September 25, 2021
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राष्ट्रपति कोविंद की बहू को भाजपा से नहीं मिला टिकट, निर्दलीय उतरीं मैदान में

नई दिल्लीः यूपी नगरनिकाय चुनाव में तमाम दावेदारों ने सत्ताधारी भाजपा से टिकट के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिए। कुछ को टिकट मिला तो कुछ को निराशा हाथ लगी। निराश दावेदारों में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की बहू का नाम भी शुमार हो गया। भाजपा ने उनकी बहू की दावेदारी को खारिज कर दी। जिस पर वह भाजपा उम्मीदवार के खिलाफ निर्दलीय ही चुनाव लड़ेंगी।राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की बहू दीपा कोविंद कानपुर की झिंझक नगर पालिका परिषद चेयरपर्सन सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ेंगी। दीपा कोविंद ने ने गुरुवार (नौ नवंबर) को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। दीपा रामनाथ कोविंद के भतीजे पंकज कोविंद की पत्नी हैं। पंकज कोविंद ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा कि उनकी पत्नी पिछले कुछ समय से नगर पालिका परिषद चुनाव लड़ने का प्रयास कर रही थीं। पंकज के अनुसार स्थानीय लोग और उनेक मित्र-रिश्तेदार चाहते थे कि दीपा चुनाव लड़ें। लेकिन दीपा को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से चुनाव का टिकट मिलना स्थानीय लोगों में चर्चा का विषय है। माना जा रहा है कि बीजेपी से टिकट न मिलने के बाद ही दीपा ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर पर्चा भरा। दीपा के कुछ समर्थकों का आरोप है कि बीजेपी ने सही उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया है। गौरतलब हो की झींझक नगर पालिका अनुसूचित महिला के लिए आरक्षित होने के बाद इस बार भाजपा से राष्ट्रपति के परिवार के दो लोगों ने टिकट के लिए आवेदन किया था। टिकट मांगने वालों में उनकी भाभी विद्यावती के अलावा भतीजे पंकज कोविंद की पत्नी दीपा कोविंद शामिल थीं। मंगलवार को जारी हुई भाजपा की सूची में उनके परिवार के किसी सदस्य का नाम नहीं है। भाजपा ने सरोजनी देवी कोरी को झींझक से उम्मीदवार घोषित किया है। सूची जारी होते ही दीपा कोविंद ने निर्दलीय ताल ठोंकने का ऐलान किया है। दीपा के पति पंकज ने बताया कि तीन महीने से चुनाव को लेकर तैयारियां कर रहे थे। सूची में स्थान न मिलने पर जनता के आदेश पर ही दीपा ने मैदान में उतरने का फैसला किया है। 

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