October 25, 2020
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भाजपा की नई कार्यकारिणी गठन का यादव समाज ने किया विरोध

फाईल फोटो

भारतीय जनता पार्टी ने फिर छला यादव समाज को
ललित तिवारी/ हरित छत्तीसगढ़ रायगढ़. लगभग 30 लाख की आबादी वाला छत्तीसगढ़ राज्य में यादव समाज जोकि भारतीय जनता पार्टी का एक बहुत बड़ा वोट बैंक है, हिंदूवादी विचारधारा से जुड़कर यादव समाज ने भारतीय जनता पार्टी को वर्षों से साथ देते आ रही है और सबसे ज्यादा कट्टरपंथी समाज माना जाता है लेकिन दुर्भाग्य कि जिस समाज के बदौलत 15 साल राज की है उसी समाज को फिर छला गया। ज्ञात हो कि विगत 2018 के चुनाव में यादव समाज को प्राथमिकता नहीं दी गई, जिसका पूरे प्रदेश में विरोध हुआ साथ ही प्रदेश कार्यकारिणी में भी अपेक्षाकृत सम्मान नहीं मिला लेकिन वर्तमान समय में भी यादव समाज के लोगों ने विगत विभिन्न चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को सहयोग किया ,लेकिन इस समाज का दुर्भाग्य कहिए कि भारतीय जनता पार्टी सिर्फ पदों पर बैठे उच्च समाज के लोगों ने फिर यादव समाज को चल दिया पूरे प्रदेश के एकमात्र मधुसूदन यादव को छोड़ दें एक भी जिलाध्यक्ष नहीं बनाए गए प्रदेश कार्यकारिणी में मात्र एक राकेश यादव को लिया गया इससे स्पष्ट है भारतीय जनता पार्टी यादव समाज को अपना वोट बैंक तो समझती है लेकिन सिर्फ और सिर्फ हम लोगों से बनिहारी कराती है यादव समाज के बंधुओं आज समय आ गया है कि हम अपने अधिकार की लड़ाई के लिए संघर्ष हेतु तैयार रहें और आने वाले समय में इन्हें मुंहतोड़ जवाब दे हम जीवन भर इन्हें वोट देते रहेंगे और यह हमें चोट देते रहेंगे इसलिए चोट खाने से अच्छा है कि हम अपने आप में संगठित हो और अपना एक स्वयं का दल बनाएं विष्णु देव साय जो कि प्रदेश के अध्यक्ष है मात्र मोहरा है आदिवासी नेता होने के कारण बेचारे सीधे-साधे पड़ते है चलती किसी और की है इसलिए इसमें कार्यकारिणी गठन का यादव समाज खुलकर विरोध करती है तथा समाज की की गई उपेक्षा कर निंदा करते हुए भर्त्सना करती है निंदा करने वालों में प्रमुख रूप से रमेश यदु, तिरथ यादव जेलपारा, शिव शंकर यादव बैकंुठपुर और अनिल यादव पुसौर जो कि यादव समाज के उर्जावान कार्यकर्ता है ने कहा है कि हम तो पहले ही कह रहा थे कि हमारी सामाजिक भावनाओं को हर हमेशा ठेस पहुंचाया जा रहा है जब की 2003 के चुनाव में जोगी जी ने एक भी टिकट यादव समाज को नहीं दिया उसी स्थिति में यादव समाज ने बगावत कर भारतीय जनता पार्टी को सत्ता दिलाई लेकिन अपेक्षाकृत सम्मान समाज को नहीं मिला माननीय बिसरा राम यादव जो कि संघ के प्रांत संचालक रहे पूरा जीवन उन्होंने अपना सेवा संघ को दिया आज भी दे रहे हैं समाज ने कहा कि उन्हें राज्यसभा सदस्य बनाया जाए आज तक नहीं बनाया क्या मधुसूदन यादव को सांसद तो बनाया गया लेकिन बाद में उसे अब जिलाध्यक्ष बनाती है पिछले प्रदेश कार्यकारिणी में मात्र स्वर्गीय हेमचंद यादव रहे उनके निधन के पश्चात किसी दूसरे को सम्मान नहीं दिया गया अभी वर्तमान समय में विष्णुदेव साय जी नई कार्यकारिणी में भी यादव समाज की घोर उपेक्षा हुई इससे स्पष्ट है यादव जाति सिर्फ और सिर्फ इनका वोट बैंक बनकर रहेगा मैं इस नई कार्यकारिणी में यादवों के उपेक्षा की घोर निंदा करता हूंहरित

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