September 17, 2021
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आज से शिक्षाकर्मियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन

 आज से शिक्षाकर्मी आन्दोलन

हरितछत्तीसगढ़ मोती बंजारा कांसाबेल |

आज से शिक्षाकर्मियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन

समाज में ज्ञान का संचार करने वाला शिक्षक एक दीया की भांति होता है जो स्वयं को जलाकर विद्यार्थियों के जीवन को रौशन करता है यह कथन प्रतिकात्मक है। शिक्षाकर्मी सचमुच स्वयं को जलाकर समाज को रौशन करने का बीड़ा उठाया है प्रदेश के शिक्षाकर्मी शिक्षा के बुनियादी पत्थर हैं फिर भी इन पत्थरों को सहेजने वाला कोई नजर नहीं आता,शिक्षाकर्मी शब्द के अस्तित्व के साथ ही शिक्षकों का दोहन प्रारंभ हो गया था जो आज पर्यंत जारी है।

 विगत 22 वर्षों से शासन की भेदभाव नीति एवं उपेक्षा से शिकार जशपुर जिले सहित प्रदेश के शिक्षा कर्मियों ने इस बार शासकीयकरण,संविलियन, वेतन विसंगति, क्रमोन्नति सहित 9 सूत्रीय मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई के लिए प्रदेश की सभी शिक्षाकर्मी संगठनों ने मिलकर मोर्चा बनाया है।

 2012 के आंदोलन के बाद 5 वर्षों तक राज्य के विद्यार्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए शिक्षाकर्मियों ने कोई बड़ा आंदोलन नहीं किया है इस अवधि में सभी संघो द्वारा समय-समय पर शासन के अधिकारियों, विभाग के मंत्रियों और माननीय मुख्यमंत्री महोदय को अपनी मांगों के लिए गुहार लगाई है किंतु सरकार द्वारा अपने घोषणापत्र में किए गए वादे, शिक्षा के अधिकार कानून, सुप्रीम कोर्ट के निर्णय समान काम समान वेतन के अनुरूप आज तक ठोस नीति बनाकर संविलियन और शासकीय करण की मांग को पूरा नहीं किया गया है बल्कि शासन प्रशासन द्वारा कभी भत्तों की कटौती, कभी दो से अधिक संतान के नाम से नौकरी से बर्खास्तगी, प्रशिक्षण के नाम पर कार्यवाही, कभी अतिशेष के नाम पर भयादोहन, कभी पदोन्नति तो कभी अनुकंपा नियुक्ति, कभी वेतन विसंगति यहां तक की नियमित मासिक वेतन के लिए भी लाचार और बेबस होते रहे हैं।

शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा के जिला मिडिया प्रभारी लिलाम्बर यादव ने बताया कि प्रांतीय आह्वान पर 30 अक्टूबर को एक दिवसीय शाला का बहिष्कार करते हुए मांगों को लेकर अल्टीमेटम दिया गया किंतु मांगो पर सहानुभूति पूर्वक विचार नहीं किए जाने पर 20 नवंबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन की घोषणा की गई थी। 15 नवंबर को रायपुर में मोर्चा के प्रांत संचालकों के साथ सचिव स्तर की प्रथम वार्ता में मांगों पर सहमति नहीं बन पाने से अनिश्चितकालीन आंदोलन की घोषणा को बरक़रार रखते हुए आंदोलन के लिए मजबूर है।

 शिक्षाकर्मियों के अनिश्चितकालीन आंदोलन में चले जाने से जशपुर जिले सहित समूचे प्रदेश की स्कूलों में अध्यापन व्यवस्था बंद हो जाएगी  इस दौरान शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा के बैनर तले जिले के शिक्षाकर्मी विकासखंड स्तर पर आंदोलन में रहेंगे। आंदोलन के लिए मोर्चा ने रणनीति बनाई है जिले में आंदोलन का संचालन अनिल श्रीवास्तव संतोष टाण्डे एवं विनय सिंह करेंगे इसी प्रकार विकासखंडों में संबंधित विकासखंड अध्यक्ष करेंगे।

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