October 18, 2021
Breaking News

पाक बच्चे की फिल्मी कहानी,बॉर्डर पार से आए मूक बधिर बच्चे को भारत ने वापस पाकिस्तान भेजा

चंडीगढ़: पाकिस्तान के एक मूक बधिर बारह साल के बच्चे को सोमवार को पाकिस्तानी अधिकारियों को सौंप दिया गया। यह बच्चा बीते साल मई में भटक कर भारतीय क्षेत्र में आ गया था। फरीदकोट के उपायुक्त राजीव पराशर ने आईएएनएस को बताया, “विदेश मंत्रालय ने आज (सोमवार) सुबह हसनैन को वापस स्वदेश भेजने की अनुमति दे दी। इसके बाद उसे अटारी सीमा पर पाकिस्तानी अधिकारियों को सौंप दिया गया।”

 पाकिस्तान के इस मूक बधिर बारह साल के बच्चे को सोमवार को पाकिस्तानी अधिकारियों को सौंप दिया गया.

राजीव पराशर,  डिप्टी कमिश्नर, फरीदकोट“विदेश मंत्रालय ने सोमवार सुबह पाकिस्तानी बच्चे हसनैन को वापस स्वदेश भेजने की अनुमति दे दी. इसके बाद उसे अटारी सीमा पर पाकिस्तानी अधिकारियों को सौंप दिया गया.”

गलती से भारत आ गया था

सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों ने बच्चे को पंजाब के फिरोजपुर सेक्टर में एक मई 2017 को पकड़ा था. यह अनजाने में सीमा पार कर भारतीय इलाके में आ गया था.राजीव पराशर ने बताया कि बच्चे को बीते साल मई से निरीक्षण गृह में रखा गया था. उसकी जेब से मिले बीस रुपये के पाकिस्तानी नोट से उसकी पहचान हुई थी. बाद में नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग ने इस बात की पुष्टि की थी कि बच्चे के पिता जावेद इकबाल लाहौर के निवासी हैं.

फिल्म की तरह ही कहानी सामने आई

फिल्म ‘बजरंगी भाईजान’ में पाकिस्तानी बच्ची मुन्नी की कहानी आम लोगों के सामने लाने का काम किया था पत्रकार का किरदार निभा रहे नवाजुद्दीन सिद्दकी ने. कुछ ऐसा ही हुआ है हसनैन के साथ. पाकिस्तान से भारत आए हसनैन की दर्दभरी कहानी उस वक्त सामने आई जब पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार ने एक ट्वीट के जरिए उसे उजागर किया. पाकिस्तानी उच्चायोग ने बताया कि उसे 21 नवंबर को हसनैन तक राजनयिक पहुंच मिली.राजनयिक पहुंच के दौरान लड़के ने संकेतिक भाषा में बताया कि वह पाकिस्तान से है. उसने पाकिस्तानी मुद्रा और कायदे आजम की तस्वीर तुरंत पहचान ली. उसने पाकिस्तानी झंडा भी बनाया. वह उर्दू में कुछ शब्द लिख पाया.फरीदकोट के डिप्टी कमिश्नर पाराशर ने बताया कि हाल में एक सक्षम अदालत ने उसे उसके देश भेजने का आदेश जारी किया था. इसके बाद उसे वापस भेजा गया.उसकी जेब से मिले बीस रुपये के पाकिस्तानी नोट से उसकी पहचान हुई थी। नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग ने इस बात की पुष्टि की थी कि बच्चे के पिता जावेद इकबाल लाहौर के निवासी हैं। बच्चे की दर्दभरी यह कहानी उस वक्त सामने आई जब दो दिसम्बर को पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार ने एक ट्वीट के जरिए उसे उजागर किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *