December 5, 2021
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सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में सड़क पर उतरे शिक्षाकर्मी/भारी संख्या में शिक्षाकर्मियों ने निकाली आक्रोश रैली

सरकार मुझे जेल में भी डाल दे तब भी मैं संविलियन का मांग जारी रखूंगा – संजय शर्मा

नवीन शिक्षाकर्मी संघ भी बैनर में आया

शिक्षक दिवस को शिक्षक क्रान्ति दिवस  – संजय शर्मा

संकुल , विकासखण्ड , जिला तक में एकता के लिए बैठक आयोजित होगा – संजय शर्मा

 गुरुवार को राजधानी रायपुर में प्रदेश भर के लगभग 50 हजार शिक्षाकर्मियों ने राज्य सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में राजधानी के बूढ़ापारा धरना स्थल में प्रदर्शन  करना शुरू कर दिया  विदित हो की  शिक्षाकर्मियों का प्रदर्शन 9 सूत्रीय मांगों को लेकर है और इस मांग को लेकर शिक्षाकर्मी शासन को ज्ञापन सौपेंगे । पंचायत नगरीय निकाय शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष संजय शर्मा ने बताया कि सरकार की वादाखिलाफी से प्रदेश के 1.80 लाख शिक्षाकर्मी परेशान हैं। वर्ष 2007 में सीएम डॉ. रमन सिंह से शिक्षाकर्मियों से वादा किया था कि सरकार बनी तो वे 1 घंटे के भीतर सभी शिक्षाकर्मियों का स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन करेंगे। लेकिन, 10 साल बीत गए पर उनका 1 घंटा अब तक नहीं आया। शर्मा ने कहा, देश के दूसरे राज्यों ने शिक्षाकर्मियों का संविलियन किया है और इसे संवैधानिक भी बताया है। यहां के स्कूलों में ऐसे विभाग से भर्ती कराई जाती है, जिनका खुद का एक भी स्कूल सेटअप नहीं है। सरकार की ऐसी नीति किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है।
संविलियन, समान काम समान वेतन, सातवां वेतनमान जैसे 9 मांगों के साथ प्रदेशभर के शिक्षाकर्मियों ने गुरुवार को राजधानी रायपुर में महापंचायत कर प्रदेश सरकार के खिलाफ आक्रोश रैली निकाली. संजय शर्मा खेमा ने हड़ताल का ऐलान कर दिया है। उनका दावा है कि करीब 50 हजार शिक्षाकर्मी छत्तीसगढ़ पंचायत नगरीय निकाय शिक्षक संघ के बैनर तले गुरुवार को राजधानी में जुटें और सरकार के खिलाफ हल्ला बोला। बता दें कि 2 सितंबर से शिक्षाकर्मियों के दूसरे धड़े ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान कर चुके हैं।
उपस्थित शिक्षाकर्मियों  ने बताया की शासकीय करण एवं संविलियन पर निर्णय लेने का वादा कर चुकी सरकार द्वारा शिक्षाकर्मियों के विभिन्न सुविधाएं जैसे अप्रशिक्षितों के नियमितीकरण, समयमान व 8 वर्ष की सेवा पर पुनरीक्षित वेतनमान, प्राचार्य व प्रधानाध्यापक की लंबित पदोन्नति, क्रमोन्नति स्थानांतरण अनुकंपा नियुक्ति अंशदायी पेंशन कटौती आदि कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी ठोस निर्णय ना हो पाने के कारण पूरे प्रदेश के शिक्षाकर्मी आक्रोशित है। हमारी प्रमुख मांगे संविलियन शासकीय करण, प्रवर श्रेणी वेतनमान के साथ क्रमोन्नति का लाभ देते हुए 7वां वेतनमान शिक्षक पंचायत एवं नगरीय निकाय संवर्ग को देने एवं समान काम के लिए समान वेतन देते हुए सीधे इनकी सेवाएं प्रथम नियुक्ति तिथि से देते हुए, स्कूल शिक्षा विभाग एवं आदिमजाति कल्याण विभाग की शालाओं को हस्तांतरित की जाए।
 

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