July 24, 2021
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छत्तीसगढ़ में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में व्यापक सुधार लाने के लिए नीति आयोग के समक्ष मुख्यमंत्री करें पहल: अमित जोगी

  • – जब अन्य प्रदेशों को नीति आयोग की सूचि में शामिल किया गया है तो छत्तीसगढ़ को क्यों नहीं?
  •  – छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य और शिक्षा खस्ताहाल, आमूलचूल परिवर्तन की जरुरत 
  • – सरकार के उदासीन रवैये से छत्तीसगढ़ नीति आयोग की सूचि में शामिल होने से रहा वंचित

    हरित छत्तीसगढ़  रायपुर/ मरवाही विधायक अमित जोगी ने मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह को पत्र लिखकर  मांग करी है कि नीति आयोग द्वारा स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार के लिए जिन राज्यों का चयन किया गया है उसमें छत्तीसगढ़ को भी शामिल किया जाए। जोगी ने मुख्यमंत्री से इस मामले में पहल करके हस्तक्षेप की मांग करी है। अपने पत्र में अमित जोगी ने मुख्यमंत्री को लिखा है कि  उत्तर प्रदेश, असम और कर्नाटक राज्यों के स्वास्थ्य क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए नीति आयोग द्वारा इन राज्यों को चयनित किया गया है। वैसे ही हमारे पडोसी राज्यों मध्य प्रदेश, ओडिसा और झारखण्ड का चयन नीति आयोग द्वारा इन  राज्यों की शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए किया गया है। छत्तीसगढ़ में भी स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों ही क्षेत्रों का बुरा हाल है और दोनों को ही आमूलचूल परिवर्तन की जरुरत है।
    स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रदेश ने नेत्र काण्ड, गर्भाशय कांड, नसबंदी काण्ड आदि बहुत सी घटनाएं देखी हैं। प्रदेश में शासकीय अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। प्रदेश की १० फ़ीसदी आबादी सिकल सेल एनीमिया से प्रभावित है लेकिन यहाँ पर्याप्त ब्लड बैंक नहीं हैं। शासकीय अस्पतालों में पर्याप्त डायलिसिस सुविधा नहीं है जिसकी स्वीकारोक्ति स्वयं आंबेडकर अस्पताल के नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ पुनीत गुप्ता ने करी है। स्कूल शिक्षा का स्तर बहुत ही ख़राब है। उच्च शिक्षा रोज़गारोन्मुखी नहीं है। स्कूल और कॉलेजों में पर्याप्त शिक्षक भी नहीं हैं। आगे अमित जोगी ने लिखा है कि राज्य सरकार का यह नैतिक दायित्व बनता है कि वह भी छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था में सुधार किये जाने के लिए नीति आयोग के समक्ष पहल करे। आखिर जनता ने सरकार को इसी उम्मीद से जनादेश दिया है। ऊपर वर्णित प्रदेशों का चयन इसलिए हो पाया क्योंकि वहां की राज्य सरकारों द्वारा इसके लिए नीति आयोग के समक्ष व्यापक प्रयास किये गए थे। लेकिन ऐसा लगता है कि छत्तीसगढ़ की सरकार इस विषय पर उदासीन बनी रही। नीति आयोग के अध्यक्ष स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं जो मुख्यमंत्री की ही पार्टी के हैं। केंद्र और  राज्य दोनों में ही आपकी ही पार्टी की सरकारें हैं। अतः छत्तीसगढ़ का चयन नीति आयोग द्वारा किये जाने पर समस्याएं नहीं आनी चाहियें। छत्तीसगढ़ की जनता के हितों को देखते हुए अमित जोगी ने मुख्यमंत्री से निवेदन किया है कि प्रदेश के मुखिया होने के नाते, छत्तीसगढ़ में शिक्षा और स्वास्थय सुविधाओं में सुधार के लिए छत्तीसगढ़ को भी अपनी सूचि में शामिल किये जाने का अनुरोध नीति आयोग से करें। छत्तीसगढ़ की जनता इसके लिए डॉ रमन सिंह के प्रति आभारी रहेगी। 


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