September 17, 2021
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हरितछत्तीसगढ़ में प्रकाशित खबर के बाद प्रशासन ने तपकरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की सुध लेनी शुरू कर दी

हरितछत्तीसगढ़ में प्रकाशित खबर के बाद प्रशासन ने तपकरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की सुध लेनी शुरू कर दी
हरित छत्तीसगढ़ विवेक तिवारी जशपुर।
नागलोक के नाम से मशहूर तपकरा क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं में बढ़ोत्तरी को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंग द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का 20 बिस्तर अस्पताल में उन्नयन की घोषणा को दो साल होने को है लेकिन आज पर्यंत तक 20 बिस्तर अस्पताल तो दूर अभी तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ही समुचित स्वास्थ लाभ नही मिल पा रहा है।इस सम्बंध में बीते दिनों हरितछत्तीसगढ़ ने प्रमुखता खबर चलाया था खबर प्रकाशन होने के बाद प्रशासन इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद के उन्नयन को लेकर सक्रिय हो गयी है,जहा मुख्यमंत्री के घोषणा के अनुरूप 20 बिस्तर उन्नयन हेतु लोक निर्माण विभाग द्वारा एक करोड़ से ज्यादा की लागत का इस्टीमेट तैयार कर उसे बजट स्वीकृति हेतु प्रस्तावित किया है वही लागत राशि ज्यादा होने की वजह से बजट में जुड़ने में हो रही लेट लतीफी को देखते हुवे जिला कलेक्टर ने अनुभव पहल करने की कोशिश की है बताया जा रहा है कि जिला कलेक्टर प्रियंका शुक्ला ने जिले के आस्ता क्षेत्र हेतु मॉडल पीएससी के लिए आबंटित राशि मे कटौती कर लगभग बीस लाख रुपये तपकरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद को जारी करने की कवायद तेज कर दी है वही गुरुवार की शाम कलेक्टर ने इस स्वास्थ्य केंद्र का ओचक निरीक्षण भी किया है यदि लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रस्तावित राशि आबंटित हो जाती है तो दोनों राशि से एक बेहतर स्वास्थ्य केंद्र का निमार्ण हो सकता है फिलहाल कलेक्टर महोदया ने जो रास्ता निकाला है उसके अनुरूप बीस लाख की लागत से एक बड़े हॉल का निर्माण कर बीस बेड स्थापित किये जा सकते है बहरहाल जो भी होगा तपकरा क्षेत्रवासियों के लिए यह राहत की खबर है,हरितछत्तीसगढ़ डॉट कॉम में प्रकाशित खबर के बाद ही सही आख़िरकार प्रशासन ने अपेक्षित पड़े इस स्वास्थ्य केंद्र की सुध तो ली अगर सब कुछ ठीक ठाक रहा तो बहुत जल्द इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को तपकरा वासी बीस बिस्तर में उन्नयन होते देखेंगे। विदित हो कि प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा 20 बिस्तर अस्पताल की घोषणा के बावजूद अभी तक इसकी पहल नही किये जाने से स्थानीय नागरिक अपने आप को छला महसूस कर रहे है।जानकारी के मुताबिक दो साल पहले मुख्यमंत्री जब क्षेत्र के प्रवास पर आये थे। उस समय भी स्थानीय लोगों 30 बिस्तर वाले अस्पताल के निर्माण की बात सामने रखी थी तो मुख्यमंत्री नागरिको के हित मे 20 बिस्तर अस्पताल की घोषणा करते हुए ग्रामीणों की यह मांग पूरा करने का आश्वाशन दिया था जो अब तक पूरी नहीं हो पाई है। इसका खामियाजा क्षेत्र वासियों को भुगतना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी रितेश कुमार सोनी ने बताया कि 10 बिस्तर वाले हॉस्पिटल में यहां के लोगों को उनकी आवश्यकता के हिसाब से सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। लोग बेड की कमी और अन्य सुविधाओं के समय पर नहीं मिलने के चलते जिला मुख्यालय और झारखण्ड राजधानी रांची समेत प्रदेश की राजधानी रायपुर तक की दौड़ लगाते हैं।

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