July 25, 2021
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मानव तस्करी रोकथाम के संबंध में हुआ जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन

मानव तस्करी रोकथाम के संबंध में हुआ जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन

जशपुर।  जशपुर आज दिनांक 15/12/17 को जीवन झरना विकाश संस्था की ओर से पुलिस लाइन जशपुर के सभाकक्षा में एक दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न हुई। इसके सुरुआत में पुलिस अधीक्षक महोदय श्री प्रशांत सिंह ठाकुर  एवं अति पुलिस अधीक्षक महोदया सुश्री उनैजा खातून  अंसारी ने कार्यशाला में उपस्थित  समस्त  अधिकारी कर्मचारियों को संबोधित करते हुए सेवा प्राधिकरण का महत्व, मानव तस्करी रोकने के कानूनी पहलुओं की जानकारी दी। जिला जशपुर के समस्त थाना चौकी  में चलित थाना लगाकर गांव के लोगों को मानव तस्करी से बचने के लिए  एवं  मानव तस्करी  के द्वारा गांव के व्यक्ति को बहला-फुसलाकर  दूसरे राज्यों में काम कराने  ले जाने उनसे  बचने  तथा उसके उपाय एवं  गांव के लोगों को चली थाना के द्वारा  सदैव तत्पर रहने के लिए  जागरुक किया जा रहा व मानव तस्करी को समाज के लिए अभिशाप बताये। इसे रोकने में पुलिस के सहयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
इस प्रकार जीवन झरना विकास संस्था के कार्यों की सराहना की। स्वयंसेवी संस्थाओं और कार्यशाला में उपस्थित नागरिकों को उन्होंने प्रत्येक कार्य कानून के दायरे में रहकर करने की प्रेरणा दी।
इस मौके पर कलेक्टर महोदय डॉ प्रियंका शुक्ला ने भी मानव तस्करी के कारण, तरीके, रोकथाम के उपाय बताए और बेटी जिंदाबाद के तहत गांवो में कैंप लगाकर बेटियों की पढ़ाई एवं उनके कौशल विकास और बेटियों पर कानूनी अधिकार के संबंध में जानकारी देने  की बात कही।

कार्यशाला में मानव तस्कारी से बढ़ रही है परेशानिया शहरों में बेचे जा रहे है गॉव के बेटे बेटियां

हमारे शहर में हर 8 मिनट में एक बच्चा लापता हो जाता है मानव तस्करी क्या है संयुक्त राष्ट्र की परिभाषा के अनुसार किसी व्यक्ति को डराकर बल प्रयोग कर याद दोषपूर्ण तरीके से भर्ती परिवहन या शरण में रखने की गतिविधि तस्करी की श्रेणी में आता है दुनिया भर में 80% से ज्यादा मानव तस्करी यौन शोषण के लिए की जाती है और बाकी बंधवा मजदूरी के लिए इस पर कानून क्या कहता है भारतीय दंड विधान के अंतर्गत मानव तस्करी एक गंभीर अपराध है एवं धारा 370 के अंतर्गत जो भी व्यक्तिगत किसी अन्य व्यक्ति को मानव तस्करी करता है तो उसे 7 वर्ष से लेकर उम्रकैद की सजा का प्रावधान किया गया है

बाल यौन शोषण
बाल यौन शोषण क्या है :- इस पर चर्चाएं कोई अगर किसी बच्चे के साथ किसी भी तरह का यौन संबंध बनाया जाता है या उसे इस काम के लिए उपयोग किया जाता है या उसे अश्लील सामग्री दिखाई जाती है तो यह बाल यौन शोषण कहलाता है इसमें बच्चों की सहमति हो या ना हो ।
इस पर कानून क्या कहता है इसके लिए देश में लैंगिक अपराधों से बालको का संरक्षण अधिनियम 2012 POCSO ACT लागू किया गया है ।

शिक्षा का अधिकार शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 कानून लागू होने के 3 साल के भीतर सरकार द्वारा तय अधिकारी के स्थान पर स्कूल की व्यवस्था करेंगे जहां बच्चों के लिए खास पास कोई स्कूल नहीं है सभी 6 से 14 साल के सभी बच्चों को आसपास की स्कूल में प्रारंभिक शिक्षा श्वेता मिलेगी सभी निशक्त बच्चों को निशुल्क शिक्षा की सुविधा मिलेगी किसी भी बच्चे को सारी नंद नहीं दिया जाएगा या मानसिक रुप से प्रताड़ित नहीं किया जाएगा धारा 17 की अनुसार।

इस कार्यशाला में पुलिस अधीक्षक महोदय एवं कलेक्टर महोदया तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय आ तथा प्रभारी रक्षित निरीक्षक महोदय एवं सूबेदार के साथ जीवन झरना के अधिकारीगण एवं पुलिस के स्टाफ आदि उपस्थित रहे।

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