September 17, 2021
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सुप्रीम कोर्ट विवादः जाने चिट्ठी में क्या है? लिखा,जिससे खड़ा हुआ बवाल

Read Full Texts Letter of SC 4 senior judges to CJI in Hindiसुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ जजों को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके ये बताना पड़ा कि सुप्रीम कोर्ट में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. वरिष्ठ जज चलमेश्मवर ने कहा कि अनियमितताओं को लेकर उन्होंने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा को पत्र लिख कर देश की न्यायिक व्यवस्‍था और सुप्रीम कोर्ट की मौजूदा कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल और आरोप लगाए हैं।सात पन्नों की चिट्ठी में कई विवादों का जिक्र किया गया है. चिट्ठी में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा पर मनमाने रवैये का जिक्र किया गया है. चीफ जस्टिस और इन चार वरिष्ठ जजों के बीच अधिकारों को लेकर विवाद है. विवाद यह है कि केस किसके पास जाए, ये तय होने का अधिकार दिया जाना चाहिए. चिट्ठी में गुजरात का सोहराबुद्दीन एनकाउंटर को लेकर भी विवाद का जिक्र है.

पढ़े पूरी चिट्ठी 
बड़े दुख और चिंता के साथ हमने आपको यह पत्र लिखना उचित समझा ताकि न्याय प्रणाली के समग्र कामकाज और हाईकोर्ट की स्वतंत्रता को प्रतिकूल ढंग से प्रभावित करने के अलावा माननीय चीफ जस्टिस के कार्यालय की प्रशासनिक कार्य पद्धति पर असर डालने वाले इस कोर्ट के कुछ न्यायिक फैसलों पर प्रकाश डाला जा सके।

 

 

  हाल में ऐसे कई मौके आए हैं जब चीफ जस्टिस ने देश और इस संस्था के लिए दूरगामी नतीजों वाले मामले बिना किसी औचित्य के अपने पसंदीदा पीठों को सौंपे गए हैं। किसी भी कीमत पर यह नहीं होना चाहिए।

इस संस्था को शर्मिंदगी से बचाने के लिए हम उन मामलों का जिक्र नहीं कर रहे हैं लेकिन उपरोक्त दोनों नियमों से उल्लंघन के कारण कुछ हद तक इस संस्था की छवि को नुकसान हो चुका है।

जब मेमोरेंडम ऑफ प्रॉसिजर का मामला पहले से ही संविधान पीठ के पास है तो यह समझना मुश्किल है कि कोई दूसरी पीठ कैसे इस पर सुनवाई कर सकती है।

 

वहीं, इस विवाद पर केंद्र सरकार ने कहा है कि यह सुप्रीम कोर्ट का आपस का मामला है. इससे सरकार का कोई लेना देना नहीं है. जजों के बीच पैदा हुए विवाद को उन्हें खुद सुलझा लेना चाहिए.

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