June 24, 2021
Breaking News

पत्थलगांव में अखंड सुहाग का पर्व वट सावित्री संपन्न

अखंड सुहाग का पर्व वट सावित्री संपन्न

संजय तिवारी पत्थलगांव – पत्थलगांव शहर के विभिन्न वट वृक्षों के नीचे गुरुवार को महिलाएं द्वारा वट सावित्री पूजा काफी धूमधाम से की गई । सुहागन स्त्रिया वट सावित्री व्रत के दिन सोलह श्रृंगार करके सिंदूर, रोली, फूल, अक्षत, चना, फल और मिठाई से सावित्री, सत्यवान और यमराज की पूजा करती है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन व्रत रखकर वट वृक्ष के नीचे सावित्री, सत्यवान और यमराज की पूजा करने से पति की आयु लंबी होती है और संतान सुख प्राप्त होता है। इस मौके पर वट वृक्ष के नीचे भगवान गणेश, गौरी, पंचदेवता, नवग्रह समेत अन्य देवताओं की पूजा की गई। सत्यवान और सावित्री की कथा सुनकर स्त्रियां वट वृक्ष की परिक्रमा कर प्रसाद ग्रहण किया और अपने घर आई। महिलायें प्राचीन काल से चली आ रही इस परंपरा के अनुसार अपने पति के दीर्घजीवी होने के लिए बरगद के पेड़ की पूजा और व्रत करती है। बताया जाता है कि इसी दिन सावित्री ने यमराज के फंदे से अपने पति सत्यवान के प्राणों की रक्षा की थी। मूलत: यह व्रत-पूजन सौभाग्यवती स्त्रियों का है। इस दिन वट (बड़, बरगद) का पूजन होता है। इस व्रत को स्त्रिया अखंड सौभाग्यवती रहने की मंगलकामना से करती हैं। वट वृक्ष की जड़ों में ब्रह्मा जी, तने में विष्णु और डालियों एवं पत्तों में शिव का वास है। इसके नीचे बैठकर पूजन, व्रत कथा कहने और सुनने से मनोकामना पूरी होती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *