October 26, 2021
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पांच हजार दिनों की सफलता का श्रेय आम जनता को : रमन

हरित छत्तीसगढ़ रायपुर । मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अपनी सरकार के प्रथम पांच हजार दिनों की सफलता का श्रेय आम जनता को दिया है और इसके लिए प्रदेश वासियों को बधाई देते हुए उन्हें धन्यवाद दिया है। डॉ. सिंह ने कहा कि, “मैं इसे अपना सौभाग्य मानता हूं कि मुझे प्रदेश की जनता और हमारे नेतृत्व ने यह अवसर दिया। जनता की सेवा करने का जो सपना मन में था, उसको पूर्ण करने का मौका देने के लिए मैं प्रदेश की जनता को, अपने शीर्ष नेतृत्व को और सभी कार्यकर्ताओं को दिल की गहराईयों से धन्यवाद देता हूं।“ मुख्यमंत्री रविवार सुबह आकाशवाणी के रायपुर केन्द्र से अपनी मासिक रेडियो वार्ता `रमन के गोठ` की 24वीं कड़ी में प्रदेशवासियों को सम्बोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने दी उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी :
डॉ. रमन सिंह ने श्रोताओं को अपनी सरकार के पांच हजार दिनों की महत्वपूर्ण उपलब्धियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डॉ. सिंह ने छत्तीसगढ़ राज्य गठन के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि, श्री वाजपेयी की साकार परिकल्पना को पूरा करने हम सब छत्तीसगढ़ को आदर्श राज्य बनाने और उनके सपने को पूरा करने में लगे हुए हैं। मुझे खुशी है कि आज राज्य के निर्माण और विकास की इस यात्रा में हम सफल हुए हैं। उन्होंने वर्ष 2003 से अब तक अपनी सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
 प्रधानमंत्री की योजनाओं के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ अग्रणी :
डॉ. सिंह ने कहा कि, जन-धन योजना, मुद्रा योजना, स्वच्छता अभियान, उज्ज्वला योजना सहित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ अग्रणी है। राज्य का बजट केवल सात हजार करोड़ था, आज 80 हजार करोड़ से ज्यादा का हो गया है। सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 47 हजार करोड़ से बढ़कर 250 हजार करोड़ हो गई है। प्रति व्यक्ति औसत वार्षिक आमदनी 12 हजार रुपए से बढ़कर 82 हजार रुपए तक पहुंच गई है। श्री वाजपयी ने वर्ष 2000 में देश में तीन नये राज्य बनाए। उस समय छत्तीसगढ़ में 16 जिले थे। हमने शासन-प्रशासन की सेवाओं को जनता के नजदीक ले जाने के लिए 11 नये जिलों का निर्माण किया। अब राज्य में 27 जिले हो गए हैं। प्रदेश मे तहसीलों की संख्या 98 से बढ़कर 150, नगर पंचायतों की संख्या 49 से बढ़कर 112, नगर पालिकाओं की संख्या 28 से बढ़कर 43 और नगर निगमों की संख्या दस से बढ़कर 13 हो गई है।
 मिनी केबिनेट की तरह हमारे प्राधिकरण
मुख्यमंत्री ने बताया कि, पहले से प्रचलित प्रशासनिक व्यवस्था के अलावा हमने चार विशेष प्राधिकरणों का भी गठन किया है। सरगुजा और उत्तर क्षेत्र, बस्तर और दक्षिण क्षेत्र विकास प्राधिकरण, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण और छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं पिछड़ा क्षेत्र विकास प्राधिकरण का गठन करके आदिवासियों, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़े क्षेत्रों में प्राथमिकता के साथ विकास का रास्ता बन गया है। इन चारों प्राधिकरणों की बैठक एक `मिनी कैबिनेट` की तरह होती है, जहां समस्याओं के निराकरण के लिए जनप्रतिनिधि और अधिकारी मिलकर निर्णय लेते हैं।
स्कूल-कॉलेजों की संख्या में वृद्धि :
मुख्यमंत्री ने कहा कि, पांच हजार दिनों की यात्रा में राज्य में शिक्षण संस्थाओं की संख्या में असाधारण वृद्धि हुई है। प्राथमिक स्कूलों की संख्या 13 हजार से बढ़कर 38 हजार, मिडिल स्कूलों की संख्या पांच हजार से बढ़कर 16 हजार 500, हाईस्कूलों की संख्या 900 से बढ़कर 2600 और हायर सेकेण्डरी स्कूलों की संख्या 600 से बढ़कर 3715 तक पहुंच गई है। बच्चों का ड्रापआउट रेट में 11 प्रतिशत से घटकर सिर्फ एक प्रतिशत रह गया है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी क्रांति हुई है। वर्ष 2003 में एक भी राष्ट्रीय स्तर का संस्थान नहीं था।
 भारत के सभी श्रेष्ठ संस्थान छत्तीसगढ़ में :
यदि राज्य नहीं बना होता तो, छत्तीसगढ़ को न तो आईआईटी मिलता और न ही ट्रिपल आईटी। प्रदेश में एम्स और आईआईएम की स्थापना हो गई है। सरकारी विश्वविद्यालयों की संख्या तीन से बढ़कर 13 हो गई। सरकारी कॉलेज जो सिर्फ 116 थे। आज 224 तक पहुंच गए हैं। मेडिकल कॉलेजों की संख्या दो से बढ़कर दस, इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या 12 से बढ़कर 50, कृषि महाविद्यालयों की संख्या 4 से बढ़कर 21, पालीटेक्निक संस्थाओं की संख्या दस से बढ़कर 51,आईटीआई की संख्या 61 से बढ़कर 176 और अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के बच्चों के लिए छात्रावासों और आश्रम शालाओं की संख्या 1837 से बढ़कर 3250 हो गई है।
बिजली का उत्पादन बढ़ा :
प्रदेश में बिजली उत्पादन 4732 मेगावाट से बढ़कर 22 हजार 764 मेगावाट तक पहुंच गया है। अति उच्च दाब बिजली उपकेन्द्रों की संख्या 28 से बढ़कर 96 हो गई है। ट्रांसमिशन लाईनों की संख्या 5205 सर्किट किलोमीटर से बढ़कर 11522 सर्किट किलोमीटर तक पहुंच गई है। राज्य की बिजली ट्रांसमिशन क्षमता 1350 मेगावाट से बढ़कर 6350 मेगावाट और विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या 18 लाख से बढ़कर 42 लाख हो गई है। राज्य में बिजली की प्रति व्यक्ति औसत वार्षिक खपत इन पांच हजार दिनों में 350 यूनिट से बढ़कर 1724 यूनिट हो गई है, जो देश में सर्वाधिक है। हम प्रदेश के किसानों को सिंचाई पम्पों के लिए सालाना 7500 यूनिट बिजली मुफ्त दे रहे हैं। राज्य में विद्युत पम्प कनेक्शनों की संख्या 72 हजार से बढ़कर लगभग चार लाख तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा-प्रदेश में अब बिजली कटौती नहीं होती। यह भी पांच हजार दिनों की एक बड़ी उपलब्धि है।
 राज्य में बिछाया जा रहा अच्छी सड़कों का जाल :
राज्य में अच्छी सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। विगत पांच हजार दिनों में 60 हजार किलोमीटर सड़कों, 1200 बड़े और मध्यम पुलों और 23 हजार से ज्यादा पुलियों का निर्माण किया गया है। रेल नेटवर्क को बढ़ाने के लिए पीपीपी मॉडल पर आधारित रणनीति तैयार की गई है। विगत 150 वर्षों में राज्य में सिर्फ 1187 किलोमीटर रेल नेटवर्क बना, जबकि हम लोगों ने 1300 किलोमीटर अतिरिक्त रेल मार्ग बनाने का लक्ष्य काम शुरू कर दिया है। जल्द ही राज्य के कई जिले रेल सुविधाओं से जुड़ जाएंगे।
 खाद्य सुरक्षा और धान खरीदी यादगार उपलब्धि :
गरीबों के लिए खाद्य और पोषण सुरक्षा कानून तथा किसानों से समर्थन मूल्य नीति के तहत धान खरीदी की बेहतरीन व्यवस्था को पांच हजार दिनों की यादगार उपलब्धि के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि लगभग 59 लाख परिवारों को एक रुपए किलो चावल दिया जा रहा है। युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिए कौशल उन्नयन का कानूनी अधिकार देने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है। किसानों को खेती के लिए ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है। तेन्दूपत्ता संग्राहकों की मजदूरी 350 रूपए से बढ़ाकर 1800 रूपए कर दी गई है।
 स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार :
मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत पांच हजार दिनों में छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। नये अस्पताल खुले हैं और नये डॉक्टरों की भर्ती हुई है। शिशु मृत्यु दर 76 से घटकर 41 और मातृ मृत्यु दर 407 से घटकर 221 हो गई है। प्रदेश के सभी परिवारों को स्मार्ट कार्ड के जरिए स्वास्थ्य बीमा की सुविधा देने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है। महिलाओं को पंचायत चुनावों से लेकर सरकारी नौकरियों तक आरक्षण दिया गया है। महिला स्व-सहायता समूहों को विभिन्न व्यवसायों के लिए सिर्फ 3 प्रतिशत ब्याज पर ऋण सुविधा दी जा रही है। विभिन्न सरकारी योजनाओं में उनकी भागीदारी बढ़ाकर महिला सशक्तिकरण का अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने सरकार के नवाचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरगुजा और बस्तर में मेडिकल कॉलेज और सभी 27 जिलों में लाइवलीहुड कॉलेज हमारे नवाचार के सफल मॉडल का प्रतीक है।

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