मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की जनकल्याणकारी योजनाओं से मिली नई राह

बालोद की टिकेश्वरी बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल, मजदूरी से किराना व्यवसाय तक का प्रेरक सफर

रायपुर, 

जब मजबूत संकल्प और शासन की जनहितकारी योजनाओं का सहयोग मिल जाता है, तब सीमित संसाधनों के बीच भी सफलता की नई कहानी लिखी जा सकती है। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना ने प्रदेश की हजारों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। बालोद जिले के डौंडी विकासखंड के ग्राम खम्हारटोला की रहने वाली श्रीमती टिकेश्वरी की कहानी इसी बदलाव का प्रेरक उदाहरण है, जिन्होंने संघर्षपूर्ण जीवन से आगे बढ़ते हुए आज आत्मनिर्भरता की राह पकड़ ली है।

कुछ समय पहले तक टिकेश्वरी अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए मजदूरी पर निर्भर थीं। मजदूरी से होने वाली आय अनिश्चित होने के कारण परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। सीमित आय में घर का खर्च चलाना, बच्चों की पढ़ाई और भविष्य की चिंता उन्हें हमेशा परेशान करती थी। इन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपने जीवन में स्थिरता और बेहतर भविष्य के लिए लगातार प्रयास करती रहीं।

इसी दौरान उन्हें राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना का लाभ मिलने लगा। इस योजना के तहत हर माह मिलने वाली सहायता राशि ने उनके भीतर आत्मविश्वास और नई उम्मीद जगाई। टिकेश्वरी ने इस राशि को केवल दैनिक खर्चों में उपयोग करने के बजाय उसे संचित कर एक छोटे व्यवसाय की शुरुआत करने का निर्णय लिया। महिला स्व-सहायता समूह से जुड़कर उन्होंने अपनी आर्थिक गतिविधियों को और मजबूत बनाया। महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि को धीरे-धीरे संकलित करते हुए और अपनी मेहनत व लगन के बल पर उन्होंने अपने गांव में ही एक छोटी किराना दुकान की शुरुआत की। आज यह दुकान उनके परिवार की आय का स्थायी स्रोत बन चुकी है।

किराना दुकान से होने वाली आय से टिकेश्वरी अब अपने परिवार की दैनिक आवश्यकताओं को सहजता से पूरा कर पा रही हैं। वे अपने दोनों बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दे रही हैं और उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत कर रही हैं। टिकेश्वरी के जीवन में आए इस सकारात्मक बदलाव में शासन की विभिन्न योजनाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि उन्हें शासन की ओर से निःशुल्क राशन भी प्राप्त हो रहा है, जिससे परिवार की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित हुई है और आर्थिक बोझ भी कम हुआ है। साथ ही महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि सीधे उनके बैंक खाते में आने से उन्हें आर्थिक रूप से काफी संबल मिला है।

अपनी प्रगति और परिवार में आई खुशहाली से प्रसन्न टिकेश्वरी ने प्रदेश सरकार की महिला हितैषी नीतियों की सराहना की है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की इन योजनाओं ने उनके जैसे हजारों परिवारों को आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर दिया है। छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना आज प्रदेश की महिलाओं के लिए केवल आर्थिक सहायता का माध्यम भर नहीं रह गई है, बल्कि यह उनके सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सम्मान की दिशा में एक मजबूत कदम बनकर उभरी है। टिकेश्वरी जैसी महिलाएं इस योजना की सफलता की जीवंत मिसाल बनकर समाज में नई प्रेरणा का संचार कर रही हैं।

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