October 18, 2021
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु देव साय से मिला छत्तीसगढ़ बंजारा समाज का प्रतिनिधि मंडल विभिन्न मुद्दों पर हुई विस्तार से चर्चा।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु देव साय से मिला छत्तीसगढ़ बंजारा समाज का प्रतिनिधि मंडल विभिन्न मुद्दों पर हुई विस्तार से चर्चा।
रायपुर। बुधवार को छतीसगढ़ बंजारा समाज के प्रतिनिधि मंडल के रूप में महासमुंद जिले के बंजारा समाज कोडिया परिक्षेत्र के कन्हैया नायक के नेतृत्व में बुधवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु देव साय से उनके गृह ग्राम बगिया में मुलाकात कर बंजारा समाज के विभिन्न समस्याओं और कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा किया गया श्री नायक ने श्री साय से चर्चा करते हुए बताया की छतीसगढ़ में बंजारा समाज लगभग 8 विधानसभा में अधिक संख्या में निवास करते हैं लेकिन समाज में आर्थिक कमी के कारण बंजारा समाज आज भी शासन और प्रशासन के मुलभुत योजनाओं से दूर है और बहुत दुःख की बात हैं की छतीसगढ़ 8 विधानसभा में बंजारा समाज का जनसख्या होते हुए भी बंजारा समाज का सरकार के पास कोई योजना और ना आकड़ा है इससे अधिक दुर्भाग्य बंजारा समाज का नही हो सकता श्री नायक ने बताया की अविभाजित मध्यप्रदेश शासन में बंजारा समाज को घुमंतू व् विमुक्त घुमतु जाति में रखा गया था और उसका लाभ भी बंजारा समाज को मिलता रहा हैं लेकिन बंजारा समाज को एक मिलने वाला हक़ भी छतीसगढ़ बनने के बाद छीन गया और आज तक बंजारा समाज अपने हक़ की लड़ाई लड़ रहा है छत्तीसगढ़ के बंजारा समाज के प्रतिनिधि मंडल के मुलाकात में सिहावा के बेलरगांव परिक्षेत्र सचिव व आंल इंडिया बंजारा सेवा संघ के प्रदेश कोषाध्यक्ष संतोष चौहान रायपुर परिक्षेत्र के सचिव ताराचंद नायक, कांसाबेल से मोती बंजारा मौजूद थे।
अजजा में शामिल करने पर हुए चर्चा
श्री कन्हैया नायक ने श्री साय को बताया की छतीसगढ़ में बंजारा समाज लगभग 2001 से बंजारा समाज को आदिवासी में शामिल करने के लिए संघर्ष कर रहा है अगर सरकार के द्वारा बंजारा समाज को आदिवासी शामिल कर दिया जाता है तो समाज में आर्थिक, सामाजिक और शिक्षा का स्तर सुधर जायेगा वही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु देव साय से केन्द्रीय अनुसूचित जनजातीय मंत्री अर्जुन मुंडा का समय लेकर समाज के प्रतिनिधि मंडल के साथ में मुलाकात कर मामले को सुलझाने में सहयोग करने की आश्वाशन दिया है
छतीसगढ़ में घुमंतू जाति के लिए विकाश के लिए अलग आयोग बनाने की मान की
उल्लेखनीय हैं की बंजारा समाज के साथ में छतीसगढ़ में अन्य आठ जाति के लोग घुमंतू समुदाय में आते है लेकिन समाज में किसी प्रकार का एकत्रीकरन नही होने से पुरे छतीसगढ़ में समाज से लोग विखरे पड़े है और उनको विकास से जोड़ने और आर्थिक रूप से सक्स्त बनाने के लिए छतीसगढ़ घुमतु जाति के लिए एक आयोग बनाने की मांग की है

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