Kota-Updete:-झीरम घाटी के शहीद अमर रहे के नारो से गूंज उठा जय स्तंभ नाका चौक।

ब्लॉक-कांग्रेस-कमेटी कोटा के तत्वाधान में कोटा-नगर सहित ग्रामीण-क्षेत्रों के कांग्रेसी जुटे जय स्तंभ नाका चौंक में।

25 मई 2013 को बस्तर के दरभा-घाटी में माओवादियों द्वारा किया गया था हमला..घटना के 13 साल बाद भी..?

**दिनांक:-27/05/2026**मोहम्मद जावेद खान हरित छत्तीसगढ़।।**करगीरोड-कोटा:-25-मई को कांग्रेस-पार्टी के परिवर्तन यात्रा में शामिल वरिष्ठ नेताओं सहित सुरक्षा में तैनात पुलिस जवानो की झीरम घाटी में हुए नक्सली हमले में हुई शहादत को लेकर कोटा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में जय-स्तम्भ नाका चौक पर श्रंद्धांजलि सभा कार्यक्रम रखा गया..जिसमें कि कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने श्रंद्धांजलि अर्पित करते हुए..कहा कि परिवर्तन यात्रा के नेतृत्व कर रहे स्व:नंदकुमार पटेल जी का स्वागत इसी जय स्तम्भ चौक पर हम सभी ने किया था..

जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष 25-मई को कांग्रेस-पार्टी के परिवर्तन यात्रा में शामिल वरिष्ठ नेताओं सहित सुरक्षा में तैनात पुलिस जवानो की झीरम घाटी में हुए नक्सली हमले में शहादत को लेकर कोटा नगर जय स्तम्भ चौक पर श्रंद्धांजलि सभा कार्यक्रम रखा गया।**प्रमुख रूप से कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने श्रंद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि परिवर्तन यात्रा के नेतृत्व कर रहे स्व:नंदकुमार पटेल जी का स्वागत जय स्तम्भ चौक पर हम सभी ने मिलकर किया था..जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक महेंद्र गंगोत्री ने भी श्रंद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि परिवर्तन यात्रा के दौरान बिलासपुर जिले के सीमाओं तक उनके साथ में चला था..आज के श्रद्धांजलि कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा ब्लाक कांग्रेस कमेटी कोटा अध्यक्ष अरुण त्रिवेदी द्वारा तैयार किया गया था..जिसमें कि काफी संख्या में कोटा नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए सभी ने केंडल जलाकर अपनी ओर से श्रंद्धांजलि अर्पित की झीरम घाटी के शहीद अमर रहे कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद के नारो से जय स्तंभ नाका चौंक गूंज उठा।**25 मई 2013 को बस्तर के दरभा-घाटी के पास माओवादियों द्वारा किया गया बड़ा हमला:–**25 मई 2013 को छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में दरभा-घाटी के पास माओवादियों द्वारा किया गया.एक भीषण और सुनियोजित हमला जो कि स्वतंत्र-भारत के इतिहास में किसी राजनीतिक दल के नेतृत्व पर सबसे बड़ा नक्सली हमला था..जब छत्तीसगढ़ कांग्रेस की ‘”परिवर्तन यात्रा'” सुकमा से जगदलपुर लौट रही थी..तभी झीरम घाटी के घने जंगलों में नक्सलियों ने काफिले को रोककर अंधाधुंध गोलीबारी और बम धमाके किए जिससे कि कांग्रेस के दिग्गज नेता नंदकुमार पटेल, वरिष्ठ आदिवासी नेता महेंद्र कर्मा और पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल सहित कांग्रेस के लगभग 32 नेता-कार्यकर्ता और सुरक्षा बल के जवान शहीद हो गए थे, इस घटना को लेकर लंबे समय तक राजनीतिक विवाद रहा कांग्रेस इसे महज एक नक्सली वारदात न मानकर एक बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र बताती रही है जिसकी जांच के लिए कई आयोग और न्यायिक समितियां बनाई गई…इस हत्याकांड के मास्टरमाइंड नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों ने कार्रवाई की लेकिन साजिश के असली सूत्रधारों का पता लगाने की मांग और न्याय की लड़ाई आज भी राज्य में एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनी हुई है।

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