विश्व पर्यावरण दिवस 2026 पर रायपुर में भव्य आयोजन सम्पन्न

रायपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून 2026 को छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा रायपुर स्थित राजीव स्मृति वन ऊर्जा पार्क में “Inspired by Nature – For Climate, For Our Future” थीम पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों, वन अधिकारियों, पर्यावरणविदों, शिक्षाविदों एवं समाजसेवियों ने पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन एवं सतत विकास को लेकर अपने विचार साझा किए।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai रहे। वहीं वन मंत्री Kedar Kashyap, अपर मुख्य सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग मनोज कुमार पिंगुआ (IAS), प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) एवं HoFF अरुण कुमार पांडे (IFS), मुख्य वन संरक्षक गुरुनाथन एन. (IFS), सचिव नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्रीमती आर. संगीत (IAS), अमिटी विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति डॉ. पीयूष कांत पांडे, पर्यावरणविद् डॉ. मनोज कुमार “बरगद बाबा”, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा, “वॉटरमैन ऑफ छत्तीसगढ़” वीरेंद्र सिंह तथा पर्यावरण कथावाचक भूमिका यादव सहित अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के तकनीकी सत्र में जशपुर जिले के युवा सर्प एवं जैव विविधता संरक्षण कार्यकर्ता आयुष मान शर्मा ने विशेष संबोधन दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा तपकरा में सर्प ज्ञान केंद्र की स्थापना की घोषणा के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जशपुर जिले का तपकरा क्षेत्र अपनी समृद्ध जैव विविधता, सर्पों के साथ जनजातीय समुदायों के पारंपरिक सह-अस्तित्व तथा प्रकृति संरक्षण की अनूठी संस्कृति के कारण “छत्तीसगढ़ का नागलोक” कहलाता है।आयुष मान शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रस्तावित सर्प ज्ञान केंद्र सर्प संरक्षण एवं जनजागरूकता का महत्वपूर्ण केंद्र बनने के साथ-साथ क्षेत्र की जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक ज्ञान एवं जैव विविधता संरक्षण को नई पहचान देगा। उन्होंने कहा कि यह पहल स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, प्रकृति पर्यटन, शोध, शिक्षा तथा सामाजिक एवं आर्थिक विकास के नए अवसर सृजित करेगी तथा तपकरा को राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट प्रकृति एवं सर्प संरक्षण केंद्र के रूप में स्थापित करेगी।इस दौरान प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) एवं HoFF अरुण कुमार पांडे (IFS) ने मुख्यमंत्री द्वारा घोषित सर्प ज्ञान केंद्र को शीघ्र पूर्ण रूप से स्थापित एवं सुचारू रूप से संचालित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने विश्वास दिलाया कि यह केंद्र सर्प संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन, जनजातीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा स्थानीय पर्यटन एवं आजीविका विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा।विश्व पर्यावरण दिवस 2026 का यह आयोजन प्रकृति संरक्षण, जनभागीदारी एवं पर्यावरणीय जागरूकता के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में याद किया जाएगा, जिसने “प्रकृति से प्रेरित होकर भविष्य की रक्षा” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया।🌱 “प्रकृति का संरक्षण ही भविष्य का संरक्षण है।”🌍 विश्व पर्यावरण दिवस 2026 की हार्दिक शुभकामनाएँ।
