Sharing is caring!

Image result for जीएसटी में क्या हुवा सस्तापरिषद ने 28 प्रतिशत के सर्वाधिक कर दर वाले स्लैब में वस्तुओं की संख्या को घटाकर सिर्फ 50 कर दिया है जो कि पहले 227 थी. लगातार हो रही आलोचनाओं के बीच सरकार ने जीएसटी के दरों में एक बार फिर से बदलाव किया है। जीएसटी काउंसिल की मीटिंग में रोजमर्रा की इस्तेमाल की जाने वाली चीजों के साथ-साथ कई चीजों पर जीएसटी दर 28 से घटाकर 18 फीसदी कर दी गई है। देखिए क्या क्या हुआ सस्ता।जीएसटी परिषद ने यहां अपनी 23वीं बैठक में आज 177 वस्तुओं पर कर दर में कटौती कर दी. उल्लेखनीय है कि विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्य व्यापक खपत वाली वस्तुओं को 28 प्रतिशत कर दायरे में रखने का विरोध कर रहे थे. Image result for जीएसटी में क्या हुवा सस्ताअब तक के सबसे बड़े बदलाव के तहत च्यूइंग गम से चॉकलेट और सौंदर्य प्रसाधन से लेकर कलाई घड़ी तक 200 से ज्यादा चीजों पर टैक्स की दरें कम करने की घोषणा की है। दैनिक उपयोग की 178 वस्तुओं पर 28 फीसदी के बजाय अब 18 फीसदी जीएसटी वसूला जाएगा। सरकार के इस कदम से पेंट और सीमेंट को छोड़कर घर बनाने की सभी वस्तुएं सस्ती हो गई हैं। इसके अलावा फाइव स्टार होटलों को छोड़कर सभी रेस्त्रां पर एक समान पांच फीसदी का टैक्स लिया जाएगा। शुक्रवार को जीएसटी परिषद की गुवाहाटी में हुई 23वीं बैठक में सर्वसम्मति से ये फैसले किए गए। अब 28 फीसदी के उच्चतम दर के दायरे में सिर्फ 50 लग्जरी वस्तुएं बच गई हैं। इस निर्णय से सरकार को सालाना 20 हजार करोड़ रुपये के राजस्व की चपत लगेगी।Image result for जीएसटी में क्या हुवा सस्तासुशिल मोदी ने बताया की इसलिए आज जीएसटी परिषद ने ऐतिहासिक फैसला किया कि 28 प्रतिशत जीएसटी दर में केवल 50 वस्तुएं ही होंगी. इस स्लैब से हटायी गयी बाकी वस्तुओं पर कर दर को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है. रंग रोगन व सीमेंट को 28 प्रतिशत कर दायरे में ही रखा गया है. उन्होंने कहा, वाशिंग मशीनों व एयर कंडीशनर जैसे लग्जरी उत्पादों को 28 प्रतिशत जीएसटी दायरे में रखा गया है. उन्होंने कहा कि जीएसटी परिषद के फैसले का राजस्व पर असर 20,000 करोड़ रुपये सालाना होगा. सुशील मोदी ने कहा, इस बात पर सहमति थी कि 28 प्रतिशत स्लैब को धीरे-धीरे 18 प्रतिशत पर लाया जाए. लेकिन इसमें समय लगेगा क्योंकि इससे सरकारी खजाने पर बड़ा असर होगा. 

Sharing is caring!