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हरित छत्तीसगढ़ डभरा :– आपने तो फिल्मों में देखा ही होगा कि जो अधिकारी भ्रष्ट तंत्र पर ताबड़तोड़ कार्यवाही करते हैं तो उसका ट्रांसफर कर दिया जाता है ऐसा ही नजारा जांजगीर-चांपा जिले की डभरा में पदस्थ एसडीएम बजरंग दुबे के साथ हुआ बजरंग दुबे की पोस्टिंग डभरा एसडीएम के रूप में महज 4 माह 20 दिन ही हुए थे ऐसा क्या हुआ कि उनको मुख्यालय बुला लिया गया दरसल में SDM बजरंग दुबे भ्रष्ट तंत्र पर एक के बाद एक कार्यवाही किए जा रहे थे जिस को लेकर क्षेत्र में भ्रष्ट लोगों में खौफ और दहशत का माहौल था शायद इसी कारण SDM डभरा उनकी आंखों पर यह किरकिरी बनी हुई थी जिसके बाद उन्होंने अपनी गंदी राजनीति खेल उन्हें डभरा से मुख्यालय ट्रांसफर करा दिए ।

 डभरा SDM ने 4 माह 20 दिन में कितने काम किए डभरा इतिहास में जो नहीं हुआ

डभरा SDM बजरंग दुबे ने पदभार ग्रहण करते ही ऐसे कई मामले थे जो काफी दिनों से नहीं सूलझ रहे थे जिसको चुटकी में सुलझाते हुए दिखे वह चाहे चक्का जाम की बात हो या फिर मुआवजा वितरण की पेंशनधारियों में 6 माह से जहां पेंशन ना बटा हो उसे बनवाने में जाति निवास ऐसे कई काम है जो हमेशा सरकारी कामों की तरह लेटलतीफी होते रहता था इसे गंभीरता से लेते हुए जल्द ही निराकरण किए।

मीडिया के बातों को गंभीरता से लेते थे।

वही SDM साहब मीडिया में जो भी खबरें आती थी उसको संज्ञान में लेकर तत्काल उस पर कार्यवाही करते थे वही एक बार डभरा थाना चौक के जो रोड सालों से खराब पड़ी हुई थी जिसे मीडिया कर्मियों द्वारा WhatsApp के माध्यम से सूचना देने पर तत्काल उस पर कार्यवाही कर महज 2 से 3 दिनों के अंदर रोड तो सुधरावा दिए। बजरंग दुबे जैसे आला अधिकारी डभरा क्षेत्र से जाने के बाद वही क्षेत्रवासियों में गम का माहौल है।

युवाओं के लिए आइकॉन थे SDM बजरंग दुबे

वह 4 माह 20 दिन जैसे कम समय में क्षेत्र के युवाओं के सबसे पसंदीदा अधिकारियों में से एक थे बजरंग दुबे जिसको लेकर युवा वर्ग में प्रशासन के इस स्थानांतरण पर नाराजगी देखने को मिल रहा है वहीं सोशल मीडिया में युवा अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं उनका कहना है कि ऐसा क्या हुआ कि ऐसे अच्छे अधिकारियों को ट्रांसफर करा दिया जाता है क्या भ्रष्टतंत्र की जरूरत है इस क्षेत्र में जिसके लिए ऐसे अधिकारियों का ट्रांसफर करा दिया जा रहा है वहीं सोशल मीडिया में शासन प्रशासन की इस कार्यवाही पर लोग सवालिया निशान खड़ा कर रहे हैं।

 4माह 20 दिन के कार्यकाल मे किये गए कार्यो पर एक नजर

1 भ्रष्ट सरपंच के वित्तीय अधिकार पर रोक लगाना

2 रेत एवं खनन माफियाओं में कार्यवाही

3 लापरवाही करने वाले शिक्षकों के ऊपर कार्यवाही

4 जिले में सबसे ज्यादा सक्रियता के साथ अपने कामो में तेजी लाना।

5 जहां पर पिछले 11 वर्षों तक नहर में पानी नहीं पहुंचा था जिसे देख डभरा एसडीएम द्वारा तत्काल JCB ले जाकर अपने सामने हीं काम कराया गया और जहां जहां पानी नहीं पहुंच पा रहा है वहां पानी पहुंचाने के लिए जी तोड़ मेहनत नहरों से खेतो में पानी पहुचाना।

6 सालो से पड़े जर्जर रोड को मीडिया के माध्यम से जानकारी मिलते ही महज 2 से 3 दिन में काम करा कर ठीक करना।

7 जहां जहाँ 6 माह एक साल से पेंशन का भुगतान नही हुआ था वहां सीईओ के साथ जाकर तत्काल पेंशन बंटवाना।

8 डभरा जनपद को ODF बनाने के लिए देर रात तक गांवों में जाना लोगो को प्रेरणा देना साथ ही ODF बनाने में जो रोड़ा बन रहे थे उनके ऊपर कार्यवाही करना। वही सचिवों से लगातार बैठक करना।

9.शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षा गुणवत्ता सुधार लाने के लिए लगातार मोनिटरिंग करना।

10 लगातार धान कोचियों के ऊपर कार्यवाही करना

11 धान खरीदी केंद्रों में लगातार मोनिटरिंग एवं कार्यवाही।

12 डभरा तहसील कार्यालय परिसर से गायत्री मंदिर तक लगतार हो रहे धरना प्रदर्शन को उचित स्थान पर करने के लिए इस क्षेत्र को साइलेन्स जॉन घोषित करना।

13 झोलाछाप डॉक्टरों के ऊपर कार्यवाही।

14 NTPC के कार्यो में अवरोध करने वाले अनावश्यक लोगो के ऊपर 151,107,116 में प्रतिबंधात्मक कार्यवाही।

15 हर विभागों में लगातार मॉनिटरिंग।

16 क्षेत्र के कंपनियो के मनमानी कार्यो पर अंकुश लगाना।

और भी ऐसे कई कार्य किये जो आज तक डभरा के इतिहास में कभी नही हुआ है।

हमेशा अच्छे अधिकारी की ही स्थान्तरण क्यो???

स्थानीय छात्र नेता खुशवंत चन्द्रा का कहना है की  यहां हमेशा अच्छे अधिकारियों का स्थानांतरण क्यों होता है यह समझ से परे है डबरा एसडीएम के आने के बाद से हम युवाओं में एक अलग सा जुनून था हमें उम्मीद है कि हमारे क्षेत्र में बदलाव आएंगे और हमने जिस तरीके से बदलाव की कल्पना की थी उस बदलाव को पूरा करने में डभरा SDM एक सक्षम अधिकारी थे जिनके कार्यवाही के बाद क्षेत्र में भ्रष्ट्र तंत्र पर अंकुश लग रहा था मगर उनका अचानक से स्थानांतरण होना और वह भी इतने कम दिनों में यह हमारे समझ से परे है जहां भ्रष्ट अधिकारी 20 – 22 साल से जमे रहते हैं उनका स्थानांतरण क्यों नहीं होता और अच्छे अधिकारियों को इतना जल्दी क्यों????वही SDM साहब के बारे में तारीफ करना मतलब सूरज को दिया दिखाने के बराबर है हमारी मांग है कि उनका पुनः डभरा में ही SDM पद पर पदस्थ किया जाए। जिससे हमारी क्षेत्र की विकास दिनों दिन आगे बढ़ें।

 यह गंदी राजनीति के शिकार हुए SDM साहब

कांग्रेसी नेता राइस किंग खूंटे ने बताया की यह दुर्भाग्य की बात है कि इतने अच्छे अधिकारियों के तबादला हमारे क्षेत्र से होना जहां विकास की किरण के रूप में पदस्थ हुए थे इस एसडीएम साहब इतने मिलनसार के साथ साथ क्षेत्र की जनता के हित में लेकर कार्य करने वाले दिन का कुछ ही दिनों में स्थानांतरण होना बहुत दुर्भाग्य की बात है । मुझे तो लगता है कि क्षेत्र में कोई बहुत बड़ी गड़बड़ी होने ही वाली है जिसके वजह से इतने अच्छे अधिकारी का स्थानांतरण हो गया क्योंकि साहब रहते तो शायद यह गड़बड़ी नहीं होने देते यह क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय है कि अच्छे अधिकारियों का स्थानांतरण हो जा रहा है और हमारी मांग है कि उनको पुनः डभरा में प्रदर्शित करें जिससे हमारा क्षेत्र विकास की ओर अग्रसर रहें।

 दुर्भाग्य की बात है कि अच्छे अधिकारियों का स्थानांतरण जल्दी हो जाता है

वही JCC J प्रत्याशी गीतांजलि पटेल का कहना है कि SDM साहब के कार्यशैली से क्षेत्र में लगातार विकास हो रहा था और ऐसे अधिकारियों का स्थानांतरण वाला एक प्रशासनिक तंत्र का दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय है। और अच्छे अधिकारियों का स्थानांतरण हो ना यह कोई नई बात नहीं है लेकिन इस पर शासन-प्रशासन को ध्यान देना चाहिए कि जहां अधिकारी अच्छे काम कर रहे हैं उनका तत्काल इस तरीके से स्थानांतरण करना गलत बात है वही हमारी मांग है कि SDM साहब को पुणे डभरा में पदस्थ किया जाए ताकि क्षेत्र विकास की ओर अग्रसर रहें।

ऐसे में कैसे लगेगा भ्रष्टाचार पर अंकुश

डभरा के वरिष्ठ पत्रकार बसन्त चन्द्रा का कहना है की  एक और सरकार भ्रष्टाचार को खत्म करने की बात कर रहे हैं लेकिन हैरानी की बात यह भी है कि जो अधिकारी भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए भ्रष्ट तंत्र पर अंकुश लगाने के लिए जब कार्यवाही करते हैं तो उसका तबादला इसी तरीके से आनन फानन में कर दिया जाता है यही कारण है कि भ्रष्टाचार बढ़ते जा रहा है और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने वाले को दबा दिया जाता है अब आगे देखना है कि इस मामले को लेकर शासन प्रशासन क्या कार्यवाही करते हैं.|

जब तक इनके जैसे अधिकारीयो का तबादला होता रहेगा तब तक चन्द्रपुर विधानसभा क्षेत्र से भ्रष्टाचार खत्म नही होगा ,आज पुरा विधानसभा क्षेत्र भ्रष्टाचार कि भेट चढ रहा है ,और ऎसे मे अगर कोई अधिकारी भ्रष्टाचार खतम करने को थोडा भी प्रयास करता है उसे इसी तरह रातोंरात तबादला कर दिया जाता है,जब तक आम जनता चुप बैठी रहेगी तब तक हमारे विधानसभा क्षेत्र से भ्रष्टाचार समाप्त नही हो सकता,आज एक अच्छे काम करने वाले अनुविभागीय अधिकारी का यूं अचानक तबादला करना देना इसका उदाहरण है कि दुबे जी का हाथ उन भ्रष्ट लोगो के गिरेबान तक पहुँच ने लगा था।

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