भी अधिक हाथियों का दल विचरण कर फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। इधर भालू लोगों व जानवरों को मौत के घाट उतार रहा है। इससे ग्रामीण काफी दहशत में हैं।

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