September 24, 2021
Breaking News

अजीब शौक! यहां गुप्तांग को गोरा क्यों बना रहे लोग ?

गोरा करने के लिए ट्रीटमेंट हर आदमी गोरा दिखना चाहता है। इसके लिए वह कुछ भी करने को तैयार है। महंगे-महंगे से ब्यूटी प्रोडक्ट खरीदने में भी वह कोई परहेज नहीं कर रहा है। मगर थाईलैंड में ब्यूटी इंडस्ट्री सारी हदें तोड़ती नजर आ रही है। वजह यहां के लोगां को एक अजीबो-गरीब शौक का लगना है। लोगों में गुप्तांग (पेनिस) को गोरा करने की दीवानगी चढ़ी हुई है।अभी तक दुनिया में लोगों को गोरा होने के लिए तरह-तरह के घरेलू नुख्से, दवाइयों, बाजार के उत्पाद और विज्ञान के प्रयोग आदि को अपनाते हुए देखा गया है। विज्ञान की लगातार तरक्की और बाजार के बदलते हुए रंगों के बीच दुनिया के कई देशों में इस समय अपने गुप्तांगों को गोरा करवाने का एक नया चलन चालू हुआ है।बैंकॉक के लीलक्स हॉस्पिटल ने कुछ महीने पहले महिलाओं के वजाइना को गोरा करने के लिए एक सर्विस शुरू की थी. अब यहां हर महीने करीब 100 पुरुष भी अपने गुप्तांग को गोरा करने के लिए ट्रीटमेंट करा रहे हैं. वजाइना को गोरा करने की सर्विस शुरू करने के बाद ही पुरुष अपने गुप्तांग को गोरे करने के लिए सवाल पूछने लगे थे. हॉस्पिटल ने लोगों के रुझान को देखते हुए पुरुषों के लिए भी इस सर्विस को लॉन्च कर दिया.

 ये ट्रीटमेंट करने वाले क्लीनिक की तरफ से जो फ़ेसबुक पोस्ट डाली गई, उसे दो दिन में 19 हजार बार शेयर किया गया। इस इलाज में त्वचा में मेलानिन कम किया जाता है। इस पोस्ट में ट्रीटमेंट रूम की तस्वीर और पहले.बाद वाले इलस्ट्रेशन भी हैं। इसे लेकर लोग अलग अलग तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ सवाल कर रहे हैं कि इसकी ज़रूरत क्या है और कुछ मज़ेदार सुझाव भी दे रहे हैं। उनका कहना है,इसे टॉर्च की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। चमकने दो।एक महिला यूज़र ने इस पर हैरानी जताते हुए लिखा है कि वो इसके रंग को लेकर इतनी गंभीर कभी नहीं हुईं बल्कि साइज़ और मूव को लेकर ज़्यादा चिंतित रही हैं। ये सेवा देने वाले लेलक्स हॉस्पिटल के मार्केटिंग मैनेजर पोपोल तंसाकुल ने बीबीसी को बताया कि उन्होंने चार महीने पहले महिलाओं के गुप्तांग को गोरा बनाने की सेवा शुरू की है। उन्होंने कहा, लोग तब पेनिस व्हाइटनिंग के बारे में पूछने लगे थे, इसलिए हमने एक महीने बाद ये भी शुरू कर दिया। पांच सत्रों की इस पूरी प्रक्रिया का खर्च 650 डॉलर है। इस क्लीनिक को पेनिस और वजाइना का शेड बदलने वाले औसतन 20-30 मरीज़ हर महीने मिल रहे हैं। कुछ लोग यहां म्यांमार, कम्बोडिया और हॉन्गकॉन्ग से पहुंच रहे हैं। पोपोल ने कहा, ये गे पुरुषों के बीच काफ़ी लोकप्रिय है जो अपने निजी अंगों का ख़ास ख़्याल रखते हैं। वो सभी क्षेत्रों में अच्छा दिखना चाहते हैं। पेनिस व्हाइटनिंग ज़रूरी नहीं। थाईलैंड की पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्री ने इस क्लीनिक के सुर्खियां बटोरने पर प्रतिक्रिया दी है। मंत्रालय ने चेताया है कि इस प्रक्रिया से गुज़रने पर दर्द, निशान, जलन, बच्चे पैदा करने और यहां तक कि सेक्स करने में भी दिक्कत पैदा हो सकती है। इसके अलावा ट्रीटमेंट रोकने पर त्वचा का रंग फिर पहले जैसा हो सकता है और उस पर गंदे धब्बे भी पड़ सकते हैं। मंत्रालय के डॉ. थॉन्गजाई कीर्तिहट्याकोर्न ने एक बयान में कहा, पेनिस की लेज़र वाइटनिंग ज़रूरी नहीं है, पैसा ज़ाया होता है और सकारात्मक के बजाय नकारात्मक चीज़ें ज़्यादा हो सकती हैं।मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, लीलक्स हॉस्पिटल बॉडी व्हाइटनिंग के लिए ही जाना जाता है. लेजर व्हाइटनिंग के जरिए पुरुषों के गुप्तांग को गोरा करने का हॉस्पिटल दावा करता है. स्किन एंड लेजर डिपार्टमेंट की एक मैनेजर ने कहा कि हॉस्पिटल इस ट्रीटमेंट को लेकर खासा सतर्क रहता है, क्योंकि यह बॉडी का सेंसिटिव पार्ट है.उन्होंने कहा कि ज्यादातर क्लाइंट 22 से 55 साल की उम्र के होते हैं. इसमें एलजीबीटी कम्यूनिटी के लोग भी शामिल हैं. हॉस्पिटल ने पिछले साल 3डी वजाइना नाम की सर्विस शुरू की थी. इसको लेकर काफी विवाद भी हुआ था. हॉस्पिटल व्हाइटिंग सर्विस के लिए करीब 41 हजार रुपए चार्ज करता है. इस दौरान 5 सेशन होते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *