September 25, 2021
Breaking News

सक्ति: नौ सूत्रीय मांगों को लेकर धरने पर बैठे शिक्षाकर्मी

“नौ सूत्रीय मांगों को लेकर धरने पर बैठे शिक्षाकर्मी” 

हरितछत्तीसगढ़ सक्ती (बसन्त चन्द्रा):- जांजगीर चांपा जिला के सक्ती विकासखंड के अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों में पदस्थ सहायक पंचायत, शिक्षक पंचायत एवं व्याख्याता पंचायत अपनी 9 सूत्री मांगों को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं।

 विगत एक दो रोज पूर्व शासन के साथ संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधि मंडल की दो बार चर्चा विफल होने के पश्चात संघ आंदोलन की राह पर आगे बढ़ चुका है। इनका एकमात्र कथन है’ ‘जब तक हमें हमारी समस्त जायज नौ मांगों को शासन स्वीकार नहीं कर लेती तब तक यह आंदोलन अनवरत जारी रहेगा’।

 संयुक्त मोर्चा के बैनर तले ब्लॉक अध्यक्ष महेंद्र राठोर के नेतृत्व में सक्ति विकासखंड के लगभग 600 शिक्षा कर्मी आंदोलन में शामिल होकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराए।

  विदित हो कि सक्ति विकासखंड के अंतर्गत लगभग 940 के संख्या में पंचायत संवर्ग के शिक्षक कार्यरत हैं ,जिसमें लगभग 70% लोगों की उपस्थिति रही ।अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में ब्लॉक अध्यक्ष ने कहा कि सभी साथियों का जो सहयोग अपेक्षित है, वह हमें प्राप्त हो रहा है। फिर भी शत प्रतिशत उपस्थिति हमारा लक्ष्य है ।

ताकि हम शासन को बता सकें कि हम सब एक हैं, और अपनी मांग के लिए किसी भी स्तर तक जा सकते हैं ।मंच में विभिन्न वक्ताओं ने कहा कि विगत 20 -22 वर्षों से छत्तीसगढ़ सरकार शिक्षा कर्मियों का शोषण करते आ रही है। किंतु अब शोषण बर्दाश्त नहीं होता । अब हम शोषित नहीं रहेंगे । अपनी जायज़ मांगों को लेकर ही शांत होंगे।

 सभी वक्ताओं ने मंच के माध्यम से कहा कि अब समझोते का कोई रास्ता नहीं बचता। हमें सरकार से सभी 9 मांगों को स्वीकार करने की घोषणा की अपेक्षा है ।उसके अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं है । इसके साथ साथ हम किसी  भुलावे या बहकावे पर नहीं आने वाले हैं।

चरमराई शिक्षा व्यवस्था“:- सक्ती विकासखंड के अमुमन 70% पंचायत सवर्ग के शिक्षक आंदोलन में शामिल हुए । आंदोलन के वजह से यह स्थिति बन गई है कि सभी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है ।स्थानीय प्रशासन कहने को कह सकती है कि विद्यालय खुले रहे । किंतु विद्यालय केवल खोलने के लिए नहीं होता।वहां अध्यापन भी होना चाहिए ।तभी उसका कुछ तात्पर्य निकलता है अन्यथा नहीं। सही अर्थो में देखा जाए तो सक्ति विकासखंड के विद्यालय अवश्य खुले रहे। किंतु 99 प्रतिशत विद्यालयों में अध्यापन के नाम से एक पेराग्राफ का भी अध्यापन नहीं हुआ है।

कुल 304 स्कूलो में कर्तव्य पर तैनात केवल 149 शिक्षक” :-

सक्ति विकासखंड के पंचायत संवर्ग के शिक्षकों के हड़ताल पर चले जाने के पश्चात नियमित शिक्षक जिनकी संख्या प्राथमिक शाला ,माध्यमिक शाला से हायर सेकेंडरी स्तर तक के विद्यालयों में 149 नियमित शिक्षक हैं।  प्राथमिक से हायर सेकेंडरी तक 304 विद्यालय विकासखंड में संचालित है। इस स्थिति में समस्त विद्यालय खुले रहने की कोई बात करता है तो वह अपने आप में बहुत बड़ी झूठ होगी ।  विकास खंड में लगभग 304 विद्यालयों में मात्र 149 नियमित शिक्षक कार्यरत हैं। ऐसे में वे सभी विद्यालयों में कैसे उपस्थिति देंगे ।इसका अंदाजा आंकड़े से लगाया जा सकता है ।कुल मिला के कहा जाए कि वर्तमान परिवेश में पंचायत के शिक्षक, शिक्षा विभाग के रीड की हड्डी हैं । उनके बिना  शिक्षा विभाग के अस्तित्व की कल्पना करना दिवा स्वप्न है।इस दौरान ब्लॉक अध्यक्ष महेंद्र राठौर ,जिला उपाध्यक्ष राजेन्द्र राठौर, ब्लॉक उपाध्यक्ष राजेश राठौर,रविंद्र राठौर,देवप्रसाद भारद्वाज,सचिव शैलेश देवांगन,महेंद्रप्रताप राठौर कोषाध्यक्ष साहिल सिंह ,अनिल मरकाम संगठन सचिव प्रकाश राठौर ,यशवन्त तंवर, डोरेश  साहू,मदन मोहन जायसवाल,अनिल मरकाम   संकुल अध्यक्ष अभिमन्यु बघेल धनेश्वर चौहान,नंदकिशोर नौरंगे ,चंद्रप्रकाश चौहान,अनिल राठौर,मनोज राठौर ,जयप्रकाश बघेल,मुकुण्डकृष्ण पांडेय, उत्तम पटेल, कीर्ति चंद्रा,नीलमणी जगत ,श्रीमती मीनाक्षी जायसवाल, श्रीमती कमलादपी गबेल, श्रीमती मीना मरावी,श्रीमती विमला राठौर श्रीमती रानी दुबे, श्रीमती ममता राठौर, श्रीमती लता राठौर, श्रीमती रूपा चौहान, श्रीमती मनीषा भारद्वाज समेत भारी संख्या में शिक्षाकर्मी मौजूद थे।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *