September 24, 2021
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छत्तीसगढ़ में ठेकेदारों ने किया सरकारी निर्माण ठप्प

हरित छत्तीसगढ़ रायपुर। छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर्स एसोसियेशन ने प्रदेश के सभी निर्माण विभागों में चल रहें लगभग 10 हजार करोड़ के सरकारी निर्माण कार्यों को 12 अगस्त से बंद कर दिए है। एसोसियेशन का कहना है कि जीएसटी लागू करने से पूर्व जो कार्य एक जुलाई से पहले से चल रहे है उनके अधिभार को राज्य सरकार ,केन्द्र सरकार या फिर सम्बधित विभाग वहन करे। जीएसटी लागू करने से पूर्व  पूर्व कांट्रेक्टरों को महज दो प्रतिशत वाणिज्यिक कर देना पड़ता था जबकि इसे जीएसटी में सीधे 18 प्रतिशत स्लैब में शामिल कर दिया गया है। जब तक हमारी समस्यायों का  स्थायी समाधान नहीं होता तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। एसोसियेशन का मांग है की  1 जुलाई के पूर्व अनुबंधों में 18 प्रतिशत का अधिभार सरकार स्वयं वहन करें। निर्माण कार्यों को 5 प्रतिशत जीएसटी के दायरे में लाया जाए, निविदाओं में एपीएस कंडिका निविदाओं को हटाने, एक सामान निविदा प्रपत्र लागू करने, गौण खनिज मटेरियल मूल्य वृद्धि पर नियंत्रण करने, निविदा में अंसतुलित दर, न आये विभागों में नियम बनाने, सिंगल विण्डों रजिस्ट्रेशन में पुनर्विचार करने सहित तमाम दूसरी मांगों को लेकर आंदोलन जारी है।छत्तीसगढ़ में शासकीय निर्माण करने वाले कांट्रेक्टरों ने वस्तु एवं सेवाकर(जीएसटी)के भारी स्लैब के विरोध समेत अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर कल से सभी निर्माणाधीन सरकारी कार्यों को बन्द  कर दिया है ।
छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर्स एसोसियेशन के अध्यक्ष बीरेश शुक्ला ने बताया  कि एक जुलाई को जीएसटी लागू हुआ है इस कारण इससे पूर्व के अनुबंधों पर 18 प्रतिशत का अधिभार राज्य सरकार द्वारा स्वयं वहन करने की वह राज्य सरकार से कर रहे है और इस बारे में मंत्री,मुख्य सचिव एवं सम्बधित प्रमुख सचिवों को पत्र लिख चुके है पर सरकार की ओर से कोई जवाब नही आया है। उन्होने कहा कि  निर्माण ठप कर दिया गया है और सरकार द्वारा मांगों पर विचार नही करने पर आन्दोलन को तेज किया जायेगा।गौरतलब हो की छत्तीसगढ़ में शासकीय निर्माण करने वाले कांट्रेक्टरों ने वस्तु एवं सेवाकर(जीएसटी)के भारी स्लैब के विरोध समेत अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर  सभी निर्माणाधीन सरकारी कार्यों को बन्द कर दिया गया  है। राज्य में इस समय लगभग 10 हजार करोड़ के सरकारी निर्माण कार्य चल रहे है। छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर्स एसोसियेशन के अध्यक्ष बीरेश शुक्ला ने  कहा कि राज्य में इस समय लगभग 10 हजार करोड़ के सरकारी निर्माण कार्य चल रहे है,अगर सरकार ने अधिभार को वहन नही किया तो 1800 करोड़ का अधिभार ठेकेदारों पर पड़ेगा और ठेकेदार बर्बाद हो जाएगे।

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