September 24, 2021
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ऐसे में कैसे सुधरेगी शिक्षा व्यवस्था ,शालेय समय पर स्कुल से काफी दूर शहर में प्रधानपाठक घूमते नजर आ रहे

 ऐसे में कैसे सुधरेगी शिक्षा व्यवस्था ,शालेय समय पर स्कुल से काफी दूर शहर में प्रधानपाठक घूमते नजर आ रहे

रित छत्तीसगढ़ विवेक तिवारी पत्थलगांव। हाल ही में विलंब से शाला खोलने के आरोप में कई शिक्षकों को नोटिस जारी करने के बावजूद शिक्षकों के रवैये में कोई सुधार आता नहीं दिख रहा है। पंगसुआ पूर्व माध्यमिक शाला के प्रधानपाठक शुक्रवार को शालेय समय में सब्जी मंडी में घूमते नजर आए। जिला शिक्षाधिकारी ने मामले की जांच का भरोसा दिलाया है।
शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। बुधवार को ही 9.30 की बजाए 9.40 पर शाला खोलने के आरोप में किलकिला संकुल के कई शिक्षकों को मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। इसमें उन्हें दो दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। विभाग की इस सख्ती को देखते हुए शिक्षकों के रवैये में सुधार की उम्मीद जगी थी परंतु इसके दो दिनों बाद ही शुक्रवार को पंगसुआ पूर्व माध्यमिक शाला के प्रधानपाठक उदयराम चौहान सब्जी मंडी में घूमते नजर आए। इसे लेकर मीडिया ने जब उनसे सवाल किए तो उन्होंने शासकीय कार्यवश पत्थलगांव आने की बात कही। परंतु सब्जी मंडी में किसी शासकीय कार्य के संपादित होने की बात का वे कोई उत्तर नहीं दे सके। उल्लेखनीय है कि उदयराम चौहान नियमित शिक्षक हैं तथा पूर्व में वे सहायक विकासखंड शिक्षाधिकारी भी रह चुके हैं। परंतु शासन के स्तर पर पूर्णकालिक सहायक विकासखंड शिक्षाधिकारी की नियुक्ति होने के बाद उन्हें कार्यमुक्त कर मूल शाला में भेज दिया गया है। उन्हें पत्थलगांव से 7 किमी दूर पंगसुआ पूर्व माध्यमिक शाला में बतौर प्रधानपाठक पदस्थ किया गया है। वर्षों तक शिक्षाधिकारी का पदभार संभालने के बावजूद श्री चौहान के शालेय समय में स्कूल छोड़कर सब्जी मंडी में भ्रमण करते पाए जाने पर लोगों ने भी हैरानी जताई है। उधर विकासखंड शिक्षाधिकारी ने भी प्रधानपाठक उदयराम चौहान को शासकीय कार्यवश पत्थलगांव बुलाने की बात कही है। उन्होंने बताया कि समीक्षा बैठक के लिए पत्र तैयार करने के क्रम में उदयराम को बुलाया गया था परंतु शासकीय समय में शाला छोड़कर अन्य कार्यों में संलग्न किए जाने को लेकर भी लोगों ने सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि शासन द्वारा नियमित रूप से शैक्षणिक गुणवत्ता अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे में शासकीय कार्य के लिए प्रधानपाठक को बुलाने से क्या शैक्षणिक गुणवत्ता प्रभावित नहीं होगी। दूसरी ओर शैक्षिक समन्वयक जयनाथ पैंकरा को श्री चौहान के शालेय समय में स्कूल से अनुपस्थित रहने के बारे में जानकारी नहीं है। संकुल प्रभारी लोलस लकड़ा ने निजी कार्यवश अवकाश पर होने की बात कही। उन्होंने कहा कि शैक्षिक समन्वयक से मामले की जानकारी लेकर वस्तुस्थिति से विकासखंड शिक्षाधिकारी को अवगत कराया जाएगा। उधर जिला शिक्षाधिकारी ने भी मामले की जांच कराने की बात कही है।

‘‘मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के आधार पर आगे की कार्यवाही होगी।‘‘
श्री कुजूर,जिला शिक्षा अधिकारी,जशपुर

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