July 26, 2021
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इस साल भी योग दिवस डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मनाया जायेगा

बीते एक साल में योग का लोगों ने किया जमकर अभ्यास

कोरोना के संकट को दूर करने में मददगार है योग

हरित छत्तीसगढ़ रायगढ़. कोरोना के प्रकोप को देखते हुए पिछले साल की तरह इस साल भी योग दिवस डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मनाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को योग के प्रति जागरूक करना है क्योंकि योग करने से व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकता है। वहीं कोरोना काल ने योग की महत्वता को और भी बढ़ा दिया है। हर कोई इस महामारी को मात देने के लिए निरंतर योग साधना कर रहा है। योग प्रशिक्षक सुनीता तिवारी कहती हैं कि करें योग, रहें निरोग, योग का शाब्दिक अर्थ है जोड़। अर्थात वह अवस्था जो आत्मा से परमात्मा से मेल अथवा जोड़ करवाए। योग हमारे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। भारत में योगाभ्यास की परंपरा तकरीबन 5,000 साल पुरानी है। योग को शरीर और आत्मा के बीच सामंजस्य का अद्भुत विज्ञान माना जाता है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने के लिए 21 जून का दिन तय करने के पीछे एक खास वजह है। 21 जून साल के 365 दिनों में सबसे बड़ा होता है, यह मनुष्य के दीर्घ जीवन को दर्शाता है। तथा इस दिन सूर्य जल्दी उदय होता है और देर से ढ़लता है, मान्यता है कि इस दिन सूर्य का तप सबसे ज्यादा प्रभावी होता है और प्रकृति की सकारात्मक ऊर्जा सक्रिय रहती है। अब तो बच्चों में भी योग की आदत को डालने के लिए शहर के बड़े स्कूलों ने इसे अपने पाठ्यक्रम का अहम हिस्सा बनाया है। योग को किसी एक दिन विशेष का नहीं रखते हुए इन स्कूलों ने इसे बच्चों में व्यापक रूप से फैलाया है।

एक साल में गजब की जागरूकता आई :योग प्रशिक्षक

24 साल की योग प्रशिक्षक श्रेया अग्रवाल जो वर्तमान में योग में ही पीएचडी भी कर रही हैं बताती हैं, “कोविड काल में योग से बेहतर कुछ नहीं है। जो व्यक्ति नियमित रूप से योगाभ्यास करता है वह कोविड संक्रमण से नहीं मर सकता है। कोरोना का सबसे पहला प्रभाव फेफड़ों पर ही पड़ता है और योग भी सबसे पहले सकारात्मक प्रभाव फेफड़ों  पर ही डालता है। हमारा जीवन स्वांस पर टिका है और स्वांस पर ही आधारित प्राणायाम है। योग और प्राणायाम को हमें जीवन में शामिल करना ही होगा। इससे हमारी शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों बेहतर होते हैं। आयुर्वेद के अनुसार किसी व्यक्ति को स्वस्थ तभी माना जाता है तब वह शारीरिक रूप से स्वस्थ हो। लोगों में योग को लेकर जो आलसीपन का भाव था इस कोरोनाकाल में खत्म हो गया। उन्होंने इस चीज को माना कि बीमारी उम्र और शरीर देखकर नहीं आती। बीते 3 महीने में मैंने खुद 15 कोरोना संक्रमित मरीज जो अस्पताल में भर्ती थे उन्हें योग प्रशिक्षण दिया सभी स्वस्थ हैं। कोरोना की संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर अभी छोटे बच्चों को योग सिखाने पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। मैं शुरू से ही 3 साल से अधिक के बच्चों को योग सिखाती हूं। छोटे बच्चों के योग सीखने को लेकर उनके पालकों में भय भी रहता है जिसे धीरे-धीरे दूर कर रही हूं “ उन्होंने बताया।

1 लाख से अधिक वर्चुअल योग मैराथन करेंगे

राज्य सरकार द्वारा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योगाभ्यास प्रोटोकॉल के अनुसार आयोजित होने वाले ‘छत्तीसगढ़ वर्चुअल योग मैराथन’ को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। जिला जनसंपर्क अधिकारी राहुल सोन से मिली जानकारी के अनुसार 20 जून तक जिले से 1.10 लाख से अधिक लोगों ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है। उन्होंने बताया कि सभी पंजीयनकर्ताओं को डिजिटल प्रणाम पत्र प्रदान किया जाएगा। साथ ही हर जिले के प्रथम 100 पंजीयन को टीशर्ट प्रदान किया जाएगा।

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