September 25, 2021
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जोगी के धमक के बाद राजा रणविजय प्रताप सिंह जूदेव का शक्ति प्रदर्शन।।

जोगी के धमक के बाद राजा रणविजय प्रताप सिंह जूदेव का शक्ति प्रदर्शन।।

हरितछत्तीसगढ़ मुकेश नायक जशपुर की रिपोर्ट

पिछले दिनों जिले के ग्राम लोधमा में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में सरीक होने आए छ•ग• के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी के भाजपा के गढ़ जशपुर जिले में आगमन के बाद जशपुर के सर्द मौसम में सियासी पारा अपने चरम में हैं। अजीत जोगी के तपकरा, सिंगीबहार, केरसई तथा कुनकुरी में हुए भव्य स्वागत के खबर वायरल होने के बाद शनिवार को राजा रणविजय सिंह जूदेव के द्वारा तपकरा क्षेत्र में जनसंपर्क का कार्यक्रम रखा गया। इसी तारतम्य में ग्राम केरसई से तपकरा तक भाजयुमो मंडल- तपकरा के द्वारा सैंकड़ों दुपहिया वाहनों से भव्य बाइक रैली निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया गया तथा केरसई एवम सिंगीबहार में रणविजय सिंह जूदेव एवम उनके साथ पधारे विक्रांत सिंह ठाकुर जिलाध्यक्ष भाजयुमो- जशपुर, अमन शर्मा जिला महामंत्री भाजयुमो जशपुर का श्रीमती गोमती साय जिला पंचायत अध्यक्ष, कपिलेश्वर सिंह सांसद प्रतिनिधि, मनोज जायसवाल युवा नेता, गोपाल कश्यप बीडीसी, हरिनन्दन चौहान मंडल अध्यक्ष भाजयुमो, उपाध्यक्ष सीताराम प्रसाद गुप्ता, केरसई सरपंच विशेश्वर पैंकरा तपकरा सरपंच कमल भगत ,कार्यकर्ता नटवर मूंदड़ा जिला पंचायत सदस्य अजय शर्मा एवम केरसई, सिंगीबहार, तपकरा के युवाओं एवम बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया। जिसके बाद रणविजय सिंह जूदेव काफिले के साथ तपकरा के लिए रवाना हुए जहां उन्होंने भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता दिवंगत मोहन सोनी जी की धर्मपत्नी श्रीमती लक्ष्मी सोनी के शोक सभा में सम्मिलित होकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरे को रणविजय सिंह जूदेव एक औपचारिक जनसंपर्क बता रहे लेकिन इसके कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। आमजनों में चर्चा है कि यह जोगी के दौरे के बाद रणविजय का शक्ति प्रदर्शन है। इसी बीच केरसई में भाजयुमो के नेता द्वारा जोगी का फूल माला स्वागत करने का मुद्दा गरमाया हुआ था। बीजेपी के ही कुछ कार्यकर्ताओं ने इसकी शिकायत राजा साहब से कर दी। इस संदर्भ में जब हमने केरसई बीडीसी एवम भाजयुमो मण्डल महामंत्री से फोन में चर्चा की तो उन्होने कहा कि- ” किसी भी बीजेपी कार्यकर्ता द्वारा माला पहनाकर स्वागत करने जैसी कोई घटना हुई ही नहीं है , मैं संबंधित कार्यकर्ता के घर उस वक़्त उनके साथ मौजूद था। और हमारा कोई कार्यकर्ता यदि राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री के नाते उनका स्वागत करता भी है तो इसमें गलत क्या है। ऐसे मामले को सियासी रंग देना काफी दुर्भाग्यपूर्ण है।”
जिस तरह से बीजेपी कार्यकर्ताओं का अंतर्कलह सार्वजनिक हुआ इस पूरे घटनाक्रम से एक बात तो साफ हो गया कि बीजेपी के अंदर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा। कार्यकर्ताओं के बीच एक दूसरे की टांग खींचने की जबरजस्त होड़ मची हुई है।

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