बंगाल में राष्ट्रवाद का उदय: टीएमसी के ‘खूनी खेल’ और ‘काले शासन’ का अंत, यह जीत हमारे अमर बलिदानियों को समर्पित — शिव प्रकाश तिवारी

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणामों में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक और प्रचंड विजय ने भारतीय राजनीति के इतिहास में एक नया अध्याय लिख दिया है। इस अभूतपूर्व सफलता पर अपनी विस्तृत प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के प्रदेश कार्य समिति सदस्य, श्री शिव प्रकाश तिवारी जी ने इसे “अधर्म पर धर्म की विजय” करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह जीत केवल आंकड़ों की जीत नहीं है, बल्कि बंगाल की उन करोड़ों शोषित आवाजों की गूँज है जिन्हें वर्षों तक दबाया गया था।

बलिदान की नींव पर खड़ा हुआ जीत का स्तंभश्री शिव प्रकाश तिवारी ने अत्यंत भावुक होते हुए कहा, “आज का यह दिन उन माताओं, बहनों और भाइयों के नाम है जिन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। बंगाल की सड़कों पर हमारे कार्यकर्ताओं का जो रक्त बहा था, आज उसी रक्त ने क्रांति का रूप लेकर भाजपा की प्रचंड विजय का मार्ग प्रशस्त किया है। यह जीत उन देवतुल्य कार्यकर्ताओं को सच्ची श्रद्धांजलि है, जिन्होंने टीएमसी के बर्बर शासन के सामने घुटने नहीं टेके। उनकी शहादत को यह देश कभी नहीं भूलेगा।”ममता सरकार के ‘जंगलराज’ और आतंक का पर्दाफाशटीएमसी शासनकाल के दौरान हुए अत्याचारों का विवरण देते हुए तिवारी जी ने कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में बंगाल ने आधुनिक भारत का सबसे वीभत्स ‘काला शासन’ देखा है। उन्होंने टीएमसी के गुंडों के आतंक का जिक्र करते हुए कहा:रात का खौफ: बंगाल में स्थिति ऐसी थी कि यदि दिन में किसी गरीब किसान या युवा ने भाजपा का झंडा उठा लिया या कमल के फूल का प्रचार कर दिया, तो आधी रात को टीएमसी के सशस्त्र गुंडे उनके घरों पर हमला बोल देते थे।प्रताड़ना की पराकाष्ठा: हमारे कार्यकर्ताओं को केवल वैचारिक मतभेद के कारण उनके परिवारों के सामने पीटा गया, उनके घर फूंक दिए गए और उन्हें अपनी ही जमीन पर शरणार्थी बनने को मजबूर किया गया।गुंडों का समानांतर प्रशासन: ममता बनर्जी ने पुलिस और प्रशासन को मूकदर्शक बनाकर पूरे राज्य को टीएमसी के गुंडों के हवाले कर दिया था, जहाँ डराना, धमकाना और हत्या करना एक राजनीतिक हथियार बन चुका था।किसान और गरीब के आत्मसम्मान की जीतभाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश कार्य समिति सदस्य के नाते श्री तिवारी ने विशेष रूप से किसानों की स्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ममता सरकार ने केंद्रीय योजनाओं को रोककर बंगाल के किसानों के साथ अन्याय किया था। टीएमसी के बिचौलिए और सिंडिकेट किसानों का हक मार रहे थे। आज की यह जीत उन किसानों के आत्मसम्मान की जीत है जो अब बिना किसी डर के अपनी फसल बेच सकेंगे और ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ जैसी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे।भयमुक्त ‘सोनार बांग्ला’ का संकल्पश्री शिव प्रकाश तिवारी ने अपने वक्तव्य के अंत में संकल्प दोहराते हुए कहा, “आज बंगाल की गलियों से आतंक का साया हमेशा के लिए हट गया है। टीएमसी के गुंडों का वह खौफ अब इतिहास की बात हो गई है। भाजपा की यह सरकार बदला लेने के लिए नहीं, बल्कि बंगाल की खोई हुई गरिमा को वापस लाने के लिए काम करेगी। अब बंगाल में ‘सिंडिकेट राज’ नहीं, बल्कि ‘कानून का राज’ होगा।”तिवारी जी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और गृह मंत्री श्री अमित शाह जी की कुशल रणनीति को इस ऐतिहासिक परिवर्तन का सूत्रधार बताया और बंगाल की जनता को विश्वास दिलाया कि अब विकास का पहिया तेज गति से घूमेगा।

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