September 17, 2021
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शिक्षा कर्मी बना कुकर्मी पेशे को किया शर्मसार” “अबोध बालिकाओं के साथ करता था अश्लील हरकत”

“शिक्षा कर्मी बना कुकर्मी पेशे को किया शर्मसार”

“अबोध बालिकाओं के साथ करता था अश्लील हरकत”

बसन्त चन्द्रा डभरा– हमारी संस्कृति के अनुरूप गुरु शिष्य का रिश्ता बहुत ही पावन एवं पवित्र माना गया है। किंतु गुरु के रूप में अगर कोई हवसी विराजमान हो जाए तो गुरु परंपरा दागदार हो जाती है। कुछ इस प्रकार की गुरुत्व को कलंकित करने वाली घटना डभरा विकासखंड के नवीन प्राथमिक शाला छुही खाचा सुखदा मे पदस्थ परमेश्वर प्रसाद शर्मा नामक शिक्षाकर्मी का कृत्य उजागर हुआ है ।संबंधित शिक्षाकर्मी के द्वारा वहां पर पढने वाली छात्राओं के साथ जिनकी उम्र महज छह से बारह है ,अश्लील हरकत करने की घटना उजागर हुई है ।उक्त हवसी शिक्षाकर्मी इन अबोध बालिकाओं के साथ अश्लील हरकत करता था तथा बच्चों के आपत्ति किए जाने पर उन्हें चाकू लहराकर डराया करता था। अबोध बच्चे शिक्षक के डर से शिक्षक के कुकर्म की जानकारी अपने मम्मी पापा से चाह कर भी नहीं दे पा रहे थे ।
इस घटना का खुलासा तब हुआ जब एक बच्ची स्कूल नहीं आई ।स्कूल नहीं जाने का कारण उसके मां द्वारा पूछे जाने पर लड़की ने सीने में दर्द होना बताया । तथा जोर देकर पूछे जाने पर अबोध बालिका ने अपनी मां से शिक्षक के कृत्य को बताया। जो कि समूल शिक्षक समुदाय को शर्मसार करने वाला तथा घिनौना है। यह सब सुनकर बच्चे की मां अचरज में पड़ गई तथा उसने अपने परिजनों को बताना उचित समझा फिर बच्ची की मां ने अपने परिजनों को बताया एवं उसके परिजनों द्वारा फिर गांव के ही अन्य लोगो को बताया गया । उन्होंने स्कूल में जाकर देखा तो शिक्षाकर्मी हडताल के वजह से स्कूल नही आ रहा है। जैसे ही इस घटना की जानकारी हमारे संवाददाता बसंत चंद्रा को प्राप्त हुई तो उन्होंने घटना की सच्चाई जानने के लिए घटनास्थल शासकीय प्राथमिक शाला छुही खाँचा सुखदा में पहुंच कर पता लगाना उचित समझा तथा वहां उन्हें वहां जाने पर बच्चियों के बयान से घटना के पुख्ता सबूत प्राप्त हुए । जब बच्चियों ने बयान दिया उस समय गांव के कुछ लोग भी मौजूद थे । साथ साथ पुलिस के सिपाही भी वहां पहुंचे हुए थे। समस्त लोगों के बीच उस विद्यालय में पढ़ने वाली अबोध बालिकाओं ने संबंधित शिक्षाकर्मी के अश्लील हरकतों को बयान के रूप में बताया। इस प्रकार हवस का शिकार एक व्यक्ति गुरु का चोला पहनकर अपने अश्लील विचारधाराओं को कर्म के रूप में परिणित करता रहा, जिससे पालक अनजान रहे तथा बच्चों के मन में भय भी व्याप्त रहा।

“साल भर पहले भी उजागर हुई थी ऐसी हरकत”:-
लोगों ने बताया कि एक वर्ष पहले भी इसके द्वारा इस प्रकार का कृत्य किया गया था। जिसकी शिकायत प्रधान पाठक से मौखिक तौर पर की गई थी ।प्रधान पाठक ने उसे कड़ी फटकार लगाते हुए कहा था कि दोबारा अगर गलती हुआ तो मैं अपने अधिकारियो को सूचित कर दूंगा ।परंतु यह व्यक्ति हवस में अंधा होकर हिदायतों तथा समझाईस को नजरअंदाज कर पुनः उन गलतियों को दोहराने लगा। शाला में पदस्थ शिक्षिका के द्वारा पूर्व में घटित घटना की शिकायत देवरघटा संकुल के संकुल प्रभारी को भी दी गई थी। जिसकी पुष्टि शिक्षिका ने स्वयं तथा संकुल प्रभारी के द्वारा हमारे संवाददाता के समक्ष इस बात को स्वीकार भी किया गया कि इस प्रकार की शिकायत प्राप्त हुई थी। किंतु मामले को जस का तस छोड़ दिया गया था।

“बच्चों के कोमल मन पर पड़ता है गहरा आघात”
:- अगर बच्चों के साथ सामान्य से हटकर के किसी प्रकार की कोई समझ में नहीं आने वाली हरकत की जाती है तथा उन्हें डरा धमका कर रखा जाता है। इस से बच्चों के कोमल मन पर गहरा असर पड़ता है।पीड़ित बच्ची के मन में शिक्षक के प्रति गहरा डर बैठ गया था ।जिसकी वजह से बच्ची स्कूल आने से मना कर रही थी। इससे स्पष्ट होता है कि बच्चे के मन का डर काफी गहरा थातथा वह ऐसी घटना की शिकार हुई थी।।ऐसे में स्वतंत्र होकर तथा खुले मन से पढ़ाई कैसे संभव है।

” शिक्षक होता है समाज का पथ प्रदर्शक “:-
सामान्य तौर पर देखा जाएतो शिक्षक ही एक ऐसा व्यक्ति है, जिसको पूरा समाज सम्मान के साथ स्वीकार करता है तथा उसे समाज के पथ प्रदर्शक के रूप में जाना जाता है। किंतु अगर शिक्षक ऐसी हरकत करने लगे तो कैसे हो सकता है समाज का उद्धार।

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