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दिल्‍ली के फिरोजशाह कोटला मैदान पर भारत और श्रीलंका के बीच जारी तीसरे टेस्ट मैच का दूसरा दिन प्रदूषण के चलते विवादों में आ गया। दिन के दूसरे सत्र में पांच से ज्यादा श्रीलंकाई खिलाड़ी प्रदूषण के कारण मैदान पर मास्क पहन कर उतरे। दिन का खेल खत्‍म होने के बाद भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच भरत अरुण ने सख्‍त लहजे में इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्‍होंने कहा, ”विराट ने करीब दो दिन तक बैटिंग की, उसे मास्‍क की जरूरत नहीं पड़ी। हमारा फोकस अपने खेल पर था। हालात दोनों टीमों के लिए एक जैसे थे।” जब दिल्‍ली के प्रदूषण को लेकर अरुण से सवाल हुआ तो उन्‍होंने कहा, ”भारत में हर जगह प्रदूषण है। बीसीसीआई ने कार्यक्रम तय किया है। हमारा काम जाकर खेलना है और हम उसी पर ध्‍यान दे रहे हैं।”टेस्ट मैच खेलने आई श्री लंकाई टीम मुश्किल में दिखी। हुआ यूं कि पहले श्रीलंकाई प्लेयर्स ने कोटला ग्राउंड पर प्रदूषण के चलते करीब 17 मिनट तक खेल रोका और अंपायर्स से खूब जिरह की कि वो यहां मैच आगे जारी नहीं रख सकते. लंच तक सब कुछ ठीक था मगर जैसे ही टीम लंच से लौटी, करीब सभी 11 खिलाड़ियों के मुंह पर मास्क थे. वहीं कोहली अपना दोहरा शतक बनाकर टिके हुए थे.दूसरे दिन के दूसरे सत्र में लंच के बाद जब श्री लंकाई टीम जब मैदान पर उतरी तो उसके खिलाड़ी मैदान पर मास्क लगाकर उतरे। मास्क पहने खिलाड़ियों को देखकर लगा कि वह मैच में दोहरा शतक जड़ चुके विराट कोहली की पिटाई से ज्यादा दिल्ली के पलूशन से घबराई हुई थी। मेहमान टीम के खिलाड़ी बार-बार सांस लेने में तकलीफ की शिकायत कर रहे थे और खेल रोक रहे थे। इससे परेशान होकर टीम इंडिया के कैप्टन विराट कोहली ने 536/7 के स्कोर पर अपनी पारी घोषित कर दी। वही मैच के दौरान लंकाई खिलाड़ी बार-बार खेल रोक कर अंपायरों से स्थिति खेल के अनुकूल न होने की बात कह रहे थे। बहरहाल श्रीलंका की टीम के मुंह पर एंटी-पॉल्यूशन मास्क लगाकर खेलना कहीं न कहीं इंटरनेशनल लेवल पर इस वैन्यू की इमेज के लिए अच्छा नहीं है. साथ ही देश की राजधानी में पॉल्यूशन को लेकर जो सरकारी लापरवाही है, उसे भी आइना दिखाने की एक कोशिश है. श्रीलंका की टीम ने जो भी किया वो दिल्ली की सच्चाई है और दिल्ली को अपनी इस इमेज को बद से बदतर होने से रोकने के लिए युद्ध स्तर पर काम करना होगा.बताया जाता है की मैदान से जाते वक्त स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने श्रीलंकाई टीम की हूटिंग की और लूजर कहकर उन्हें हूट किया।

बेहद खतरनाक स्तर पर पलूशन

अगर पलूशन के कारण खेल रुकता, तो यह क्रिकेट इतिहास में संभवत: पहली बार होता, जब खराब हवा के कारण किसी मैच को रोका जाता।वैसे बता दें कि वेबसाइट www.aqicn.org के मुताबिक दिल्ली में फिरोजशाह कोटला मैदान के पास आईटीओ में हवा में पलूशन का स्तर देखें, तो यहां हवा में पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर बेहद खतरनाक स्तर तक पहुंचा हुआ है। यहां पीएम 2.5 की मात्रा 206, वहीं पीएम 10 की मात्रा 96 है, जो बेहद खतरनाक स्तर पर मानी जाती है।

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