October 24, 2020
Breaking News

समाज व राष्ट्र निर्माण के लिए शासकीय स्कूलों में शिक्षा के स्तर में सुधार जरूरी — मनोहर जायसवाल की कलम से…

समाज व राष्ट्र निर्माण के लिए शासकीय स्कूलों में शिक्षा के स्तर में सुधार जरूरी — मनोहर जायसवाल की कलम से…

हरित छत्तीसगढ़ न्यूज़ संवाददाता प्रवीण थॉमस सारंगढ़


आज के युग में देखा जा रहा है कि आम आदमी से लेकर खास आदमी भी अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाना चाहता है जिससे कि वर्तमान में शासकीय स्कूलों की उपेक्षा होनी शुरु हो गयी हैं इसका एक कारण यह भी है कि लोगों की आम सोच अब खास हो गयी है जिससे कि शासकीय स्कूलों में भी शिक्षा के स्तर में गिरावट आयी हैं लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं की सभी शासकीय स्कूलों की दशा एक जैसी हो अभी भी ऐसे बहुत से स्कूल हैं जहाँ प्रतिभावान छात्र छात्राओं की कमी नहीं हैं इसके साथ ही शिक्षा में गुणवत्ता को बनाये रखने के लिए शिक्षा के नए आयामो के साथ नई युवा पीढ़ी को शिक्षा दी जाए जो रोजगारोन्मुखी होने के साथ साथ सामाजिक गतिशीलता को जाने और समाज परिवार के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन करे।शिक्षा में एक नई संजीवनी भी आई हैं जो लोगों मे अच्छी तरह अपनी जगह बनाये हुए है वो यह कि प्राथमिक स्तर पर उन्हें अपने बच्चों के लिए उच्च दर्जे के प्राइवेट स्कूल चाहिए जबकि वही उच्च शिक्षा के लिए महाविद्यालय की बात आती हैं तो उन्हें शासकीय महाविद्यालय चाहिए। यही बात है कि लोगों ने अपने जरूरतों के हिसाब से इस प्रकार की शिक्षा में एक नई दीवार खड़ी कर दी है जो लोगों के सोच के साथ साथ समाज मे मानसिक संकीर्णता को आगे लाता है इसके लिए आवश्यक है कि अपने परिवेश में परिवर्तन लाया जाये जिससे प्राथमिक शिक्षा को गुणवत्ता प्रदान किया जाये उसके साथ ही आम आदमी की सोच में भी परिवर्तन लाना जरूरी है। लोगों को रोजगार शासकीय चाहिए लेकिन अपने बच्चों को पढ़ाना प्राइवेट स्कूलों में है। यही धारणा लोगों के मन से निकालना जरूरी है जो शिक्षा के साथ समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए एकग्रता प्रदान करता है जो लोगो मे उच्च नैतिक गुणों का विकास करेगा ।हरित

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *