October 19, 2021
Breaking News

 डॉ कलीफ हीरो है या विलेन नया ख़ुलासा

गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन गैस सिलेंडरों की कमी से अस्पताल में हुई बच्चों की मौत की घटना के बाद मुश्किल समय में ऑक्सीजन सिलेंडर लाकर  मदद करने में डॉ कलीफ का नाम आया था उस समय  मीडिया ने उन्हें हीरो की भूमिका के रुप में दिखाया। अब डॉ कलीफ के मामले में नया ख़ुलासा सामने आ रहा है मिडिया में उनके दामन पर लगे दागों पर फोकस किया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर वो  हीरो या विलेन। डॉ कलीफ जो की  इन्सेफेलाइटिस विभाग के चीफ नोडल अधिकारी थे लेकिन मेडिकल कॉलेज से ज्यादा वो अपनी प्राइवेट प्रैक्टिस के लिए ही जाने जाते थे। जानकारी के मुताबिक कफील और प्रिंसिपल राजीव मिश्रा के बीच गहरी साठगांठ थी और दोनों इस हादसे के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार हैं आरोप है कि ओ अस्पताल के सिलेण्डरों की हेरा-फेरी करके अपने क्लिनिक पर इस्तेमाल करते थे।मेडिकल कॉलेज के कई कर्मचारियों और डॉक्टरों ने इस बात की पुष्टि की है कि डॉक्टर कफील वहां होने वाली हर खरीद में कमीशन लेता था और उसका एक तय हिस्सा प्रिंसिपल राजीव मिश्रा तक पहुंचाता था. ऑक्सीजन कंपनी पुष्पा सेल्स के साथ चल रहे विवाद में भी राजीव मिश्रा के साथ कफील का बड़ा हाथ होने की बात कही जा रही है/अब तक की जांच पड़ताल में कलीफ के खिलाफ कई और चौंकाने वाले खुलासे हुए। जिसमें सामने आया कि कलीफ और राजीव मिश्रा, अस्पताल की हर डील में मोटा कमीशन लेते थे। ऑक्सीजन प्रोवाइडर कंपनी के बकाये को लेकर भी ये सामने आया, कंपनी के बकाये में अधिकारी अपने-अपने कमीशन से संतुष्ट नहीं थे जिसकी वजह से पेमण्ट नहीं की गई थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *