September 17, 2021
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आखिर क्या खाकर अमित शाह ने 20 किलो वजन कम जाने रहस्य

अमित शाह की 2014 और 2018 की
अमित शाह की 2014 और 2018 की

सूत्र बताते हैं कि भाजपा अध्यक्ष अपनी पार्टी के सहयोगियों को अपनी तरह सख्त दिनचर्या अपनाने को कह रहे हैं, हालांकि अधिकांश इसमें सफल नहीं हो पा रहे.

नयी दिल्लीः भाजपा नेताओं को अक्सर ही पार्टी अध्यक्ष अमित शाह से राजनीतिक सुझाव मिलते हैं, हालांकि अब वे वजन कम करने की सलाह भी पा रहे हैं. आखिरकार, बैरिएट्रिक सर्जरी के जादू के बगैर ही शुद्ध प्राकृतिक तरीकों से शाह ने लगभग 20 किलो वजन कम किया है.भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, पहले से फिट और पतले शाह द्वारा अक्सर ही अपने पार्टी सहयोगियों को स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है. हालांकि, बहुत कम ही इस मोर्चे पर गंभीरता पूर्वक कुछ कर पा रहे हैं, अधिकांश मुस्कुरा कर और सिर हिला कर रह जाते हैं.जिन कुछ लोगों ने उनका रास्ता अपनाया है, अब उसे बरकरार रखने में मुश्किलें झेल रहे हैं, क्योंकि शाह की दिनचर्या और भोजन बहुत सख्त है. सूत्र बताते हैं कि शाह को डायबिटीज है और वर्षों से लोग उनको वजन कम करने को बोल रहे हैं. कुछ कहते हैं कि बाबा रामदेव ने उनको कुछ योगासन भी सिखाने की कोशिश की थी. हालांकि, भाजपा अध्यक्ष ने फिट होने पर एक साल पहले ही ध्यान दिया और अपनी जीवनशैली को पूरी तरह बदलने का फैसला कर लिया.अब, चुनावी मौसम में भी, जब उनकी दिनचर्या बहुत व्यस्त होती है, शाह कम से कम अपना वजन तो जस का तस रख पाते हैं.अमित शाह ने लगभग एक साल पहले अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देना शुरू किया। इसके लिए उन्होंने अपनी दिनचर्या तथा खानपान की आदतों को पूरी तरह बदल डाला। अब वे चाहे जितने व्यस्त रहें खुद की सेहत के लिए थोड़ा समय निकाल ही लेते हैं। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पिछले एक साल से हर हाल में 7.30 बजे तक डिनर कर लेते हैं। वे मानते हैं कि व्यक्ति के मोटापे में देर रात्रि में भोजन करना प्रमुख कारण होता है। इसलिए देर रात में खाना खाने से परहेज उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देर रात को डिनर करने से वजन बढ़ता है इसलिए इसे हर हालत में अनदेखा करना चाहिए। दूसरा उपाय यह था कि ठोस ब्रेकफास्ट लिया जाए। उन्होंने इन उपायों की मदद से अपनी शूगर को भी कम कर लिया है। सूत्रों का कहना है कि वह सुबह पतंजलि का गिलोय-आंवला जूस लेते हैं और उसके बाद सैर को चले जाते हैं। सैर करना उनके लिए लाजिमी है। अगर चुनाव अभियान के दौरान वह सैर नहीं कर पाते तो वह कैलोरीज को घटाने का दूसरा रास्ता ढूंढ लेते हैं। शाह अपनी डाइट पर भी खास ध्यान देते हैं। एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा कि शाह अपना खाना अपने वाहन में साथ लेकर जाते हैं। अगर वह महसूस करते हैं कि अभियान के दौरान उन्हें विलंब हो जाएगा तो वह कार में खाना खा लेते हैं और फिर काम में जुट जाते हैं।

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