December 4, 2021
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प्राचार्या ने स्कूल की दीवार को बदरंग कर रहे पेंटर को दिखाया बाहर का रास्ता

 प्राचार्या ने स्कूल की दीवार को बदरंग कर रहे पेंटर को दिखाया बाहर का रास्ता

हरितछत्तीसगढ़ विवेक तिवारी/संजय तिवारी पत्थलगांव।। पत्थलगांव शहर के मध्य स्थित इंदिरा गांधी कन्या उच्चतर माध्यमिक स्कूल की दीवारों पर निजी संस्थाओं द्वारा अपने संस्थान एवं उत्पाद के प्रचार-प्रसार के लिए विज्ञापन रंगरोगन को लेकर यहां के प्राचार्या इंदवार ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुवे सोमवार को एक उत्पाद विज्ञापन के लिए स्कूल की दीवार को रंगरोगन करने की तैयारी में जुटे पेंटर औऱ अन्य कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाते हुवे उन्हें अपने साजो सामान के साथ स्कूल परिसर से रवाना किया इस दौरान सबंधित पेंटर ने अपने ऊंचे पहुंच का हवाला देते हुवे स्कूल की दीवार में ही विज्ञापन पेन्ट करने का निर्देश होने के कारण दीवार पर पेण्ट करने अड़ा रहा जिसके बाद सम्बन्धित प्राचार्या ने उसे कड़ी फटकार लगाते हुवे कानूनी कार्यवाही का हवाला दिया तब कहीं जाकर सम्बन्धित पेंटर और कर्मचारी वहां से चलते बने। विदित हो कि शहर के मध्य स्थित सबसे महत्वपूर्ण इस कन्या स्कूल की बॉउंड्री सड़क किनारे होने की वजह से इस दीवार को लोग विज्ञापन और पोस्टर चपका कर बदरंग कर दिए है जिसकी वजह से  स्कूल की शोभा बदसूरत दिखने लगी है,वही स्कूल के सामने नीम हकीम  के लगे तम्बू और फुटपाथी दुकानदारो ने स्कूल का गेट छोड़कर पूरे जगह पर कब्जा कर लिया है। इस सम्बंध में इस स्कुल के जनभागीदारी सदस्य श्यामनारायण गुप्ता ने बताया कि किसी भी शासकीय भवनों एवं दीवारों पर विज्ञापन लिखना एवं पोस्टर चस्पा करन अवैध है स्कूल परिसर की दीवारों पर विज्ञापन वाल पेंटिंग के खिलाफ उचित कार्यवाही की जाएगी। विदित हो कि स्कूल की बदरंग होती दीवार निजी संस्थाओं के लिए आय का जरिया बन रही है।

मगर इसकी रोकथाम के लिए जिम्मेदार अधिकारी सब कुछ जानकर अनजान बन रहे हैं। ऐसे में सरकारी भवन पर सरकार की योजनाओं की बजाय निजी स्कूलों सहित अन्य संस्थाओं का प्रचार हो रहा है। 

एक बार वाल पेंटिंग करवाने के बाद लंबे अर्से तक मुफ्त में संस्था का प्रचार होता है। ऐसे में प्रचार का ये जरिया निजी संस्थाओं के लिए फायदे का सौदा साबित हो रहा है। जबकि नियमों के मुताबिक किसी भी सरकारी भवन की दीवार का उपयोग निजी संस्थाओं के प्रचार-प्रसार के लिए नहीं किया जा सकता। इन मामलों में सम्बंधित प्रबन्धन को सम्बन्धित विज्ञापनकर्ताओं व स्वामी के विरुद्ध संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत नोटिस देकर करवाई की अनुशंषा किया जा सकता है। 

 

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