July 25, 2021
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स्कूल टाइम में बंद हो कोयला परिवहन– संध्या

स्कूल टाइम में बंद हो कोयला परिवहन– संध्या

कहा स्कूल टाइम में कोयला परिवहन बंद ना होने के कारण हो सकती है कोई बड़ी दुर्घटना !

हरितछत्तीसगढ़ सूरजपुर / भटगांव 28 नवंबर।। जरही चौक से भटगांव सीएचपी तक हो रहे असुरक्षित कोयला परिवहन तथा जर्जर सड़क सुधारने नगर पंचायत जरही की पार्षद संध्या प्रताप सिंह ने महाप्रबंधक को एक पत्र जारी  करते हुए स्कूल प्रारंभ होने तथा छूटने के समय  कोयला परिवहन  बंद करने की अपील की है ! उन्होंने बताया कि पूर्व में जितने भी महाप्रबंधक यहां पदस्थ हुए उनके द्वारा स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूल टाइम में लगभग 2 घंटे इस व्यस्ततम मार्ग से हो रहे कोयला के परिवहन को ब्रेक दिया जाता था ! किंतु जब से वर्तमान महाप्रबंधक की पदस्थापना क्षेत्र में हुई है कोयला उत्पादन और परिवहन की होड़ में सुरक्षा को दरकिनार कर दिया गया है ! इससे पूर्व भी इस तथ्य की जानकारी उन्हें दी जा चुकी है, इसके बावजूद उनके द्वारा कोई भी कदम ना उठाया जाना मासूम छात्रों की सुरक्षा को लेकर एक गैर जिम्मेदाराना रवैया दर्शा रहा है ! उनकी यह कार्य प्रणाली कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना का सबब भी बन सकती है !

कोयला परिवहन से उखड़ी सड़क—- जरही चौक से भटगांव मुख्य मार्ग पर स्थित आई डी बी आई बैंक जो रिहायशी क्षेत्र में है उसके ठीक सामने सड़क पर खतरनाक गड्ढा बन गया है ! चूंकि यह मार्ग एसईसीएल भटगांव क्षेत्र के द्वारा ही निर्मित है और इसके मरम्मत की जिम्मेदारी इन्हीं की है ! यहां स्वयं पार्षद का निवास भी है और करीब सैकड़ों परिवार इस रिहायशी क्षेत्र में निवासरत है ! सड़क पर हुए इस गड्ढे के कारण यहां लोगों का रात में सोना भी दूभर हो गया है !

कोयले का डस्ट रोकने कोई उपाय नहीं—- एसईसीएल भटगांव क्षेत्र जहां प्रतिवर्ष खरबों का कोयला परिवहन करता है ! वही पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर तनिक भी गंभीर नहीं दिखाई देता है !अन्य कोयला प्रक्षेत्रों की भांति इस क्षेत्र में कहीं भी वाटर स्प्रिंकलर और डस्ट एबजार्बर की व्यवस्था नहीं की गई है ! क्षेत्र में लगातार कोयले की धूल से फेफड़े संबंधी कई खतरनाक बीमारियां होने की आशंका भी बनी हुई है !

पार्षद श्रीमती संध्या प्रताप सिंह ने हमसे बातचीत के दौरान बताया कि उन्होंने उपरोक्त सभी जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर महाप्रबंधक भटगांव क्षेत्र से दो बार पत्राचार कर चुकी है ! इस बार यदि उनके निवेदन  को  गंभीरता से नहीं लिया जाता है तो वे महाप्रबंधक के खिलाफ न्यायालय में परिवाद दायर करने को विवश होंगी !

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