July 24, 2021
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दयानंद एंग्लो वैदिक द्वारा संचालित माॅडल स्कूल का अभिभावक सम्मेलन समपन्न

दयानंद एंग्लो वैदिक द्वारा संचालित माॅडल स्कूल का अभिभावक सम्मेलन समपन्न
Vivek tiwari

पत्थलगाव। दयानंद एंग्लो वैदिक संस्थान द्वारा संचालित माॅडल स्कूल पंडरीपानी का अभिभावक सम्मेलन पत्थलगांव के सभाकक्ष में समपन्न हुआ। सर्वप्रथम इन बच्चों द्वारा नगर के तीनों प्रमुख मार्गों में स्वच्छता रैली निकालकर लोगों को जागरुक किया। बच्चों के द्वारा मनोहर सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।
स्कूल के प्राचार्य पी. के महन्ता ने दयानंद एंग्लो वैदिक स्कूल की जानकारी देते हुये बताया कि आर्य समाज के महान सदस्य एवं शिक्षाविद महात्मा हंसराज ने इस संस्था का आरम्भ किया था। ये विद्यालय भारतीय चिंतन
और भारतीय संस्कृति के साथ आधुनिक प्रौद्योगिकी का संगम हैं। उन्नीसवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में स्वामी दयानन्द सरस्वती ने आर्य समाज की स्थापना की जिसका लक्ष्य भारतीय समाज को बौद्धिक, वैचारिक एवं आध्यात्मिक रूप से पुनर्जीवित करना था। उन्होने वेदों की ओर वापस जाने का आह्वान
किया जिसका वास्तविक अर्थ शिक्षा का प्रसार करना था। स्वामी दयानन्द का विश्वास था कि शिक्षा के प्रसार के द्वारा ही देश के कोने-कोने में जागृति आयेगी। रिजनल डाॅयरेक्टर प्रशांत कुमार ने अपने उदबोधन में कहा कि बालक-बालिकाओं के शिक्षण तथा विकास का सारा दायित्व शिक्षक वर्ग पर छोड़कर अभिभावक
निश्चिंत हो जाते हैं। स्वयं यह भी नहीं देखते कि बालक-बालिका को विकास के लिए जैसा वातावरण चाहिये है, वह उन्हें नहीं मिल रहा है या नही, उन्होने अभिभावकों से आग्रह किया कि बच्चों के प्रति सजग रहें। बालकों एवं बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए माता-पिता का भी प्रशिक्षण होना जरुरी है। पूर्व विधायक रामपुकार सिंह ने कहा कि माता ही प्रथम गुरु होती
है, यदि यह कहें कि माता-पिता दोनों ही प्रथम गुरु हैं तो शायद और भी उचित होगा। सचमुच माता-पिता बनना कठिन है, अच्छे माता-पिता की भूमिका निभाना सरल नहीं। माँ-बाप जो बच्चों का सर्वांगीण विकास कर सकें जो अपने बच्चों का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित कर सकें। नगर के वरिष्ठ सत्यनारायण शर्मा ने संबोधित कर बच्चों को भारतीय संस्कृति से जोड़ने का आव्हान किया। जो उनको अच्छे-अच्छे संस्कार दे सकें, जो उनके स्वास्थ्य और शिक्षा पर ध्यान दे सकें, जो उनमें अच्छी आदतों का विकास कर उन्हें उत्तम नागरिक बना सकें तथा सही अर्थ में मानव बना सकें  माता-पिता की या अन्य बड़ों की
आदतों का प्रभाव अनजाने ही बच्चों पर पड़ता है। बच्चे बड़ों की आदतें नकल करके सीख जाते हैं। इस अवसर पर स्कूल के बच्चों ने मनभावन सांस्कृतिकप्रस्तुतियां भी दी। कार्यक्रम में पूर्व विधायक रामपुकार सिंह,सत्नारायण शर्मा, पत्रकार राजेश अग्रवाल, शैलेष शर्मा, क्षेत्रिय निर्देशक प्रशांत कुमार, मैनेजर एस. के. मिश्रा, प्राचार्य पी.के. महंती,प्रभारी प्राचार्य राजकुमार प्रसाद एवं बड़ी संख्या में अभिभावक, छात्र छात्रायें उपस्थित रहे।

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