January 22, 2022
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करारोपण-अधिकारी-सचिव-सरपंच पर आरआरसी के तहत…लाखों की बकाया वसूली-अभी भी नोटिस-तामीली कि प्रक्रिया…में वसूली की कार्यवाही-जीरो “हरितछत्तीसगढ़” लगातार।

करारोपण-अधिकारी-सचिव-सरपंच पर आरआरसी के तहत…लाखों की बकाया वसूली-अभी भी नोटिस-तामीली कि प्रक्रिया…में वसूली की कार्यवाही-जीरो “हरितछत्तीसगढ़” लगातार।

26-सरपंचों-03-करारोपण-अधिकरी-18-सचिवों सितंबर 2021-तक..79-लाख 99-हजार-490/₹ बकाया वसूली जीरो

पंचायत-विभाग में बकाया-वसूली के लिए अलग से एंटी-करप्शन-ब्युरो-जैसे विभाग-व-विभागीय-अधिकारियों की आवश्यकता।

*दिनांक:-29/11/2021*

*सवांददाता:-मोहम्मद जावेद खान हरित छत्तीसगढ़ करगीरोड कोटा।।*

 

*करगीरोड-कोटा:-आरआरसी के तहत कोटा-जनपद पंचायत के सरपंच-सचिवों सहित करारोपण-अधिकारी पर लाखों की बकाया राशि वसूली में विभाग व विभागीय-नोटिस-तामील कराकर केवल औपचारिकता पूरी कर रहे हैं..बकाया वसूली में तेजी के लिए विभागीय अधिकारियों को गिरफ्तारी-वारंट जारी करने की आवश्यकता है..पर संबंधित-विभागीय-अधिकारी द्वारा केवल औपचारिकता पूरी कर रही है..ग्राम-पंचायतों के विकास-कार्यो के लिए दी जाने वाली लाखो की राशि में वित्तीय-अनियमितता..जनता के द्वारा चुने गए सरपंच-शासन के प्रतिनिधि कहे जाने वाले सचिव व सचिवों के मॉनिटरिंग करने वाले करारोपण-अधिकारीयो भी शामिल हैं..बकाया-भुगतान के नोटिस जारी होने पर क़िस्त के रूप कुछ राशि भुगतान कर सालों तक फिक्रमंद हो जाते हैं..नियमत: तो इन सभी लोगों के खिलाफ सरकारी-राशि में वित्तीय-अनियमितता करने पर आईपीसी की धाराओ के तहत इन सभी लोगो को गिरफ्तार कर जेल भेज देना चाहिए साथ ही इनके पूरे कार्यकाल के दौरान अर्जित की गई राशि की जांच एंटी-करप्शन ब्यूरो सहित आर्थिक-अन्वेषण-ब्यूरो को सौंप कर इनकी संपत्ति की भी जांच की जानी चाहिए “हरितछत्तीसगढ़” लगातार आरआरसी की बकाया-राशि की खबरे लगातार प्रकाशित कर रहा है..पर शासन-प्रशासन के मातहत विभागीय-अधिकारी सहित वर्तमान सरकार के नुमाइंदे-जनप्रतिनिधि संज्ञान लेना छोड़ चिरनिद्रा में सोए हुए हैं।*

*कोटा-जनपद-पंचायत के तीन स.आ. करारोपण-अधिकारी पर 13-लाख से ऊपर बकाया राशि-वसूली जीरो—–*

*आरआरसी के तहत बकाया राशि में कोटा जनपद पंचायत के तीन स.आ.करारोपण-अधिकारियों पर 13-लाख बकाया-राशि का भुगतान बकाया है जिसमे की खेलुराम धुर्व चुरेली पर 183650/₹ 2006-07-से 2008-09 तक बकाया है..उक्त-करारोपण अधिकारी के द्वारा 30/11/2016 के बाद कोई भी राशि जमा नही किया गया है..वही पर हरिहर प्रसाद महेश्वर दवनपुर पर 24245/₹ 2006-07-2008-08 तक का बकाया हैं..इनसे भी वर्तमान में वसूली की कार्यवाही जारी है वही पर कोटा जनपद पंचायत के इकलौते-विगत कई सालो से एक ही जगह पर अंगद की तरह पैर जमाए हुए कोटा जनपद से ही रिटायरमेंट की उम्मीद लगाए हुए उक्त करारोपण-अधकारी जो कि वर्तमान में 18-से 20 से अधिक ग्राम-पंचायतों के प्रभार के रूप में करारोपण-अधिकारी सहित लमकेना ग्राम-पंचायत में अतिरिक्त सचिव के प्रभार के रूप में कार्यरत हैं..कोटा जनपद पंचायत के ही ठीक पीछे में निवासरत स.आ.करारोपण-अधिकारी रमाकांत खरे के ऊपर आरसीसी के तहत 10-लाख 92-हजार-आठ सौ ग्यारह रुपए बकाया राशि है..ये बकाया राशि 2006-07-2009-10 तक छेरकाबांधा-अमने ग्राम पंचायत में पंचायत-सचिव रहने के दौरान की है-जिसमे की छेरकाबांधा सचिव रहने के दौरान 06-लाख 87-हजार 300/₹ अमने ग्राम-पंचायत सचिव रहने के दौरान 02-लाख 05-हजार 511/₹ 2017-18 में तेंदुवा-सरपंच-सचिव (सयुंक्त) रहने के दौरान 02-लाख रुपए बकाया है इसके अलावा 2003 से 2010 तक ग्राम-पंचायत खैरा-बिल्लीबन्द में भी सचिव की भूमिका निभा चुके हैं..कुल बकाया राशि मे वर्तमान करारोपण-अधिकारी रमाकांत खरे के द्वारा मासिक क़िस्त के रूप में कुल 33000/₹ ही कुल जमा किया गया है..13/07/2017 के बाद से एक भी राशि जमा नही की गई आश्चर्य करने वाली बात ये है कि लाखो की बकाया राशि के वित्तीय-अनियमितता होने के बाद भी वर्तमान-करारोपण पर कोटा-जनपद पंचायत में शिकायत-संबंधी कोई भी प्रकरण नस्ती नही है..ये जानकारी सूचना के अधिकार के तहत 30/03/2019 को उक्त करारोपण अधिकारी के द्वारा वित्तीय-अनियमितता के सवाल पर कोटा-जनपद-पंचायत के द्वारा दी गई थी उसके अलावा वर्तमान में पदस्थ रमाकांत खरे पर लमकेना-तेंदुवा पंचायत सचिव रहने के दौरान हितग्राहियों के एसबीएम के तहत निर्मित शौचालयों के अंशदान राशि मे भुगतान संबंधी शिकायत-जांच भी हुई..जिसमें की गड़बड़ियां पाई गई है..पर कोटा जनपद पंचायत के पूर्व व वर्तमान सीईओ सहित जिला-पंचायत सीईओ के द्वारा उक्त करारोपण-अधिकारी पर कार्यवाही करने के बजाए मोगेम्बो खुश हुआ कि तर्ज उक्त करारोपण अधिकारी का हौसला अफजाई करते हुए 18-से 20 ग्राम-पंचायतों का अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया है..ऐसा प्रतीत होता है..कि रमाकांत खरे के अलावा कोटा जनपद पंचायत में अन्य कोई भी काबिल करारोपण-अधिकारी नही है..जो की उक्त ग्राम-पंचायतों का प्रभार जिम्मेदारी से निभा सके या फिर विभाग-व-विभागीय-अधिकारियों के द्वारा ही उक्त करारोपण-अधिकारी को फ्री हैंड कर दिया गया है..की प्रभार-वाले ग्राम पंचायतों में वित्तीय-अनियमितता करते रहो मेवा-खाते रहो और मलाई भेजवाते रहो..आने वाले दिनों में ग्राम-पंचायत लमकेना सहित तेंदुवा ग्राम-पंचायत के एसबीएम के तहत हुए शौचालय-निर्माण में हितग्राहियों को दिए जाने वाले अंशदान में हुई वित्तीय-अनियमितता से संबंधित दस्तावेजो के साथ “हरितछत्तीसगढ़” उक्त करारोपण-अधिकारी के काले कारनामो को उजागर करेगा।

वही पर वर्तमान जिला-पंचायत-नवपदस्थ सीईओ आईएस हैरिस-एस से “हरितछत्तीसगढ़” ने पूरे मामले में बात की जिस पर जिला-पंचायत सीईओ ने कहा कि आरआरसी की बकाया-वसूली के बारे एसडीएम-कोटा से फॉलोअप लेने की बात कही.वही पर एसडीएम कोटा से पुनः इस बारे में जानकारी लेने पर एसडीएम कोटा टीआर भारद्वाज ने आरआरसी की बकाया राशि वसूली के मामले में नोटिस-जारी करके बकाया राशि के साथ उपस्थित होने की बात कही गई है..वसूली की राशि जमा नही करने पर बकायादारों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया जा सकता है।*

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