November 29, 2021
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शिक्षाकर्मियो के प्रति सरकारी रवैय्या दमनात्मकः जोगी

शिक्षाकर्मियो के प्रति सरकारी रवैय्या दमनात्मकः जोगी

दिनांक 04-12-2017 । जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के संस्थापक अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अजीत जोगी ने कहा है कि संघर्षरत शिक्षाकर्मियो की संविलियन की जायज मांगो के आंदोलन को जबरिया कुचलने का प्रयास दमनात्मक है। रमन सरकार हर तरह से शिक्षाकर्मियो को डरा धमका कर जेल भेज रही है जो गुरूजनो के प्रती अक्षम्य अपराध की श्रेणी में आता है। सरकार के दमनात्मक कदमो के बावजूद शिक्षाकर्मी अपनी जायज मांगो के लिए बहादूर सिपाही की तरह अपने हक की लड़ाई के मोर्चे पर डटे हुए है। संविलियन से इंकार भाजपा सरकार की बदनियती को उजागर करता है । 2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा द्वारा जारी घोषणा पत्र में संविलियन का वादा झूठा सिध्द हो चुका है तथा शिक्षाकर्मियो का रमन सरकार पर से भरोसा उठ चुका है तथा भविष्य में शिक्षाकर्मियो का विश्वास अर्जित करना भाजपा के लिए असम्भव है। क्योंकि एक बार धोखा खाया हुआ व्यक्ति दोबारा भाजपा के भ्रम जाल में कतई फंसने वाला नहीं है । विद्यार्थियों के अभिभावक भी शिक्षाकर्मियो के साथ हो गये है तथा आंदोलन में प्रत्यक्ष- अप्रत्यक्ष रूप से शिक्षाकर्मियो को सहयोग दे रहे है क्योंकि शिक्षाकर्मियो की हड़ताल के कारण विद्यार्थियो की पढ़ाई की अपूर्णीय क्षति को नजअंदाज नहीं  किया जा सकता हैं। शिक्षाकर्मी भी डू और डाई की तर्ज पर सर पर कफन बांध कर संविलियन के आंदोलन में कूद गये है। स्कूलीय शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है। जोगी ने कहा है कि पंचायत मंत्री अजय चंद्राकर का संविलियन बाबत् शिक्षाकर्मियों की मांग को अवैधानिक बताया जाना यह सिध्द करता है कि भाजपा को यह मालूम था कि संविलियन असंवैधानिक है तो उस पर अमल करने की बात अपने घोषणा पत्र में क्यों राखी गई। उस समय केवल शिक्षाकर्मियों को गुमराह कर वोट हासिल करने चुनावी घोषणा पत्र में संविलियन का वादा करना भाजपा की बदनियती को उजागर करता है क्योंकि भाजपा धोखा देकर स्वार्थ सिध्द करने की कला में माहिर है तथा तात्कालिक लाभ अर्जित करने के लिए वह किसी भी स्तर तक जा सकती है। भाजपा संविलियन के मुद्दे को जबरन प्रतिष्ठा का प्रश्न बना रही है जो कदापि उचित नही है। आगामी चुनाव में गुरुजनों की आह प्रदेश की भाजपा सरकार को उखाड़ फैंकने के लिए पर्याप्त है। हमारा वादा है कि जकांछ की सरकार बनते ही संविलियन का आदेश सबसे पहले जरी होगा। उन्होंने जकांछ कार्यकर्ताओं को आवाह्न किया है की शिक्षाकर्मियों के इस आन्दोलन में हर तरह से सहयोग करें।

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