June 24, 2021
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भाजयुमो युवा नेता रमेश पटेल ने आबकारी मंत्री कवासी लखमा को लिखा पत्र

रायगढ़। रायगढ़ जिला एवं सारंगढ़ विधानसभा के उभरते युवा नेता रमेश पटेल ने आबकारी मंत्री श्री कवासी लखमा को लिखा पत्र पटेल ने पत्र के माध्यम से ऑनलाइन शराब बिक्री का निर्णय वापस लेने और छत्तीसगढ़ के युवाओं के साथ विश्वासघात ना करते हुए इस कोरोना के विषम परिस्थिति में 18+ युवा भाई एवं बहनों को वैक्सिनेसन की दिशा में ध्यान देने हेतु आग्रह अपील की और पटेल ने पत्र में लिखा उक्त निर्णय न केवल आपका वादा खिलाफी है,
बल्कि असामाजिक, अंसवैधानिक और अनैतिक निर्णय है आप याद करें की विधानसभा चुनाव के पूर्व वर्ष 2018 में आपके तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री राहुल गांधी जी ने आपके दल का जन घोषणा पत्र नामक छत्तीस बिंदु का एक डॉक्यूमेंट छत्तीसगढ़ प्रदेश के जनता के समक्ष प्रस्तुत किया था जिसमें एक बिंदु पर छत्तीसगढ़ में पूर्ण नशा बंदी का वादा किया गया है। आपके इस वादा को विश्वास कर ही लोगों ने आपको सरकार में बिठाया है। सरकार बनते ही आपने वादा भूलकर गांव गांव में दारू विक्रय जोरों से चालू कर दिया था। अब तो आपने हद ही पार कर दी कि
आप ऑनलाइन विक्रय एवं घर पहुंच सेवा कि नीति बनाकर छत्तीसगढ़ के लोगों के साथ विश्वासघात किया है। संविधान में सरकारों को नशा बंदी कि ओर उन्मुख होने कि बात कही गई है। सरकार मद्य निषेध कार्यक्रम चलाए ऐसी मंशा भारतीय संविधान की है पर आपने संविधान की धज्जी उड़ाते हुए संविधान का ही चीरहरण कर दिया है। प्रदेश में एक सुसंस्कृत, सुगठित और शिक्षित समाज निर्माण करने का दाइत्य भी सरकार का है परन्तु आपने इस सामाजिक जिम्मेदारी का भी उलंघन कर असामाजिक कार्य किया है।
नैतिकता का यह तकाजा है की सरकार अपने नागरिकों को दुर्व्यसनों (धूम्रपान मद्यपान) से मुक्ति दिलाए परन्तु इस नैतिकता को ताक में रखकर आपने जो निर्णय लिया है वह अनैतिक है आप और आपके दल तो गांधी जी के नाम पर राजनीति करते हैं। गांधी जी का तो सपना था देश में पूर्ण नशा बंदी हो क्या गांधी जी के इस सपने को चकनाचूर करने वाला निर्णय आपका यह ऑनलाइन विक्रय का निर्णय नहीं है? पर आपको महात्मा गांधी से क्या लेना देना आप तो सोनिया गांधी और राहुल गांधी के भक्त हैं परन्तु यह तो खयाल रखते कि जन घोषणा पत्र कि घोषणा राहुल गांधी जी से ही करवाया था। क्या माननीय राहुल गांधी जी को आपके द्वारा झूठा बनाया जाने का यह निर्णय नहीं है?
इन समस्त बिंदुओं को दृष्टिगत रखते हुए मेरा आपसे आग्रह है कि आप इस असामाजिक अनैतिक असंवैधानिक तथा तात्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष को विश्वासघाती और झूठा साबित करने वाले निर्णय को वापस लें एवं पूर्ण नशा बंदी के लिए कदम उठाएं।

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