January 20, 2022
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सूरजपुर रेण नदी में पलटी नाव नाविक की सूझबूझ से बची स्वास्थ्यकर्मियों की जान

रेण नदी में पलट गई हेल्थ वर्करों को लेकर लौट रही नाव, नाविक ने बचा ली जान
स्वास्थ्य मेला आयोजित कर नाव में बाइक रखकर लौट रहे थे दो स्वास्थ्यकर्मी, नदी में कम था पानी, नाविक ने दिया सूझबूथ का परिचय

HaritChattisgarhPappu jaiswal

बिहारपुर = ओडग़ी के दूरस्थ ग्राम लांजित में आयुष स्वास्थ्य मेला का आयोजन कर नाव पर बाइक रखकर वापस लौट रहे स्वास्थ्यकर्मियों की नाव रेण नदी में पलट गई। गनीमत रही कि नदी में पानी कम था। इस दौरान नाविक की सूझबूझ से स्वास्थ्यकर्मी बाल-बाल बच गए। दोनों को सकुशल बाहर निकाला गया।

गौरतलब है कि सूरजपुर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ओडग़ी द्वारा स्वास्थ्य कर्मचारी शिवप्रसाद धुर्वे एवं श्रीराम राजवाड़े को ग्राम लांजित में आयुष स्वास्थ्य मेला आयोजित कर ग्रामीणों का उपचार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके तहत दोनो कर्मचारी ओडग़ी से अपनी-अपनी बाइक से लांजित के लिए रवाना हुए थे।जाते वक्त तो दोनों कर्मचारी कुप्पा नावघाट में नाव की सवारी कर सकुशल लांजित पहुंच गये थे, जहां उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र परिसर में चिकित्सक डॉ. आरके पटेल के नेतृत्व में 5 बजे तक आयूष स्वास्थ्य मेला का आयोजन भी किया। उन्होंने स्वास्थ्य मेला में मरीजों का उपचार किया फिर वापस ओडग़ी लौटने के लिए कुप्पा घाट पहुंचे।
यहां उन्होंने पूर्व की भांति अपनी बाइक नाव में लोड कर स्वयं सवार हुए तो कुछ दूर जाने के बाद रेणनदी में अनियंत्रित होकर नाव पलट गई। इससे स्वास्थ्य कर्मचारी और उनकी बाइक भी नदी में डूबने लगी। लेकिन नाविक की सूझबूझ से दोनों स्वास्थ्यकर्मी को सकुशल बाहर निकाल लिया गया और उनकी बाइक भी नदी से निकालकर घाट तक पहुंचा दी गई।

पिछली बरसात में बह गया था कुप्पा घाट का पुल
स्वास्थ्यकर्मियों व मोटर साइकिल को लेकर जिस रेणनदी को नाव से पार किया जा रहा था, रेणनदी के इसी स्थान पर करोड़ों की लागत पुल का निर्माण तीन साल पूर्व ही किया गया था। लेकिन अतिवृष्टि के दौरान इस नदी में पानी का तेज बहाव होने से कुप्पा घाट में बना यह पुल धराशायी हो गया था।
परिणाम स्वरूप कुप्पा घाट में रेणनदी को पार करने के लिए लोगों द्वारा नाव का सहारा लिया जाता है। स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों ने नाव से नदी पार कराने की व्यवस्था की है। इस पुल के टूट जाने से लांजित, कुप्पा, मयूरधक्की, सोहर समेत आठ ग्रामों का सम्पर्क तहसील और जिला मुख्यालय से टूट सा गया है।
विषम परिस्थितियों में नाव से ही नदी पार कर लोग तहसील व जिला मुख्यालय जाना आना करते हैं। हाल ही में इन आठ ग्रामों के ग्रामीणों ने लामबंद होकर महापंचायत बनाई है और पुल निर्माण शुरू न होने की स्थिति में विधानसभा व लोकसभा के चुनाव में मतदान का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।

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