August 5, 2021
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विलो का टेंडर बगैर अंतर राशि के वर्कआर्डर देना नप पत्थलगांव की कार्यप्रणाली संशय को जन्म दे रहा

विलो का टेंडर बगैर अंतर राशि के वर्कआर्डर देना नप पत्थलगांव की कार्यप्रणाली संशय को जन्म दे रहा

हरितछत्तीसगढ़ संजय तिवारी पत्थलगांव।
जैसा कि आप लोगो को पता ही है कि पत्थलगांव नगरपंचायत हर वो काम करती है जिससे आए दिन विभाग सुर्खियों में रहता है।इसी कड़ी में एक कारनामे ने नगरपंचायत को फिर कटघरे में ला खड़ा कर दिया है।नगरपंचायत के एक ठेकेदार पर मुख़्यमंत्री स्वालंबन योजना की भूमि पर अवैध निर्माण की सिकायत पर कोई कार्यवाही न करने की शोर अभी थमा भी नहीं था कि उसी ठेकेदार पर नगरपंचायत की मेहरबानी की कहानी फिर सामने आई।जानिए मामला…
मिली जानकारी के अनुसार नगरपँचायत के द्वारा पत्थलगांव के अम्बेडकर नगर वार्ड क्रमांक 2 में डी कम्पोस्टिंग (खाद बनाने का भवन)का भवन बनाने का टेंडर निकाला गया जिस भवन निर्माण की राशि 10 लाख 84 हजार तय किया गया था जिस टेंडर दिनांक 7,4,2017 में नगर के कई ठेकेदार सामिल हुवे जिसमे एक ठेकेदार ने 27% विल्लो में टेंडर ले लिया तथा विभाग का नियम यह है कि यदि टेंडर विल्लो में होता है तो वह विल्लो राशि ठेकेदार को काम से पहले जमा करना होगा तब विभाग उक्त ठेकेदार को वर्क आर्डर प्रेषित करेगी यान्यथा उक्त ठेकेदार की अमानत राशि राजसात कर नया टेंडर लगाया जाता है। पर विभाग की मेहरबानी देखिये अप्रेल महीना का टेंडर होने पर भी ठेकेदार द्वारा दिसंबर महीने तक अंतर राशि नहीं जमा करने पर भी विभाग ने ठेकेदार बिना कोई कार्यवाही किये उसे काम करने हेतु वर्क आर्डर जारी कर दिया गया।जो कि माने तो नियम विरुद्ध है।वहीं नगर के कुछ नागरिकों का कहना है कि आखिर इस ठेकेदार से नगरपँचायत का क्या संबंध है कि लगभग 90%टेंडर इसी ठेकेदार के झोली में जाता है चाहे उक्त ठेकेदार जिम्मेदार हो या न।इसी कड़ी में जानकारी यह भी मिली है कि कुछ दिन पूर्व की परिसद की बैठक में परिसद के सदस्यों के द्वारा इस मुद्दे पर आवाज भी उठाया गया और उक्त टेंडर (डी कम्पोस्टिंग सेट)को अंतर राशि जमा नहीं करने की वजह से निरस्त करने की मांग परिसद में गूंज रहा था।इस विषय पर जब नगरपँचायत प्रभारी cmo द्विवेदी से जानकारी ली गई तो महोदय ने बताया कि अधिकारी अगर चाहे तो गुडफेथ में वर्क आर्डर जारी कर सकता है वहीं विभाग की *इंजीनियर अभिषेक सिंह* ने बताया कि यह प्रणाली नियम में है हम बिना अन्तर्राशी के भी वर्क आर्डर जारी कर सकते है।अब सोचने वाली बात यह है कि इतना कुछ होने के बावजूद उक्त ठेकेदार को वर्कआर्डर देना कई संकाओ को जन्म देता है।

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