January 20, 2022
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मिसाइल टेस्ट में हुई देरी, नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम ने ली 2 अफसरों की जान

नई दिल्ली। नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन ने मिसाइल परीक्षण में देरी होने पर अपने दो शीर्ष अधिकारी को मौत के घाट उतार दिया।इसमें से एक अधिकारी ने न्यूक्लियर बेस पर हुए हादसे की जिम्मेदारी ली थी, जिससे परीक्षण कुछ दिन के लिए टल गया था।जिसके चलते तानाशाह गुस्से में था. देरी के बाद यह मिसाइल परीक्षण तीन सितंबर को किया गया था. न्‍यूक्लियर बेस को चलाने और इमारत की देखरेख करने की जिम्मेदारी इसी अधिकारी पर थी, जिसका नाम पर्क इन-यंग बताया जा रहा है. बताया जाता है कि उत्तर कोरिया में तानाशाह किम जोंग-उन के बाद दूसरे सबसे शक्तिशाली थे। ह्वांग प्योंग-सो उत्तर कोरिया की सेना में वाइस मार्शल थे और वो पिछले कुछ दिनों से अचानक लापता हो गए। ऐसा माना जा रहा है कि किम जोंग-उन ने उनको मरवा दिया है।खबरों के अनुसार, पर्क इन-यंग तब से उत्तर कोरिया के न्‍यूक्लियर बेस का संचालन देख रहे थे। मिसाइल परीक्षण में देरी और न्यूक्लियर बेस की सुरंग की समय से मरम्मत नहीं होने से तानाशाह किम जोंग-उन काफी नाराज हो गए थे ।जापानी अखबार असाही शिम्बुन के मुताबिक पर्क इन-यंग तब से उत्तर कोरिया के न्‍यूक्लियर बेस का संचालन देख रहे थे, जब से इसकी स्थापना हुई थी. बताया जा रहा है कि मिसाइल परीक्षण में देरी और न्यूक्लियर बेस की सुरंग की मरम्मत समय से नहीं होने से तानाशाह किम जोंग-उन बेहद खफा था.तीन सितंबर के मिसाइल परीक्षण से पहले हाइड्रोजन बम के परीक्षण के बाद न्यूक्लियर बेस की सुरंग ढह गई थी, जिसके चलते कम से कम 200 कामगारों की मौत हो गई थी. तब से यह इस सुरंग की मरम्मत नहीं हो पाई थी, जिसके चलते मिसाइल परीक्षण में देरी हुई और अंजाम यह हुआ कि तानाशाह ने इन दोनों अधिकारियों को सजा-ए-मौत दे दी.बताया जा रहा है कि तानाशाह किम जोंग-उन पिछले पांच साल में सत्ता के लिए 340 लोगों को मरवा चुका है. इसमें ज्यादातर सीनियर अधिकारी शामिल हैं.

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