September 24, 2021
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शिक्षाकर्मियों की तालाबन्दी हड़ताल कल से

शिक्षाकर्मियों की तालाबन्दी हड़ताल कल से

फिर हड़ताल के लिए तैयार हैं शिक्षाकर्मी

संविलियन व क्रमोन्नति सहित 9 मांगों को लेकर करेंगे साला का बहिष्कार

जशपुर:-छत्तीसगढ़ में शिक्षाकर्मी महागठबंधन शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा के प्रांतीय आह्वान पर प्रदेश भर के करीब 1 लाख 80 हजार शिक्षाकर्मी कल 20 नवंबर से हड़ताल पर जा रहे हैं। इस तरह छत्तीसगढ़ प्रदेश फिर से हड़ताल के मुहाने पर खड़ा हो गया है। जिससे प्रदेश सहित जिले के अधिकांश सरकारी स्कूलों के प्रभावित होने की आशंका है क्योंकि शिक्षाकर्मियों ने हड़ताल के साथ स्कूलों में तालाबंदी करने का भी ऐलान कर दिया है। शिक्षाकर्मियों ने सरकार से वार्ता विफल होने के बाद अपने पहले के फैसले पर कायम रहने का फैसला किया है। जिससे सोमवार से वह हड़ताल भी करेंगे और स्कूलों का बहिष्कार भी इसका मतलब यह होगा कि ज्यादातर सरकारी स्कूलों में अघोषित छुट्टी होगी क्योंकि अगर टीचर ही नहीं रहेंगे तो पढ़ाएगा कौन ? क्योंकि प्रदेश सहित जिले भर के अधिकांश शासकीय स्कूल शिक्षा कर्मियों के भरोसे ही चल रहे हैं। शिक्षाकर्मियों का कहना है कि जब सरकार हमारी 9 सूत्रीय मांगों को मानने के लिए तैयार नहीं है तो उनके पास सिर्फ एक ही विकल्प बचा है वह है हड़ताल। 

      ज्ञात हो कि शिक्षाकर्मी पिछले कई वर्षों से लगातार शोषण का शिकार होते आ रहे हैं, अब वह इस स्थिति को बर्दाश्त नहीं करेंगे उन्हें आधा नहीं बल्कि पूरा अधिकार चाहिए । 

शिक्षाकर्मियों ने इसके पहले 30 अक्टूबर को सभी ब्लॉक मुख्यालयों में आंदोलन कर मुख्यमंत्री सहित मुख्य सचिव महोदय को ज्ञापन सौंपा था। शिक्षाकर्मियों की हड़ताल से घबराई सरकार के सचिव विकासशील की मौजूदगी में पिछले दिनों एक दौर की 3 घंटे की वार्ता हुई जो विफल रही। वहीं आज भी मुख्य सचिव एम के राउत व पंचायत सचिव विकासशील जी से मोर्चा संचालकों की वार्ता हो रही है जिसका नतीजा अभी तक नहीं आ पाया है। जिससे शिक्षाकर्मियों ने अपने आंदोलन को जारी रखने की तैयार कर ली है । 

शिक्षाकर्मियों के इस अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी से जिले भर के करीब ढाई हजार स्कूलों के लाखों बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी, क्योंकि नियमित शिक्षकों की संख्या महज कुछ आकड़ो तक ही सीमित रह गई है। शिक्षाकर्मियों की हड़ताल को इस बार संकुल समन्वयक और व्यायाम शिक्षकों का भी समर्थन मिला है।

प्रांतीय सहसंचालक श्री लीलाधर बंजारा एवं अर्जुन रत्नाकर तथा जिला संचालक श्री अनिल श्रीवास्तव,संतोष टांडे एवं विनय सिंह के नेतृत्व में जशपुर जिले के 2264 शाला में कार्यरत समस्त शिक्षाकर्मी शाला बंद कर हड़ताल में शामिल रहेंगे।जिला संचालक श्री अनिल श्रीवास्तव, संतोष टांडे व विनय सिंह ने जिले के सभी शिक्षाकर्मियों से अपील की है कि शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा के प्रांतीय संचालक मंडल द्वारा लिए गए निर्णय अनुसार आज 20 नवंबर से होने वाले अनिश्चितकालीन आंदोलन हम सभी शिक्षा कर्मियों के लिए एक महत्वपूर्ण समय है जिसमें हम सभी को कंधे से कंधा मिलाकर इसे सफल बनाना है। मोर्चा के मांग पत्र में सभी वर्ग की मांग को शामिल किया गया है, किसी भी वर्ग की मांग की अनदेखी नहीं की गई है इसलिए सभी साथियों से आग्रह है कि अधिक से अधिक संख्या में आंदोलन में सम्मिलित हों ।

         जिला मिडिया प्रभारी मो.अफरोज खान,सैयद सरवर हुसैन व मो.शकील अहमद खान ने संयुक्त रूप से हड़ताल के विषय में बताया कि शिक्षाकर्मी विगत कई वर्षों से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं परंतु शासन के द्वारा हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है जिस से आक्रोशित होकर प्रदेश सहित जिले भर के सभी शिक्षाकर्मी 20 नवंबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन करने के लिए बाध्य हो गए हैं।

इस अनिश्चितकालीन आंदोलन को सफल बनाने के लिए सभी ब्लॉकों में ब्लॉक संचालकों के साथ जिले के पदाधिकारीयों की टीम बनाकर सभी को जिम्मेदारी दे दी गई है।

*शिक्षाकर्मियों की हड़ताल से जिले के 2264 स्कूलों में होगी तालाबंदी की स्थिति:-*

मोर्चा के जिला सचिव श्री विपिन कुमार ओझा से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के सभी 8 ब्लॉक मुख्यालयों के सभी शिक्षाकर्मी आंदोलन में शामिल हो रहे हैं जिससे जिले के 1361 प्राइमरी स्कूल, 467 मिडिल स्कूल, 72 हाई स्कूल, एवं 74 हायर सेकंडरी स्कूलों में तालाबंदी की स्थिति निर्मित हो जाएगी।

*संविलियन से होगा लाभ:-*

शिक्षाकर्मियों के शिक्षा विभाग में संविलियन से शिक्षाकर्मियों को कई तरह की शासकीय सुविधाओं का लाभ मिलना शुरू हो जायेगा। सबसे पुरानी मांग तबादला नीति भी उन पर लागू हो जाएगी वही प्रतिनियुक्ति पर जाने की हकदार भी होंगे साथ ही साथ मेडिकल अलाउंस और यात्रा भत्ता भी उन्हें मिलने लगेगा। शिक्षा कर्मियों के वेतन में भी ₹6 हजार से ₹8 हजार तक की बढ़ोतरी हो जाएगी। तथा वेतन विसंगति की समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल जायेगी।

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