July 24, 2021
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नन्द कुमार साय को मुख्यमंत्री बनाये जाने आदिवासी सम्मेलन में उठी आवाज।

 

*आरक्षण तो अभी शुरू ही नही हुआ है नन्द कुमार साय*
आदिवासी समाज शक्तिशाली होगा तभी देश का विकास होगा

*हरित छत्तीसगढ़ विवेक तिवारी संजय तिवारी पत्थलगांव।* पत्थलगांव में आदिवासी दिवस का सम्भागीय सम्मेलन के दौरान दूरदराज से आये समाज के लोगो ने कार्यक्रम के शुरुवात में अनुसूचित जनजाति आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष नन्द कुमार साय को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाये जाने को लेकर मंच में नारेबाजी करने लगे हालांकि पूरे कार्यक्रम में नन्द कुमार साय ने इस सम्बंध में कोई बात नही कही।पत्थलगांव में अंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर  रायगढ़ जशपुर अम्बिकापुर तीनो जिले से भारी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग उपस्थित हो कर एक जुटता बनाए रखने का संकल्प लिए।इस मौके पर मुख्य अतिथी अनुसूचित जनजाति आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष नन्द कुमार साय ने जन समुदाय को संस्कृत श्लोक गायन कर सम्बोधित करते हुए कहा कि आदिवासी समाज की प्रगति इतने दिनों तक क्यो रुकी हुई है आरक्षण समाप्त करने की बात पर तरह तरह का भर्म व्याप्त है पिछले दिनों पीएम कार्यालय से एक पम्पलेट जारी हुआ था जो फर्जी था,आरक्षण तो अभी प्रारम्भ नही हुआ जिस दृस्टि से लागू करना था उस हिशाब से आरक्षण तो अभी शुरू ही नही हुआ है। आदिवासीओ की जमीन दूसरे को किस तरह से हस्तांरित ही रह है यह सोचनीय है, यह शोध का विषय है आदिवासी वर्ग को आदिवासी वर्ग जो बड़े पदों में बैठा है सबसे ज्यादा वही लोग परेशान करते है,संविधान में कई धाराएं लिखी हुई है जिसे आंकलन करने की जरूरत है,सबसे ज्यादा जनजातियों के हित लिए प्रावधान सविधान में लिखा है परंतु उनमे से अधिकांश अभी तक लागू ही नही हुआ है।श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य बनने के दौरान हमारी 34 विधानसभा की शीट थी जिसे घटाकर 29 कर दिया बड़ी मुश्किल से लड़ते झगड़ते कांकेर विधानसभा शीट को विलोपित होने से बचाने में सफल रहा श्री साय ने कहा कि जबसे छत्तीसगढ़ बना है तब से ही समाज के लिये लड़ रहा हु,उन्होंने समाज में काफी सुधार की आवश्यकता बताते हुए कहा कि आदिवासी समाज की लड़कियो को दूसरे समाज के लोग धड़ल्ले से बाहर लेजाकर शोषण कर रहे है ऐसा खासकर हमारे उरांव समाज के साथ ज्यादा हो रहा है इसके लिए सभी को जागरूक करने की जरूरत है। दूसरी बात आरक्षण में प्रमोशन में बड़े बड़े पद की तो कई लोगो के आरक्षण में प्रमोशन न मिले इसके लिए आदिवासी वर्ग के कर्मचारियों को दरकिनार कर दिया जा रहा है । फर्जी जाती प्रमाण पत्र के मामले में कुछ हमारे लोग भी फंस जाते इसे रोकने गलत प्रमाणपत्र बनवाने के फेर से बचे सभी का सही तथ्यों को पेश कर प्रमाणपत्र बनाया जाए जनजातियों के हितों पर दूसरे लोग हक मारे बैठे है इस तरह के फर्जी कारनामे कर आदिवासियों का हक मार रहे लोगों की शिकायत तथ्यों के साथ मेरे पास शिकायत पत्र भेजे उस पर कार्यवाही होगी। उन्होंने पूरे देश मे समाज के कई गुमनाम अमर शहीदों का फिर से अमर गाथा बनाने की वकालत करते हुए कहा कि ऐसे कई नाम है जिन्होंने देश के लिए अपनी जान गवाई कई बड़े आंदोलन किया लेकिन उन्हें कोई नही जानता ,अब नए सिरे से अमर गाथा बनाने की पहल करते हुए सभी राज्यो से इस तरह के गुमनाम शहीदों के नाम तथ्य समेत मंगाया है। जितने भी बड़े ग्रन्थ और साहित्य बने सभी हमारे समाज से लिया गया है इतना गौरवशाली व विशाल समाज के लिए हमे गर्व होना चाहिये। हमारी इसी संस्कृति को सरंक्षित करने की आवश्यकता है उन्होंने कहा कि विकसित कमल,पूर्ण चन्द्रमा जैसे सुंदर आकार वाले के लिए अलंकार की आवश्यकता नही उसी तरह हमारा आदिवासी समाज के लोग है छल कपट से दूर सादा जीवन जीने वाला ही आदिवासी है।

  1. *एकता ही हम आदिवासियों का पहचान रामपुकार सिंग*
    मंच संचालन करते हुए पूर्व मंत्री रामपुकार सिंग ने कहा कि एकता ही आदिवासी की पहचान है,सभी आदिवासी भाई एक हो तभी एकता के साथ हम प्रगति की ओर आगे बढ़ सकते है उन्होंने कहा कि योजनाओ की अपेक्षा सभी क्षेत्र में आदिवासियों को जितना उन्नति करना था उतना उन्नन्ति नही हो पाया है,इस तरह आदिवासीओ के हित मे होने वाले आयोजन के माध्यम से ही हम सभी मे एकता हो सकती है,उन्होंने आदिवासियों के सरंक्षण के लिए अन्य जरूरी कदम उठाने के लिए अपने विचार व्यक्त किए,इसके बाद जिला पंचायत सदस्य कृपा शंकर भगत ने आदिवासीओ के शोषण को लेकर विचार व्यक्त किए।  जशपुर नगर पालिका अध्यक्ष हीरू राम निकुंज ने कहा कि हमे संगठित होने का संकल्प लेना है आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार पर अंकुश लगाने संगठित होकर वर्तमान परिवेश में आरक्षण को लेकर मंथन की जरूरत है हमे अपने अधिकार को पहचानते हुए एकजुटता के साथ जो आदिवासी विचारधारा के विरुद्ध जो संगठन कार्य कर रहे है उन्हें सबक सिखाने की जरूरत है।
    पत्थलगांव के सक्रिय कार्यकर्ता नेहरू लकड़ा ने कहा कि यही एकमात्र अवसर है जसमे हम सभी आदिवासी लोग एक मंच में आकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने अधिकारों को लेकर अपनी आवाज बुलंद कर सकते है,आदिवासियों के आरक्षण को समाप्त करने को लेकर जो बाते चल रही है वह गलत है
    इस दौरान महिला कार्यकर्ता कमला लकड़ा ने कहा कि आदिवासी समाज मे माताओ व बहनो को सम्मान मिले इसके लिए हमे एकजुट होना पड़ेगा,
    आरक्षण मिले अभी समाज को आरक्षण की जरूरत है एम एस पैंकरा*
    इस दौरान पूर्व कमिश्नर महेश्वर पैंकरा ने कहा कि जल जंगल जमीन हमारा धर्म है इसी आधार पर संविधान में हमारे सुरक्षा के लिए प्रावधान बने है अब सुनने को मिल रहा है कि सविधान में मिले अधिकार जो पूर्ण रूप से हमे मिला भी नही की अब उसे छिनने की तैयारी की जा रही है जो गलत है , प्रदेश में हम पचासी लाख आदिवासी से ज्यादा है वही कई लोग फर्जी आदिवासी बनकर हमारा हक मारकर बड़े बड़े पदों पर आसीन है उन्होंने कहा कि 2020 तक आरक्षण का प्रावधान को और आगे बढाने की जरूरत है भविष्य में और आरक्षण हमको मिले ताकि आदिवासियों का समुचित विकास का सपना पूर्ण हो सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 29 विधानसभा सीट हम लोगो के लिए आरक्षित है जबकि हम लोग पचास से ज्यादा विधानसभा सीट में अपना वर्चस्व बना सकते है बस हमे एकजुट होकर शिक्षा,स्वास्थ्य ओर सन्तुलित जीवनयापन कर अपने आप को काबिल बनाना होगा। उन्होंने कहा कि समाज में जो लोग सक्षम है उन्हें समाज के दबे जरूरतमन्दों को आर्थिक मदद करने की आवश्यकता है मैं प्रत्येक माह कुछ राशि इसी तरह दान देता हूं।
    *समाज के युवा नोकरी के अलावा करे समानांतर व्यवसाय आनंद नाग*
    मंच संचालन करते हुए सर्व आदिवासी समाज की जिला सचिव आनन्द नाग ने कहा कि हमारे बेरोजगार युवा नोकरी के अलावा समानांतर व्यवसाय भी करे, आदिवासी कभी भी हिन्दू नही हो सकता हमे हिन्दू का चादर ओढ़ाकर उपयोग किया जा रहा है वही जनजाति वर्ग मात्रात्मक त्रुटि के कारण प्रमाणपत्र से वंचित हो रहा है,आदिवासी समाज मे दहेजप्रथा का प्रचलन नही होने के बाद भी दहेज प्रथा हमारे समाज मे लागू है जिसे समाप्त करने की जरूरत है।
    *आदिवासी महिलाये शराबबंदी को लेकर आगे आये धनमती प्रधान*
    इस दौरान बीडीसी धनमती प्रधान ने कहा कि यह से मिले विचार को गांव गांव जाकर लोगो को बताना है जिस संविधान में हमारे लिए आरक्षण का प्रावधान है उसे बचाने हर एक आदिवासी को सविधान निर्माता बाबा साहेब बनना होगा और इसके लिए हैम सक्षम है, समाज मे होने वाले शोषण को दूर करने में नशा एक अहम भूमिका अदा कर रही जिसे मिटाने के लिए खासकर महिलाओं को दृढ़ संकल्पित होना होगा। उन्होंने शराबबंदी को लेकर महिलाओ को आगे आने की बात कही।
    ईस दौरान राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग अध्यक्ष नन्द कुमार साय, पूर्व मंत्री रामपुकार सिंग,पूर्व विधायक हृदय राम राठिया,पूर्व कमिश्नर एम एस पैंकरा,नागेश,ऑस्कर कुजूर,डीडीसी कृपा शंकर भगत,जशपुर नगर पालिका अध्यक्ष हीरू राम निकुंज,सर्व आदिवासी समाज के जिला सचिव आनन्द नाग,नेहरू लकड़ा,डॉ बी एल भगत पुर नप अध्यक्ष पत्थलगांव,सहदेव निकुंज,जगदीश राम सिदार,रत्न पैंकरा,धनमती प्रधान,रूप सिंग राठिया, प्रो डी आर राठिया,जिला कोषालय अधिकारी जशपुर से एडमोन मिंज, जिला रोजगार अधिकारी आर जे राम,कमला लकड़ा,जनपद सीईओ पत्थलगांव भजन साय,जोसेफ बड़ा, प्रदीप नागदेव सीतापुर,अनिंनांद एक्का जशपुर जिला अध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज,सर्व आदिवासी समाज के रायगढ़ जिलाध्यक्ष सुनील मिंज,ए के मरकाम उपसंचालक पशु विभाग जशपुर,शशि भगत जशपुर,नागवंसी समाज के लम्बोदर नाग समेत भारी संख्या में समुदाय के लोग उपस्थित थे।इस मौके पर पहाड़ी कोरबा समेत अन्य कई लोगो ने अलग अलग सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी।

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