September 25, 2021
Breaking News

सक्ति: नगर पालिका अध्यक्ष का हड़ताली शिक्षाकर्मियों को मिला समर्थन

“नगर पालिका अध्यक्ष का हड़ताली शिक्षाकर्मियों को मिला समर्थन”

 हरित छत्तीसगढ़ सक्ति :- पूरे प्रदेश में संविलियन के मांग सहित अपने 09 सूत्री मांगों को लेकर के शिक्षक पंचायत नगर निगम संयुक्त मोर्चा आंदोलनरत है। विगत सप्ताह भर से चली आ रही इस आंदोलन में मोर्चा के समस्त शिक्षाकर्मी सरकार के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं ।वही अब इन शिक्षाकर्मियों को विभिन्न कर्मचारी संगठनों के द्वारा समर्थन दिया जा रहा है और उनकी मांगों को पूरी तरह से जायज बताया जा रहा है ।दूसरी ओर विभिन्न दलों से संबंध रखने वाले जनप्रतिनिधि भी शिक्षाकर्मियों के मांगों का समर्थन कर रहे हैं।

 इसी तारतम्य में सक्ति नगर पालिका के अध्यक्ष श्याम सुंदर अग्रवाल उपाध्यक्ष एवं अन्य कांग्रेसी कार्यकर्ताओं सहित शिक्षाकर्मियों के आंदोलन मंच पहुंचे तथा खुले कंठ से उन्होंने शिक्षाकर्मियों की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि शिक्षाकर्मियों की समस्त मांगे पूरी तरह से जायज है। सत्तासीन भाजपा की अंधी बहरी सरकार उनकी मांगों को नजरअंदाज करके दमन करने का प्रयास कर रही है।  जिसका उन्होंने अपनी ओजस्वी भाषण में पुरजोर विरोध किया ।इसी प्रकार नगर पालिका उपाध्यक्ष के द्वारा भी शिक्षाकर्मियों के समर्थन में तथा सरकार के दमनकारी नीति के विरोध में अपने उद्बोधन दिया गया। नगरपालिका सक्ती के जनप्रतिनिधि अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के द्वारा नगरपालिका के अंतर्गत कार्य समस्त नगरीय निकाय शिक्षकों का हौसला अफजाई किया गया तथा शासन के बर्खास्तगी संबंधी आदेश का क्रियान्वयन नहीं करने का आश्वासन भी दिया ।शिक्षाकर्मियों के समर्थन में अध्यक्ष श्याम सुंदर अग्रवाल के साथ महबूब खान कांग्रेसी कार्यकर्ता पिंटू ठाकुर , विकास नायक ,गिरधर जायसवाल , इत्यादि शिक्षाकर्मियों की मांगों के समर्थन में पहुंच करके उनका हौसला अफजाई किए। मोर्चा के संचालक महेंद्र राठौर, राजेश राठौर, देवभारद्वाज,मनोज राठौर ,देवाशीष बनर्जी,सुनील भारद्वाज,राजेश गबेल, दिवाकर बरेठ, श्रीमती शमीम खान,निशा शाहू, रोजी तिर्की ,अदिति बनर्जी,मीना मरावी इत्यादि शिक्षको के द्वारा उनके प्रति आभार प्रगट किया तथा समर्थन देते रहने का आग्रह किया ।

विभिन्न शासकीय संगठनों का मिलने लगा समर्थन

शिक्षाकर्मी मोर्चा को समर्थन देने के लिए छत्तीसगढ़ फेडरेशन के जिलाध्यक्ष अशोक चौहान , छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ के हरि मिश्रा एवम तहसील अध्यक्ष नरेंद्र वैष्णव पहुचे । उन्होंने शासन की दमनात्मक नीति का विरोध करते हुए कहा शिक्षक ,शिक्षक ही होता है विभिन्न सरकारों ने अपने राजनीतिक व राजस्व लाभ के लिए पद नामो में हेरफेर कर भर्ती कर शिक्षा व्यवस्था को ही विषंगतिपूर्ण कर दिया है । जैसा कि न्यायपालिका ने समान पद समान वेतन को लागू करने को कह दिया है फिर शिक्षा प्रणाली को दुरुस्त करने के लिए नियमो में मामूली परिवर्तन करना चाहिए ।

” शासन की कार्यवाही का नहीं है डर :-

विकासखंड सक्ती अंतर्गत हड़ताली शिक्षाकर्मियों का एक स्वर में कहना है कि शासन जो कार्यवाही करना चाहती है, वह कर ले उसका हमें किसी प्रकार का कोई भय नहीं है। क्योकि हमारे नियोक्ता हमारे साथ है फिर हमें किस बात का डर । इनका यहाँ तक कहना है कि हम तब तक वापस नहीं जाएंगे, जब तक हमारा संविलियन नहीं हो जाता।

बालक ,पालक का भी समर्थन मिलने का संकेत

 हड़ताली शिक्षाकर्मियों के आंदोलन को तथा संविलियन की मांग को बालको एवं पालकों का भी समर्थन मिलने के संकेत मिल रहे हैं । इस प्रकार अगर देखा जाए तो शिक्षाकर्मियों का आंदोलन दिन-ब-दिन  उग्र होता जा रहा है तथा जनता एवं सरकार आमने-सामने होती नजर आ रही है। पालकों का कहना है कि इनका स्थायी समाधान होना चाहिए जिससे ये निश्चिंत होकर शैक्षणिक गतिविधि कर सके ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *