September 17, 2021
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सावन के अंतिम सोमवार को किलकिलेष्वर धाम में उमड़ा जन सैलाब

भक्तों के लिये नगर में की गई भण्डारा एवं डीजे 

जशपुर रोड नया बाजार में शिव भजनों ने बांधा शमा

हरित छत्तीसगढ़ विवेक तिवारी
पत्थलगांव। सावन महीने के अंतिम सोमवार को पत्थलगांव के किलकिलेष्वर धाम में शिव भक्तों की आसपास के क्षेत्रों से हजारों की भारी भीड़ उमड़ी। भोले भंडारी को खुश करने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए कोई मंदिरों में जलाभिषेक कर रहा है तो कोई दूध व बेल की पत्तियों से पूजा- अर्चना कर रहा था।
विदित हो कि पत्थलगांव के किलकिलेशवर धाम में हजारों श्रद्धालुओं के द्वारा भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया गया। यहां के किलकिला धाम में गुरुवार को प्रतिवर्ष की भांति लैलुंगा, धरमजयगढ़, लोकेर क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं के द्वारा जलाभिषेक किया जाता है।

प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी ग्राम लोकेर, धरमजयगढ़, लैलुंगा के हजारों शिव भक्त किलकिलेष्वर धाम से जल उठाकर अपने गन्तव्य स्थान पर जाकर जलाभिषेक करते हैं। इसी क्रम में दिन रविवार को दोपहर से ही शिव भक्तों का नगर में चहल-पहल देखने को मिल रहा था। पदयात्रियों के आगमन से पूरे नगर का माहौल भक्तिमय बना हुआ था। देर रात्रि तक यही सिलसिला चलता रहा। उधर किलकिला में भी मंदिर परिसर कांवरियों से खचाखच भरा हुआ था। रविवार की दोपहर से ही यहां कांवरियों का पहुंचना शुरु हो गया था। शिवभजनों ने यहां समां बांध रखा था।

शिव संगीत पर झूमते गाते कांवरियों से यहां का नजारा देखते ही बनता था। श्रद्धालुओं में इस बार खास उत्साह देखने को मिल रहा है। श्रद्धालुओं का जत्था रविवार को भगवान भोलेनाथ के द्वार पहुंचे व यहां के मांड नदी से जल उठाकर अपने क्षेत्र के शिव मंदिरो में पहुचकर जलाभिषेक किया जाता है। यहां के किलकिलेष्वर धाम से कांवरियों का जत्था बोल बम के नारे लगाते हुए अपने अपने क्षेत्र की ओर प्रस्थान किया जाता है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिये किलकिला में भण्डारे का भी आयोजन किया गया था। उनके लिये पत्थलगांव नगर में भी जगह-जगह साउन्ड सिस्टम व अल्पाहार की व्यवस्था की गई थी, यहां श्रद्धालुओं के द्वारा भक्ति में भाव विभोर होकर नाचने गाने लगे।

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