October 18, 2021
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अब स्कूल बन गया डाक-तार-विभाग…. शिक्षक रात-दिन बना रहे डाक…. विभाग ने कर दिया पढ़ाई-लिखाई का सत्यानाश… विभाग द्वारा शिक्षकों को किया जा रहा मानसिक तौर पर प्रताड़ित व परेशान…. शिक्षकों को डिस्टर्ब करना बंद करें विभाग – ‘जाकेश साहू’

अब स्कूल बन गया डाक-तार-विभाग…. शिक्षक रात-दिन बना रहे डाक…. विभाग ने कर दिया पढ़ाई-लिखाई का सत्यानाश… विभाग द्वारा शिक्षकों को किया जा रहा मानसिक तौर पर प्रताड़ित व परेशान….
शिक्षकों को डिस्टर्ब करना बंद करें विभाग – ‘जाकेश साहू’

रायपुर //-
प्रदेश के कर्मचारी एवँ शिक्षक नेता जाकेश साहू ने राज्य सरकार के शिक्षा विभाग पर आरोप लगाया है कि विभाग द्वारा स्कूलों को अब पढ़ाई के जगह डाक-तार-विभाग और शिक्षकों को शिक्षक के बजाय बाबू बनाकर रख दिया गया है। विभाग ने शिक्षको को अब प्राकृतिक रूप से पढ़ाई-लिखाई से वंचित कर दिया है। अब सब कुछ मोबाइल से होने लगा है, मात्र पांच से सात एवँ दस स्कूलों को मिलाकर एक संकुल बना दिया गया है, एक एक विकासखण्ड में कम से कम तीस-तीस और चालीस-चालीस संकुल बना दिया गया है।
संकुल समन्वयक और संकुल प्राचार्य आए दिन संकुलों का बार-बार दौरा कर रहे है, बार-बार निरीक्षण टिप, स्कूलों की चेकिंग, शिक्षकों को टिका-टिप्पणी करना….ये सब आम बात हो गई है। जिससे शिक्षक पढ़ाई लिखाई के कार्य से बेवजह डिस्टर्ब हो रहे है। कोरोना काल के बाद जब से स्कूल खुला है तब से विभाग द्वारा विभागीय कार्यो के नाम पर शिक्षकों का वेवजह मानसिक शोषण किया जा रहा है।
फेडरेशन आंदोलन के नेतृत्वकर्ता एवँ राज्य के आक्रामक व तेजतर्रार शिक्षक नेता जाकेश साहू ने मीडिया को दिए गए अपने इंटव्यू में बताया कि स्कूलों में शिक्षकों को स्वतंत्र रूप से बच्चों के साथ छोड़ देना चाहिए जिससे कि वे स्कूली बच्चों को नेचुरली तौर पे पढ़ा-लिखा सके जिससे बच्चों की सही तौर पर पढ़ाई-लिखाई हो सके लेकिन छत्तीसगढ़ राज्य में ऐसा न होकर उल्टी गंगा बह रही है…. नए सत्र में पढ़ाई शुरू हुई ही थी और बच्चे स्कूल आकर पड़ना लिखना शुरू किए ही थे कि विभाग द्वारा बेवजह नाना प्रकार का बोझ शिक्षकों पर डाला जा रहा है।
प्रत्येक संकुल में सभी शिक्षकों को संकुल ग्रुप में जोड़ा गया है, जिसमे हर घण्टे कई डाक स्कूलों को डाले जाते है। हर आधे एक घण्टे में मोबाइल का व्हाट्सएप खोलो तो कई डाक संकुलों से स्कूलों को भेजे जाते है, उक्त डाको को तत्काल, तत्काल बनाकर भेजने अथवा संकुल में हार्ड कॉपी भेजने कहा जाता है, यदि डाक नहीं भेजे तो विभागीय कार्यवाई का भय दिखाया जा रहा, सभी बच्चों का ऑनलाइन इंट्री करवाना, छात्रवृत्ति हेतु कम्प्यूटर में सब कुछ एंट्री करना, बच्चों से फोटो व मोबाइल नम्बर लेना, कबाड़ से जुगाड़ प्रतियोगिता हेतु तैयारी करना, किचन गार्डन बनवाना, बेसलाइन टेस्ट, टेस्ट का अंक मोबाइल में लोड करना, बेसलाइन टेस्ट का पेपर समन्वयक व संकुल प्राचार्य को चेकिंग करवाना सहित नाना प्रकार के कार्य से स्कूलों का शिक्षक बेवजह परेशान है। व्हाट्सएप और मोबाइल होने से विभाग द्वारा शिक्षकों का जबर्दस्त शोषण किया जा रहा है, रोज रोज संकुल ग्रुप में नित नए जानकारी मंगाए जा रहे हक, स्कूलों में पढ़ाई न कराकर नाना प्रकार के प्रतियोगिता करवाने कहा जा रहा है। ऐसे ऐसे कई कार्य करवाए जा रहे है जिससे स्कूल का शिक्षक बच्चों की पढ़ाई के बजाय दिनभर डाक बनाने, जानकारी प्रपत्र भरने सहित सिर्फ विभागीय कार्य करते हुए आल टोटल बाबू बनकर रह गया है, जिससे पढ़ाई लिखाई का सत्यानाश हो रहा है। दिनभर लिखा पढ़ी और नाना प्रकार के जानकारी बनाने के चक्कर मे शिक्षक बेवजह मानसिक रूप से परेशान व प्रताड़ित हो रहा है।
राज्य के शिक्षक नेता जाकेश साहू ने विभाग को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि स्कूलों को पढ़ाई लिखाई के अलावा दुनियाभर के डाक बार बार भेजना और शिक्षकों को मानसिक प्रताड़ना देना यदि तत्काल बंद नहीं किया गया तो प्रदेशभर के शिक्षक स्कूलों में तालेबंदी कर राज्य लोकशिक्षण संचालय का अनिश्चितकालीन घेराव करेंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी विभाग की होगी।

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