December 4, 2020
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वमा-अरसलनाका-इल्ला-रहमतिलील-आलमीन अल्लाह ने मोहम्मद-साहब को पूरी दुनिया के लिए रहमत बनाकर भेजा है:–हाफिज गुलजार।

वमा-अरसलनाका-इल्ला-रहमतिलील-आलमीन अल्लाह ने मोहम्मद-साहब को पूरी दुनिया के लिए रहमत बनाकर भेजा है:–हाफिज गुलजार।

बारह-रबीउल-अव्वल-जश्ने-ईद-मिलादुन्नबी का त्यौहार सादगी पूर्ण तरीके से मनाया कोटा-मुस्लिम जमात के मुस्लिम-भाइयों ने।

कोटा के मस्जिदे-ताहा को खूबसूरत-लाइट की रौशनियों से सजाया गया,,,परचम-कुरसई की गई लोगो ने अपने-अपने घरों को भी रौशनीयो से सजाया।

*दिनांक:-30/10/2020*

*संवाददाता:-मोहम्मद जावेद खान करगी रोड कोटा हरित छत्तीसगढ़।*

*करगीरोड-कोटा:-बारह-रबीउल अव्वल महीने की आमद होते ही मुस्लिम-समुदाय के लोग खुशियों से झूम उठते हैं, अपने नबी (खुदा के दूत) पैगम्बरे-इस्लाम मोहम्मद-मुस्तुफा-सल्लल्लाहु अलैहि-वसल्लम के यौमे-विलादत (जन्मदिवस) मनाने के लिए जी जान से लग जाते हैं, मस्जिदों-मदरसों-दरगाहों के साथ-साथ मुस्लिम-समुदाय के लोग अपने-अपने घरों को आकर्षक-लाइट डेकोरेशन से सजाते है, लोग खुशियां मनाने के साथ अपनी इबादत-गाहों मस्जिदों में मिलादे-मुस्तुफा की महफिल सजाते हैं, फातिहा-दरुदखानी के साथ-साथ लंगर गरीब-गुरबतो को सदका-जरिया देने का काम करते हैं, जुलूस निकाला जाता है बारह-रबीउल-अव्वल याने की ईद-मिलादुन्नबी का त्यौहार पूरी दुनिया में मुसलमानों के द्वारा बड़ी ही धूमधाम से बड़ी ही शिद्दत-एहतराम से मनाया जाता है।*


*मार्च 2020 से कोरोना-संक्रमण-कॉल के बाद से लेकर वर्तमान स्थिति तक हिंदुस्तान सहित पूरी दुनिया मे कोरोना-वायरस के प्रकोप से अब तक करोड़ो लोगो की मौत हो चुकी है, अकेले हिंदुस्तान में 77 लाख से ज्यादा लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके जिनमे से कोरोना से लाखों-लोगो की मौत भी हो चुकी है,हिंदुस्तान जिसे त्योहारों का देश भी कहा जाता है, जहा पर सभी समुदायों के द्वारा हर त्यौहार बड़ी ही धूमधाम से मनाए जाते हैं, पर वर्तमान कोरोना-संक्रमण-कॉल में सभी समुदायों के त्यौहार कोरोना के भेंट चढ़ गई, पर उसके बाद भी इस महामारी पर लोगो की आस्था भारी पड़ रही है, बारह रबीउल-अव्वल ईद-मिलादुन्नबी के मुबारक महीने पर कोटा-मुस्लिम-जमात के लोगो ने भले इस बार धूमधाम से, जुलूस निकालकर अपनी खुशियां नही बांटी पर अपने पैगम्बरे-इस्लाम की आमद की खुशी को कम भी नही होने दिया, शासन सहित जिला-प्रशासन के दिशा-निर्देश का पालन करते हुए सादगी पूर्वक ईद-मिलादुन्नबी की खुशियां बिखेरी,बारह-रबीउल-अव्वल चांद की तारीख मुक्कमल होने के बाद से मस्जिदों को घरों को सजाया गया, खूबसूरत-रौशनी से मस्जिदों को दरगाहों को घरों को रौशन किया गया, मस्जिदों में मदरसों में घरों में पैगम्बरे-इस्लाम मोहम्मद मुस्तुफा-सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के नाम से फातिहा-खानी, नात खानी दरूद सलाम की महफ़िल सजाई गई।*

*गुरुवार(जुमेरात)को मस्जिदे-ताहा में मिलादे-मुस्तुफा सहित नातखानी का एहतमाम किया गया:–*

*गुरुवार(जुमेरात)29-अक्टूबर को कोटा-मुस्लिम जमात के लोगो के द्वारा अपने इबादतगाह मस्जिदे-ताहा को खूबसूरत-लाइटों से सजाया गया, मस्जिद के परचम-कुरसई की गई, गुरुवार को ही मस्जिदे-ताहा के पेश ईमाम हाफिज गुलजार साहब के द्वारा ईशा की नमाज के बाद मोहम्मद साहब के यौमे विलादत से लेकर उनके पूरी जिंदगी के बारे में तफसील से बयान किया गया, विलादत (जन्मदिन)से लेकर विसाल (मृत्यु) तक पूरा बयान किया गया, तकरीर से पहले मुस्लिम जमात के बच्चों-नौजवानों-बुजुर्गों ने पूरे अकीदत के साथ नाते-रसूल पेश की नाते रसूल के बाद मस्जिदे-ताहा के पेश इमाम हाफिज गुलजार साहब ने कुरआन-पाक की मुकद्दस आयते-करीमा “वमा-अरसलनाका-इल्ला-रहमतिलील आलमीन” का हवाले देते हुए फरमाया की अल्लाह ने मोहम्मद साहब को केवल मुसलमानों के लिए ही नही बल्कि पूरी दुनिया के लोगो के रहमतिलील-आलमीन बनाकर भेजा है, मोहम्मद साहब इस्लाम के अव्वल व आखरी नबी है, इसके बाद कयामत तक कोई दूसरा नबी नही आएगा।*

शुक्रवार(जुमा)बाद नमाज लोगो ने ईद-मिलादुन्नबी की मुबारकबाद पेश करने की गई:—

*शुक्रवार 30-अक्टूबर(जुमा) की नमाज के बाद कोटा मुस्लिम जमात के लोगो के द्वारा जुमा की नमाज के बाद ईद-मिलादुन्नबी की एक दूसरे को मुबारक-बाद पेश की गई, जुमा की नमाज के बाद कोटा-मुस्लिम-जमात के द्वारा लंगर का भी इंतजाम किया गया था, लंगर-तकसीम (बांटने) के दौरान सोशल-डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखा गया, कोरोना संक्रमण कॉल के दौरान भले ही इस बार मुस्लिम-जमात कोटा के लोगो के द्वारा जुलूस नही निकाला गया, पर ईद-मिलादुन्नबी की खुशियां को कम भी नही होने दी गई, पैगम्बरे-इस्लाम मोहम्मद मुस्तुफा साहब की यौमे विलादत की खुशियां कोटा मुस्लिम जमात के लोगो ने बड़ी ही सादगी से मनाई गई, ईद-मिलादुन्नबी के मौके पर कोटा मुस्लिम जमात के पेश इमाम हाफिज गुलजार, कमेटी के सदर अहमद खान कमेटी के मेम्बरान अब्दुल भाई, जब्बार खान, मोईद कुरैशी, फिरोज खान, समसुल हक, सईद खान, नियाज खान, अमजद खान, सिराज खान, सदरुद्दीन खत्री, हसीन अहमद (गुड्डू) छोटू खान, रियाज खान, सुबराती, मोहम्मद हसन व सरपरस्त में बदरुद्दीन खत्री, बशीर खान, रफीक खान, कासिम खान, साबिर अली, रूबी खान, शमीम खान, सहित कोटा मुस्लिम जमात के अलावा कोटा के ग्रामीण इलाकों के मुस्लिम-भाइयों ने भी ईद-मिलादुन्नबी में शामिल हुए।*

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