September 24, 2021
Breaking News

कैबिनेट के बैठक ने किया निराश, शिक्षाकर्मियों का आंदोलन चौथे दिन भी जारी शिक्षाकर्मी हड़ताल, अपनी माँगों पर अड़े शिक्षक

कैबिनेट के बैठक ने किया निराश, शिक्षाकर्मियों का आंदोलन चौथे दिन भी जारी

शिक्षाकर्मी हड़ताल, अपनी माँगों पर अड़े शिक्षक

हरितछत्तीसगढ़ जशपुर:-

✍संविलियन सहित अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रांतीय आह्वान पर प्रदेश सहित जिले भर में 20 नवम्बर से शिक्षाकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है।

      आज जहाँ प्रदेश सहित पूरे जिले के शिक्षाकर्मियों की निगाहें केबिनेट के बैठक पर टिकी हुई थी पर हमेशा की तरह इस बार भी निराशा ही हाथ लगी।केबिनेट के बैठक में अपने पक्ष में कोई निर्णय नहीं आने पर शिक्षाकर्मियों में भारी रोष व्याप्त है। जिसकी वजह से जिले के हजारों शिक्षाकर्मी आंदोलनरत हैं।

       

 हड़ताल के चौथे दिन फरसाबहार में शिक्षाकर्मियों द्वारा सरकार को सद्बुद्धि देने के लिए हवन किया गया।मोर्चा के फरसाबहार विकासखंड संचालक विवेक चौधरी एवं टिकेश्वर भोय ने कहा कि आज हमने धरना स्थल पर सरकार को सद्बुद्धि प्राप्त हो जिसके लिए सद्बुद्धि यज्ञ किया। सरकार 14 वर्षों से हम लोगो को सिर्फ आश्वासन देकर ठग रही है। अब हम सरकार के किसी झुटे प्रलोभन में नही आएंगे। आर पार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं।

वहीँ दूसरी ओर कांसाबेल में सरकार को मनाने हेतु नरोत्तम पटेल,सिलन साय एवं धनवंत यादव के नेतृत्व में धरना स्थल पर ही भजन कीर्तन किया गया। 

आक्रोशित शिक्षाकर्मी धरनास्थल से लेकर सोशल मिडिया तक सरकार को कोस रहे हैं, कांग्रेस शासन के खिलाफ 2002-03 में धरनारत् रहे शिक्षाकर्मियों को तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष एवं वर्तमान मुख्यमंत्री रमन सिंह द्वारा दिये गये समर्थन पत्र, संकल्प पत्र एवं फोटो शेयर कर तंज कस रहे हैं, वर्तमान में जो हड़ताल हो रही है उसके सन्दर्भ में जिला संचालक अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि हम लोग गत 22 वर्षों से खुली स्थानांतरण की मांग कर रहे हैं पर शासन नही दे रही है। शासकीय कार्यों के लिए यात्रा भत्ता मांग रहे शासन नहीं दे रही है, मेडिकल भत्ता हर कर्मचारी का अधिकार है शासन नही दे रही है, अनुकम्पा मृत कर्मचारी के आश्रित कर्मचारीयों का अधिकार है,शासन ने इसे असाध्य कर दिया है। क्रमोन्नति हर शासकीय कर्मचारी का अधिकार है शासन इसे नहीं दे रही है, हर माह समय पर वेतन हर कर्मी का अधिकार है शासन यह व्यवस्था भी नही कर पा रही है, हर पालक को अपने बच्चों की फिक्र है आप के बच्चों को हम अभी नहीं पढ़ा पा रहे है यह सत्य है। हम इसकी भरपाई करने के लिए वचनबद्ध हैं। सरकार केवल शिक्षाकर्मियों के मामले में नित नए समिति का गठन कर रही है पर अब तक कोई भी समिति शिक्षाकर्मियों के मामले में कोई भी ठोस नतीजे तक नहीं पहुँच पाई है।

  अनिश्चितकालीन आंदोलन के चौथे दिन भी पूरे जिले भर के शिक्षाकर्मियों ने दोगुने उत्साह और एकजुटता के साथ शामिल रहे।  आंदोलन को सतत जारी रखते हुए प्रान्त स्तर से आगामी तीन दिवसीय कार्यक्रम जारी की गई है।

कल से आमजन और जनप्रतिनिधियो से मिलकर मांगेंगे समर्थन

ज़िला मीडिया प्रभारी सरवर हुसैन और अफ़रोज़ खान ने बताया कि अब शिक्षाकर्मी कल से आमजन और जनप्रतिनिधि से मिलकर समर्थन मांगेंगे। जिसमे 24 नवम्बर को बीजेपी के 2003 और 2008 के संकल्प पत्र एवं 2003 में बीजेपी नेता अजय चंद्राकर द्वारा लिखा गया अनुशंषा पत्र का आम जनता के बीच जाकर वितरण और उनसे समर्थन प्राप्त करेंगे। 25 नवम्बर को क्षेत्रीय सासंद, विधायक, जिला पंचायत सदस्य, जनपद सदस्त, क्षेत्रीय पार्टी प्रमुख एवं जनप्रतिनिधि तथा विभिन्न कर्मचारी संगठन से समर्थन प्राप्त करेंगे। 26 नवम्बर को संविधान दिवस मनाया जाएगा, भारत का संविधान सभी को समानता का अधिकार देता है, शासन को चाहिए कि शिक्षको को उनका संवैधानिक अधिकार प्रदान करते हुए मूल विभाग में संविलियन करें।

             जिला संचालक अनिल श्रीवास्तव व संतोष टांडे ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब केंद्रीय विद्यालय नवंबर में चालू होकर अपनी कोर्स निश्चित अवधि में पूर्ण कर सकते हैं तो हमारे में भी समर्थ है की हम कुछ दिनों के हड़ताल से वापस आने पर हड़ताल अवधि नुकसान की भरपाई करेंगे, आगे कहते हैं आज 22 वर्षों से हम भी आप ही की भाँति अपने स्वयं के बच्चों के भविष्य के लिए सड़क की लड़ाई लडऩे पर मजबूर हैं । एवं हम 1995 से उपेक्षित हैं, हमारा हड़ताल वैधानिक है या नही ये निर्णय कोर्ट को संज्ञान लेकर करना चाहिए। आगे उन्होंने कहा कि चुनाव कार्य, जनगणना कार्य, सर्वे, स्वच्छ भारत के तहत घर-घर जाकर जागरूकता अभियान सहित अन्य शासकीय कार्य को करते हैं फिर भी सरकार को हमसे जरा भी हमदर्दी नहीं है न हीं सरकार हमें सरकारी कर्मचारी मानती है।

प्रांतीय सहसंचालक लीलाधर बंजारा एवं अर्जुन रत्नाकर ने कहा कि हमारी इस अनिश्चितकालीन हड़ताल के जिम्मेदार डॉ. रमन सिंह है, 2003 में हुए आम चुनाव में जीत पश्चात शिक्षाकर्मियों की माँग पूर्ण करने का वादा किया गया था, लेकिन प्रदेश चुनाव जीतते ही मांगों से मुकर गई।

          जशपुर जिले में अनिल श्रीवास्तव,संतोष टांडे व विनय सिंह के नेतृत्व में शिक्षाकर्मियों का धरना सभी विकासखंड मुख्यालय में अनवरत रूप से जारी है जिसे विभिन्न दलों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं का समर्थन मिल रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *