September 17, 2021
Breaking News

मोबाइल और वाट्सअप ग्रुप तक किये जा रहे चेक ,धरनास्थलों के आसपास से हटाई गई धारा 144, प्रदर्शन की अनुमति खारिज,

 धरनास्थलों के आसपास से हटाई गई धारा 144, प्रदर्शन की अनुमति खारिज

 शिक्षकों ने रावण भाठा और लाखे नगर में धरना देने मांगी अनुमति,शिक्षाकर्मियों को प्रदर्शन की अनुमति नहीं,शहर की कानून व्यस्था बिगड़ने के दिया हवाला

हरित छत्तीसगढ़ रायपुर।

शिक्षाकर्मियों की हड़ताल से यातायात में हो रही लोगों की परेशानियों को देखते हुए सरकार ने धरनास्थलों के आसपास से धारा 144 हटाई दी है. लाखे नगर धरनास्थल जाने वाले रास्तों से आवागमन शुरू कर दिया गया है. लेकिन शिक्षाकर्मियों को प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है.शिक्षक मोर्चा ने रावण भाठा और लाखे नगर में धरना देने के लिए अनुमति मांगी है जिसे पुलिस की अनुशंसा पर जिला प्रशासन ने शहर की कानून व्यस्था बिगड़ने का हवाला देकर खारिज कर दिया है.लेकिन शिक्षाकर्मियों ने अपना प्रदर्शन जारी रखा है और वो एकजुट होकर प्रदर्शन करने के लिए हर वो हथकंडा अपना रहे हैं जो वो कर सकते हैं. बहरहाल विधानसभा चुनाव 2018 करीब है, और बीजेपी विधायकों को इस बात अहमियत मालूम है कि, उनकी ज़रा सी भूल भारी पड़ सकती है. देखना होगा कि सरकार और शिक्षाकर्मियों के बीच बात बनती है या नहीं. लेकिन दोनों की लड़ाई में नुकसान छात्रों की हो रही है. फिलहाल छत्तीसगढ़ में शिक्षाकर्मियों की हड़ताल जारी है। शिक्षाकर्मियों ने ये भी साफ कर दिया है, कि किसी भी सूरत में उनका आंदोलन जारी रहेगा और पदाधिकारियों की रिहाई होने के बाद ही सरकार से कोई बातचीत की जाएगी।अगर राजधानी रायपुर की बात करे तो यहा शहर दाखिले के प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस की पैनी नज़र हैं, आने-जाने वाली हर गाड़ियों की तफ्तीश की जा रही है, कि कहीं शिक्षाकर्मी तो सवार नहीं है. पुलिस हर वाहनों की जांच कर रही है.ऑटो हो या बाइक हो सबकी जांच की जा रही है. लोगों से उनका आईडी कार्ड भी मांगा जा रहा है, कहीं शिक्षाकर्मी तो फिर से एकत्र तो नहीं हो रहे हैं.शिक्षाकर्मियों को धरनास्थल जाने से रोकने के लिए की गई पुलिस की सख्ती से आम लोग भी परेशान हुए। लाखे नगर धरनास्थल और बूढ़ातालाब के आस-पास बैरिकेडिंग कर बसों और गाड़ियों को रोक कर लोगों की ID और शिक्षाकर्मी होने के शक में मोबाइल और वाट्सअप ग्रुप तक चैक किए गए। बहरहाल तमाम सख्ती के बाद भी राजधानी रायपुर में अब भी 30 हज़ार से ज्यादा शिक्षाकर्मी मौजूद हैं और आरपार की लड़ाई के मूड में हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *