December 4, 2020
Breaking News

वेतन विसंगति पर संघ का गठन पर वेतन विसंगति की बात क्यो नही की,?न प्रदर्शन किए न चर्चा

वेतन विसंगति पर संघ का गठन पर वेतन विसंगति की बात क्यो नही की,?न प्रदर्शन किए न चर्चा

*रिवाइज एलपीसी व क्रमोन्नति से सभी शिक्षक को लाभ होगा*

*वेतन विसंगति (समानुपातिक) वेतनमान पर समझ नही*

*दरबारियों के रहते भला नही*

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा है कि दरबारियों के चलते “माया मिली न राम” वाली कहावत चरितार्थ हो गई,,सहायक शिक्षको के दबाव पर 1 दिन का प्रदर्शन तो घोषित किया गया, पर प्रदर्शन न करना पड़े यह प्रयास जारी था, जिसके चलते एक दरबारी पदधिकारी ने चर्चा का राह पकड़ा दिया, जब चर्चा होगी तो प्रदर्शन नही, बस इसी बात को अधिकारियो ने समझा दिया।

बुलाने पर ही एसोसिएशन के पदाधिकारी 26 व 27 को चर्चा किये, पर 29 को पत्र जारी होने के बाद भी संचालक और प्रमुख सचिव शिक्षा से चर्चा क्यो नही हुआ,??

प्रदर्शन नही करने की बात की गई, और प्रदर्शन हुआ भी नही, जो गए वही जानते है,,,पर अधिकारियो को टुच्चा नेतागिरी अखर गया,,और मामला टाल गए,,इसीलिए विभाग के प्रमुख से चर्चा नही हुई।

एसोसिएशन द्वारा सहायक शिक्षको की मांग को सर्वोच्चता दिया गया है, इसी मुद्दे पर हम संघर्षरत है, इसीलिए मांगने पर समर्थन दिया गया,,पर बेशर्म की जबान पर सही भाषा व सम्मान नही। क्रमोन्नति, पदोन्नति, रिवाइज एलपीसी (वेतन विसंगति), समानुपातिक वेतन मुख्य है, 2013 के विसंगति पूर्ण वेतन निर्धारण से सभी वर्ग को लाभ होगा, क्रमोन्नति, पदोन्नति से सभी को लाभ होगा, केवल समानुपातिक वेतन से सहायक शिक्षको को लाभ होगा, जिस पर तो चर्चा ही नही किया गया, वेतन विसंगति को समझ और समझा तक नही पाते, इसीलिए तो बताया नही गया।

विसंगति की समझ सारथी को है, किन्तु उन्हें किनारे कर दिया गया है।

प्रदर्शन या चर्चा किसी भी एक चीज को पूर्ण करना चाहिए, शासन स्तर की चर्चा से ही रास्ते बनते पर डीपीआई चर्चा को ही उच्चस्तर बोलने वाले से परिणाम की उम्मीद नही रखना चाहिए।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *