पर्यावरण संरक्षण एवं वैज्ञानिक स्वच्छता प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
रायपुर,
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत गरियाबंद जिले में निर्मित फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) का सफलतापूर्वक संचालन प्रारंभ कर दिया गया है। यह पहल जिले में स्वच्छता प्रबंधन को सुदृढ़ करने तथा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है।
नगर पालिका परिषद के समन्वय से आज प्लांट में स्लज के वैज्ञानिक उपचार की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीक पर आधारित इस प्लांट को इस प्रकार डिज़ाइन किया गया है कि टैंक में स्लज खाली होते ही उपचार की प्रक्रिया स्वतः प्रारंभ हो जाती है। इससे संपूर्ण प्रणाली सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं पर्यावरण के अनुकूल ढंग से संचालित होती है।
एफएसटीपी प्लांट की प्रमुख विशेषता इसकी छह-स्तरीय फिल्टर प्रणाली है। स्लज से प्राप्त तरल पदार्थ छह विभिन्न चरणों से होकर क्रमबद्ध रूप से शोधन प्रक्रिया से गुजरता है। शुद्धिकरण के उपरांत यह जल अंतिम पॉड में संग्रहित किया जाता है, जिसका उपयोग बागवानी एवं पौधों की सिंचाई में किया जा सकेगा। वहीं उपचार प्रक्रिया के पश्चात टैंक में शेष ठोस अवशेष उच्च गुणवत्ता वाली प्राकृतिक जैविक खाद में परिवर्तित हो जाता है, जिसका उपयोग कृषि एवं उद्यानिकी गतिविधियों में किया जा सकता है।
अधिकारियों ने बताया कि प्लांट के सक्रिय होने से क्षेत्र में खुले में गंदगी की समस्या में उल्लेखनीय कमी आएगी तथा जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने में सहायता मिलेगी। यह परियोजना स्वच्छता के सतत एवं वैज्ञानिक प्रबंधन की दिशा में एक मॉडल पहल सिद्ध होगी।
