November 1, 2020
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खबर से तिलमिलाए कोटा तहसीलदार प्रमोद गुप्ता तिलमिलाहट में व्हाट्सएप-ग्रुप से किया रिमूव,,,साथ ही व्हाट्सएप के न्यूज ग्रुप से भी भागे।

खबर से तिलमिलाए कोटा तहसीलदार प्रमोद गुप्ता तिलमिलाहट में व्हाट्सएप-ग्रुप से किया रिमूव,,,साथ ही व्हाट्सएप के न्यूज ग्रुप से भी भागे।

*सोमवार से कोटा प्रेस क्लब के द्वारा कोटा-तहसीलदार के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना को सत्तापक्ष सहित विपक्ष के नेताओं जनप्रतिनिधियों-अधिवक्ताओ का समर्थन।*


*धरना-प्रदर्शन में कोटा तहसीलदार के क्रियाकलापों से पीड़ित पक्ष के लोग भी होंगे शामिल,,,,कोटा-तहसीलदार के क्रियाकलापों का खुलेगा काला चिट्ठा।*

*दिनांक:-17/10/2020*

*संवाददाता:-मोहम्मद जावेद खान करगी रोड कोटा हरित छत्तीसगढ़।*

*करगीरोड-कोटा:-शुक्रवार को कोटा तहसीलदार प्रमोद गुप्ता के कोटा में पदस्थापना के बाद से लेकर वर्तमान समय के काले कारनामो की खबर लगने के बाद खबर से तिलमिलाते हुए कोटा तहसीलदार प्रमोद गुप्ता ने तो पहले न्यूज के एक व्हाट्सएप ग्रुप में पहले शिकायतकर्ता अधिवक्ता के खिलाफ “खास-खबर” के मनीष शर्मा को कमेंट करते हुए कहा कि पहले शिकायतकर्ता के बैकग्राउंड का पता कर लो मनीष जिसके बाद तहसीलदार के कमेंट का “खास-खबर के मनीष शर्मा ने कोई जवाब नही दिया, बल्कि हरितछत्तीसगढ़ सवांददाता ने कोटा तहसीलदार के कमेंट का जवाब देते हुए मनीष शर्मा को लिखा कि जिसके खिलाफ शिकायत हुई है, उसका भी बैकग्राउंड जरूर से जरूर पता करे मनीष भाई, खासकर अविभाजित मध्यप्रदेश से लेकर वर्तमान स्थिति तक।*

*शाम होते-होते जब “हरितछत्तीसगढ़” सहित मीडिया के अन्य वेब-पोर्टल में कोटा तहसीलदार प्रमोद गुप्ता के खिलाफ खबर चली तो खबरों से तिलमिलाए कोटा तहसीलदार ने पहले तो कोटा के ही एक व्हाट्सएप-ग्रुप जो कि एडीबी के सड़क निर्माण के मॉनिटरिंग के लिए बनाया गया था, जो कि सड़क के मॉनिटरिंग से ज्यादा खबर- समाचार सहित राजनीतिक दलों के कार्यक्रम की सूचना का केंद्र बिंदु बन चुका था, खबर पोस्ट होते ही खबर से तिलमिलाते हुए कोटा तहसीलदार ने व्हाट्सएप-ग्रुप से “हरितछत्तीसगढ़” सवांददाता को रिमूव कर दिया, साथ ही एक दूसरे न्यूज के व्हाट्सएप-ग्रुप से भी खुद भी मैदान छोड़कर भाग गए, ये कोटा तहसीलदार प्रमोद गुप्ता की तिलमिलाहट ही है, जो कि खबर लगने के बाद उनमें ये तिलमिलाहट दिखाई दी, खबरों की भी अपनी अलग पहचान है, खबर जब किसी के पक्ष में लगती है, तो वाहवाही लूट लेते हैं, वही जब खिलाफ में लगती है, तो सामने वाला को खिलाफ में लगने वाले खबरों से आलोचनाओ से अपने कमी के सुधार करने की कोशिश करनी चाहिए बजाए तिलमिलाहट से।*

*कोटा-प्रेस-क्लब के द्वारा सोमवार को कोटा-तहसीलदार के खिलाफ-अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन की घोषणा के बाद कोटा-नगर के राजनीतिक-दलों के सत्ता-पक्ष सहित विपक्षी-दलों के नेताओं सहित जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।*

*कोटा-नगर कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र कश्यप कमलू ने कोटा तहसीलदार के क्रियाकलापों के बारे में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जबसे प्रमोद गुप्ता की कोटा तहसील में पदस्थापना हुई तबसे कोटा तहसील कार्यालय सहित राजस्व विभाग की छवि निरंतर खराब होते जा रही साथ ही शासन की छवि भी खराब हो रही है, शासन द्वारा प्रदान की जाने वाली सहायता राशि मे भी कोटा-तहसीलदार सहित बाबू के द्वारा बंदरबांट काफी ओछी मानसिकता है, ऐसे लोगो की तो पदस्थापना से लेकर वर्तमान स्थिति तक संपत्ति की जांच होनी चाहिए।*

*बीजेपी-नेता व वर्तमान नगर पंचायत अध्यक्ष पति प्रदीप कौशिक ने कहा कि ऐसे प्रशासनिक-अधिकारियों की कार्यप्रणाली से जनहित के कार्यो में बट्टा लगता है, आश्चर्यजनक है, नगर पंचायत चुनाव से लेकर जनपद पंचायत के चुनाव होने तक व वर्तमान स्थिति में कोटा तहसीलदार की इतने शिकायतो के बाद भी अब तक इस पर शासन के साथ जिला प्रशासन के द्वारा कोई कार्यवाही नही किया जाना ये रिश्ता क्या कहलाता है वाली बातें चरितार्थ होती है, या तो फिर इन प्रशासनिक अधिकारी का अब तक अपने पद पर बने रहना, सत्ताधारी दल के नेताओं या फिर उच्च-प्रशासनिक अधिकारियों का आशीर्वाद प्रदान किया जाना प्रतीत होता है।*

*वही पर कोटा नगर कांग्रेस के कोषाध्यक्ष प्रकाश जयसवाल ने भी कोटा तहसीलदार के कार्यप्रणाली पर निशाना साधते हुए कहा कि पदस्थापना के बाद से ही कोटा तहसीलदार की बहुत शिकायते है, इनके क्रियाकलापो से आमजनो सहित विपक्ष अधिवक्ता-यहा तक कि राजस्व कर्मचारी-मीडिया के पत्रकार गण सभी-असन्तुष्ट है, ऐसे अधिकारी की कार्यप्रणाली ही सरकार की साख पर बट्टा लगाते है,अगर इनके द्वारा अपने क्रियाकलापो कोई बदलाव नही लाया गया तो इनके खिलाफ उच्च स्तर पर शिकायत की जाएगी।*

वही पर महिला ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती माया मिश्रा ने भी काफी कोटा तहसीलदार प्रमोद गुप्ता के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा जो अधिकारी महिलाओ के स्वाभिमान के बारे में अपमान-जनक बाते करता हो अभद्रता व दुर्व्यवहार करता हो ऐसे अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जानी चाहिए, कोटा तहसीलदार के द्वारा नगर पंचायत चुनाव के समय भी महिला कांग्रेस-अभ्यर्थी के खिलाफ अमर्यादित-शब्दों का प्रयोग किया गया था कोटा तहसीलदार के खिलाफ राज्य-महिला-आयोग सहित राष्ट्रीय महिला-आयोग में भी शिकायत करने की आवश्यकता है,महिलाओं के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने वाले अधिकारी को कतई बख्शा नहीं जाएगा।*

वही कोटा प्रेस क्लब के संरक्षक और वरिष्ठ पत्रकार संजीव शुक्ला ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पदस्थापना के बाद से लेकर वर्तमान स्थिति तक कोटा तहसीलदार प्रमोद गुप्ता की कार्यप्रणाली काफी संदिग्ध रही जनता से जुड़े हुए कार्यों सहित मीडिया के लोगों अधिवक्ताओं सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के प्रति अपनी भूमिका का पूरी तरह से वर्तमान तहसीलदार ने निर्वहन नहीं किया, वर्तमान तहसीलदार अपनी गलतियों व अपने व्यवहार को सुधारने के बजाए खुलेरूप से लगातार आमजनों से दुर्व्यवहार करते रहे हैं, वहीं पर ऐसे अधिकारियों के खिलाफ सत्ताधारी दल व विपक्षी दलों के नेताओं व जनप्रतिनिधियों व बुद्धिजीवी वर्गों के द्वारा द्वारा मौन रहना ऐसे अधिकारी के हौसले को बढ़ावा देता है, जनहित के मुद्दे पर मुखर होकर कोटा प्रेस क्लब अपनी भूमिकाओं का वर्तमान में और भविष्य में भी इसी तरह से निर्वहन करते रहेगा।*

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